व्यक्ति विशेष: एफिल टॉवर से ऊंचा है बाहुबली में बना महल!

By: | Last Updated: Saturday, 18 July 2015 12:38 PM
व्यक्ति विशेष: एफिल टॉवर से ऊंचा है बाहुबली में बना महल!

बॉलीवुड एक ऐसा चमकता संसार. जहां रोशनियां है. रंगीनियां है. शोहरत है तो दौलत है और इज्जत भी बेहिसाब है. यहां तरह-तरह के चेहरे हैं. खूबसूरत भी और बिंदास भी. लेकिन इस संसार में भी हर शुक्रवार एक फैसला होता है. ग्लैमर से भरी इस दुनिया के अपने ही कायदे है और कानून भी. लेकिन बॉलीवुड की इस सल्तनत पर हुकूमत करता है एक ऐसा सुल्तान. जिसे लोग कहते हैं सलमान खान.

 

बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान आज बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी की सबसे बड़ी पहचान बन चुके है. बॉलीवुड की रंगीन दुनिया में यूं तो खान बहुतेरे हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से सिनेमा के परदे पर सलमान का सितारा इस शिद्दत से चमक रहा है कि इससे बॉलीवुड के दूसरे खान आमिर और शाहरुख की आखें भी चौंधियां गई है. पिछले पांच सालों से सलमान की फिल्मों ने बार – बार ये साबित भी किया है कि बॉक्स ऑफिस के असली सिकंदर हैं सिर्फ सलमान खान.

 

बॉलीवुड के बजरंगी भाईजान ने एक बार फिर सिनेमा के परदे पर जोरदार दस्तक दी है लेकिन इस बार उनके लिए बॉक्स ऑफिस की राह आसान नहीं है क्योकि उनके सामने चुनौती बनकर खड़ा है बाहुबली का अनोखा संसार. बजरंगी भाईजान को जिस बाहुबली ने डराया है दरअसल वो मुंबई से करीब साढे छह सौ किलोमीटर दूर तेलगू सिनेमा के परदे पर रचा एक ऐसा किरदार है जिसके तिलिस्मी जादू ने दुनिया भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है.

बाहुबली के इस किरदार को सिनेमा के परदे पर रचने वाले फिल्म निर्देशक राजामौली वो शख्स है जिन्होनें परदे पर भावनाओं का एक ऐसा तूफान पेश किया है जिसके झटके को महूसस कर रहे हैं बॉलीवुड के सुल्तान सलमान खान.

 

मुंबई में बॉलीवुड की इस सिनेमाई दुनिया से करीब 650 किलोमीटर दूर हैदराबाद शहर में ये सिनेमा की एक और सारी दुनिया है. दक्षिण भारत की इस तेलगू फिल्म इंडस्ट्री को टॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है और इसी तेलगू फिल्म इंडस्ट्री ने देश के सिनेमाई इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है जिसका नाम है बाहुबली. 

 

तेलगू और तमिल में बनी फिल्म बाहुबली ने रिलीज के पहले ही हफ्ते में कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए है. खास बात ये है कि जिस बाहुबली को एक रीजनल फिल्म माना जा रहा था उसने दुनिया भर में बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी का एक ऐसा तूफान खड़ा कर दिया है जिसके सामने बॉलीवुड के बजरंगी भाईजान के कदम भी ठिठक गए हैं.  

 

फिल्म बाहुबली को भारत की सबसे बड़ी फिल्म माना जा रहा है तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इस फिल्म का वो तिलिस्मी संसार है जिसमें स्पेशल इफेक्ट की कारीगरी के साथ किरादरों के जरिए भावनाओं का एक ऐसा तूफान खड़ा किया गया है जिसकी गिरफ्त से निकल पाना दर्शकों के लिए आसान नहीं हैं. दरअसल बाहुबली महज एक फिल्म नहीं है बल्कि ये सिनेमा के परदे पर रची गई एक ऐसी तिलिस्मी दुनिया है जिसके लार्जर दैन लाइफ किरदार, भव्य सेट और स्पेशल इफेक्ट से सजे दृश्यों के अलावा जबरदस्त एक्शन भरे जंग के खौफनाक मैदान दर्शकों को मत्रंमुग्ध करके रख देते हैं.

 

राजामौली बताते हैं कि हमारे लिए ये सिर्फ एक फिल्म नहीं है ये एक दुनिया है जो कि बाहुबली के लिए हमने बनाई गई है. और अगर दर्शक इस दुनिया में आते है तो वो लंबे वक्त तक इसमें रहेंगे.

 

फिल्म बाहुबली के निर्देशक राजामौली का नाम तेलगू फिल्म इंडस्ट्री में बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है. मगधेरा और ऐगा जैसी चर्चित फिल्में बनाने वाले राजामौली दक्षिण भारत में लाइन से दस सुपरहिट फिल्में दे चुके हैं. खास बात ये है कि कैमरे के पीछे रह कर परदे पर बाहुबली का अनोखा संसार रचने के लिए राजामौली ने अपनी जिंदगी के करीब आठ साल खर्च किए है.

 

फिल्म बाहुबली में परदे पर नजर आने वाला दूसरा अहम किरदार है प्रभाष. बाहुबली में सिवुडु का मुख्य किरदार निभाने वाले प्रभाष तेलगू फिल्मों के सुपरस्टार है और उन्होंने फिल्म बाहुबली की 300 दिनों तक लगातार शूटिंग की है. बाहुबली का तीसरा अहम किरदार है अभिनेत्री तमन्ना भाटिया. बॉलीवुड में फिल्म चांद सा रोशन चेहरा से अभिनय की शुरुवात करने वाली तमन्ना ने ज्यादातर साउथ की फिल्मों में काम किया है लेकिन बाहुबली ने उन्हें अब दुनिया भर में एक नई पहचान दिला दी है.

 

राणा डग्गुबाटी. यानी फिल्म बाहुबली के विलेन भल्लालादेव. एक ऐसा विलेन जिसका आसमान छूता अंहकार भी दर्शकों को फिल्म से बांध देता है. फिल्म बाहुबली के निर्देशक राजामौली बताते हैं कि बाहुबली सिर्फ मेरे लिए एक सपना नहीं है. ये मेरे लिए सपने के सच होने जैसा है. मैं इस दुनिया में अर्से से जीता रहा हूं. बाहुबली के कैरेक्टर भल्लादेवा, शिवगामी, कटप्पा ये सारे किरदार कुछ साल पहले आए. लेकिन लार्जर दैन लाइफ कैरेक्टर की दुनिया, लार्जर दैन लाइफ इमोशन, लार्जर दैन लाइफ इनवायरमेंट. सबकुछ जिस दुनिया में मैं लंबे वक्त तक जीता रहा हूं. मैं अंकितपाई अमरचित्रकथा का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होने ये फैंटेसी मेरे अंदर डाली.

 

करीब ढाई सौ करोड़ रुपये की लागत से बनी बाहुबली को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्म माना जा रहा है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर बाहुबली में ऐसी क्या बात है कि इसे पर्दे पर उतारने के लिए पैसा पानी की तरह बहा दिया गया. दरअसल बाहुबली एक काल्पनिक प्राचीन राज्य माहेष्मती की कहानी है. ये फिल्म आपको अतीत की एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहां तीर कमान से लड़ते योद्धाओं के जरिए आप इस कहानी के दौर का अंदाजा आसानी से लगा सकते हैं.

 

इस फिल्म में कई हाथियों के बलवाले बाहुबली सिवुडु का मुख्य किरदार दिखाया गया है तो वहीं फिल्म के दूसरे किरदार भी महाभारत और रामायण से प्रेरित नजर आते हैं. जिस तरह रामायण में रावण सीता का हरण कर लेता है ठीक इसी तरह फिल्म में बाहुबली यानी सिवुडु की मां देवासेना दुश्मनों की कैद में दिखाई गई है. महाभारत में सिंहासन को लेकर जिस तरह भाइयों के बीच जंग छिड़ती है ठीक उसी तरह फिल्म में बाहुबली और उसके चचेरे भाई भल्लाला देवा में माहेष्मती का राज हथियाने को लेकर होड़ होती है जाहिर है कि फिल्म बाहुबली की कहानी में नयापन नहीं है बावजूद इसके इस फिल्म की भव्यता ने दर्शकों का मन मोह लिया है. 

 

फिल्म बाहुबली के निर्देशक राजमौली बताते हैं कि महाभारत से बुहत कुछ प्रेरित है. सिर्फ ये फिल्म ही नहीं बल्कि मेरी सभी फिल्में महाभारत और रामायण से प्रेरित रही हैं. क्योकि ये दो इपिक मुझे बचपन से लुभाते रहे हैं. लेकिन ये इस तरह की प्रेरणा नहीं है कि महाभारत के किस किरदार को उठा कर फिल्म में रख लिया. लेकिन एक इमोशनल कनेक्ट जरुर इन इपिक से लिया गया है.

 

फिल्म बाहुबली की हीरोईन तमन्ना बताती हैं कि ये फिल्म एक्चुअली रीजनल फिल्म नहीं है. बेशक इस फिल्म को हमने तेलगू और तमिल में शूट किया है. पर ये फिल्म जिस स्केल पर बनाई गई है और जिस तरीके से बनाई गई है. उसको आप रीजनल इसमें रख ही नहीं सकते.

 

फिल्म बाहुबली में परदे के पीछे से निर्देशक राजामौली ने अपना पूरा बाहुबल दिखाया है और यही वजह है कि ये फिल्म पिछले एक हफ्ते से बॉक्स ऑफिस पर अपना दमखम दिखा रही है. पिछले शुक्रवार को रिलीज के पहले ही दिन दुनिया भर में कुल 60 करोड़ की कमाई कर बाहुबली ने बॉक्स ऑफिस पर जहां नया रिकॉर्ड बनाया वहीं सिर्फ पहले एक हफ्ते में ही ये 250 करोड़ रुपये की कमाई का आकड़ा भी पार कर चुकी है.

 

फिल्म समीक्षक मयांक शेखर बताते हैं कि इस फिल्म की बाक्स आफिस की अगर हम बात करें तो हॉलीवुड की फिल्मों की जो बजट होती है 10 टाइम होती है. पर उनकी बॉक्स ऑफिस पूरी ग्लोब से आती है. पूरी दुनिया से आती है. इंडिया में भी आजकल हॉलीवुड फिल्में 100 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस करती हैं. लेकिन हमारे पास ऐसी ऑडियंश नहीं है. पूरी दुनिया में नहीं है तो उस तरह का बजट अफोर्ड करना मुश्किल हो जाता है. पर यहां पर इन्होंने एक बहुत ही अच्छा काम किया है. अफकोर्स तमिल में बनाया है. फिर उसको डब किया है मलयालम में फिर उसको डब किया है हिंदी में फर्स्ट डे जो इसके टिकट रेट थे वो बहुत ज्यादा थे साउथ आफ इंडिया. औऱ आपने ज्यादा स्टार्स पर खर्च नहीं किया है. एक सिनेमा पर खर्च किया है. और इसीलिए शायद इसने पचास करोड़ का ओपनिंग किया है विच इज ए ग्रेट थिंग.

 

बॉक्स ऑफिस पर बाहुबली की बड़ी कामयाबी की सबसे बड़ी वजह इसके निर्देशक राजामौली की वो हुनरमंदी है जिसके जरिए उन्होंने अपने पिता विजेंद्र प्रसाद की लिखी कहानी को इतनी खूबसूरती से फिल्मी पर्दे पर उतारा है कि ये फिल्म रामायण और महाभारत जैसी सदियों पुरानी महागाथाओं जैसा जादू पैदा करने में कामयाब हो सकी है. निर्देशक राजामौली ने फिल्म में कई ऐसे सीन भी रचे हैं जो लार्जर दैन लाइफ फिल्में देखने वालो को ताली बजाने पर मजबूर कर देते हैं. यही नहीं फिल्म में हर किरदार के लिए खास तरह के दृश्य भी बनाए गए है लेकिन इस फिल्म के सबसे अहम दृश्य वो है जो युद्द के मैदान को लेकर रचे गए है. हैरतअंगेज कर देने वाले इसके स्टंट और वार सीन क्रिएट करने के लिए इसमे हुए स्पेशल इफेक्ट के इस्तेमाल को हॉलीवुड की टक्कर का माना जा रहा है और यही वजह है कि स्पेशल इफेक्ट फिल्म बाहुबली की सबसे बड़ी पहचान बन गए हैं.

  

फिल्म बाहुबली के निर्देशक राजामौली बताते हैं कि वर्ल्ड ऑडियंश या तेलगू दर्शक या हिंदी दर्शक. मैं इसमें यकीन नहीं करता हूं. मेरी फिल्म मेकिंग मेरे इमोशनल कनेक्ट से स्टार्ट होती है. मैं किस तरह इमोशनल को दर्शकों के साथ बेहतर ढंग से कनेक्ट कर सकता हूं. बडे सेट, बडे सीक्वेंशेस ये सारी चीजें किरदार से आती हैं.

हमारा एक कैरेक्टर है भल्लादेवा जो लार्जर दैन लाइफ है. उसका एक इगो है, जो कि अपना सौ फीट का सोने का स्टेचू बनाता है. तो उस तरह के कैरेक्टर के लिए एक महल चाहिए जिसमें वो रहता हो. तो फिर हमने महल बनाया जो कि एफिल टावर से ऊंचा है. किस तरह की वो आर्मी रखता है. किस तरह के कपड़े पहनता है. किस तरह का मुकुट है. तो मैं फिल्म इस तरह से बनाता हूं ऐसे नहीं कि वर्ल्ड फिल्म बनाना है ऐसी बनाना है मैं ऐसा नहीं सोचता.

 

दक्षिण भारत की छोटी सी फिल्म इंडस्ट्री में बनी बाहुबली के एक्शन सीकवेंश हॉलीवुड की फिल्मों को टक्कर देते नजर आते है शायद ये भी एक वजह है कि इस फिल्म की जहां हॉलीवुड की वॉर फिल्म थ्री हंड्रेड से तुलना की जा रही है वहीं 60 के दशक में बनी बॉलीवुड की पहली मेगा बजट फिल्म मुगले आजम से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है.

 

राजामौली बताते हैं कि ये एक दिन में नहीं हुआ. हमने एक एक ईट जोड़कर ये बनाया है. औऱ ये मेरा पैसा नहीं है ये प्रोड्यूसर का पैसा है. इसलिए ये मेरी उनके लिए नैतिक जिम्मेदारी थी. तो यहां कांट्राडक्टरी इमोशन थे. जब मैं देख रहा था कि एक तरफ बजट बढता जा रहा है औऱ दूसरी तरफ मैं देख रहा था कि मेरा सपना मेरी दुनिया बनती जा रही थी. ये दो इमोशन थे.

सिनेमा की सुनहरी दुनिया में अपने सपने बाहुबली को परदे पर उतारने की राजामौली की ये कोशिश तो कामयाब रही है लेकिन बचपन से अमरचित्रकथा के जिन किरदारों के साथ वो जीये हैं उसको फिल्मी हकीकत में तब्दील करने में उन्हें अपनी जिंदगी के बेशकीमती आठ साल खर्च करने पड़े है. फिल्म बाहुबली बनाने का आइडिया राजामौली के जहन में करीब आठ साल पहले गूंजा था और फिर इसके बाद से ही चुनौतियों से जूझने का एक लंबा सिलसिला शुरु हो गया था.

 

राजामौली बताते हैं कि 380 दिन शूट हुआ. कितना समय लगा बाहुबली को बनने में. जवाब – आश्चर्य जनक तौर पर स्टोरी पार्ट तो बुहत जल्दी पूरा हो गया था. ढाई से तीन महीने में पूरी स्क्रिप्ट हमारे हाथ में थी. लेकिन उसके बाद कॉन्सेप्ट स्केचेज, प्री विजुलाइजेशन वर्क, सेटिंग अप द लोकेशन, बिल्डिंग द सेट. इसमें करीब ढाई साल लग गए. क्योकि हम लगातार कर रहे थे.

 

फिल्म निर्माता राकेश उपाध्याय बताते हैं कि जिस वक्त इस फिल्म की शूटिंग हो रही थी तो इस फिल्म की एक हीरोइन है अनुष्का शेट्टी मैं नाम नहीं बताउंगा लेकिन एक फिल्म के लिए मैंने उन्हें एप्रोच किया था. तो उनके यहां से ये बात थी कि वो डेढ़ साल तक वो सिर्फ इस फिल्म में पड़ी हैं. जिसकी शूट चल रही है इस बीच वो कुछ भी नहीं करेंगी. तो एक डेडीकेशन, एक फिल्म का जो मेकिंग है ग्रेंजर है लुक है. जो कन्टेंट है फिल्म में. क्रेडिबिलिटी उसकी इतनी अच्छी है परसेप्शन इतना अच्छा है. कि पीपुल वान्ट टू सी.

 

बाहुबली पहली भारतीय फिल्म है जो एक्शन और स्टंट सीन से लेकर स्पेशल इफेक्ट तक हॉलीवुड की फिल्मों को टक्कर देते नजर आ रही हैं यही वजह है कि 250 करोड़ रुपये में बनी बाहुबली का अस्सी फीसदी बजट इसकी शूटिंग शुरु होने से पहले ही खर्च हो चुका था. बाहुबली के बिग बजट के पीछे इस फिल्म का प्रोडक्शन डिजाइन अहम वजह माना जा रहा है दरअसल ये फिल्म एक लोककथा पर आधारित है इसीलिए फिल्म की शूटिंग के लिए ढाई हजार साल पुराने एक शहर को बसाना पहली जरुरत थी. फिल्म के किरदारों को सदियों पुराने राजाओं जैसा लुक देना और उन्हें लार्जर दैन लाइफ दिखाने के लिए स्पेशल इफेक्ट की ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करना भी जरुरी था जिसका प्रयोग अब तक हॉलीवुड की फिल्मों में ही होता रहा है. फिल्म बाहुबली को भव्यता देने के लिए सबसे पहले इसके सेट के पंद्रह हजार स्केच तैयार किए गए थे और इसके बाद 100 टेकनीशियन की टीम ने दिन – रात मेहनत करके करीब 400 कंप्यूटरों के जरिए फिल्म के स्पेशल इफेक्ट को तैयार किया था.

 

फिल्म बाहुबली के निर्देशक राजामौली बताते हैं कि इस फिल्म में 16 स्टूडियों ने तीन साल तक काम किया है. इस फिल्म के विजुअल्स इफेक्ट करने के लिए. और करीब 300 आर्टिस्ट ने तीन साल तक काम किया है जो आप ट्रेलर में देख रहे हैं. जोकि फिल्म का एक छोटा सा हिस्सा दिख रहा है. जहां तक हमारा सवाल है हमने टेकनीक को फ्रंट में नहीं रखा है. हमने टेकनीक को पीछे रखा है. हमने उन किरदारों का करैक्टराइजेश किया है जो इन कलाकारों ने निभाया है. और हर एक प्रभावशाली रहा है. जैसा कि आप वाटर फाल वाले सीन में एक शख्स जंप करके वाटर फाल को पार करता है ये कोई आम वाटरफाल नहीं जो कोई क्रास कर रहा है.

 

बाहुबली के निर्देशक राजामौली ने सबसे पहले ऐसे 25 विजुअल आर्टिस्ट को अपनी निर्माण टीम से जोड़ा जो फिल्म में उनकी कल्पना के मुताबिक प्राचीन राज्य का नक्शा कागज पर उतार सकें. फिल्म में एक प्राचीन माहेष्मती राज्य को दिखाने के लिए करीब एक हजार वर्करों ने अपना खून – पसीना एक कर दिया था लेकिन बाहुबली के इस संसार का ज्यादातर हिस्सा सेट की शक्ल में जमीन पर नहीं बल्कि कंप्यूटर की स्क्रीन पर बनाया गया है. फिल्म के प्रोमो में भी जो एक बहुत बड़ा स्टैच्यू दिखाया गया है उसे बनाने के लिए फिल्म की टीम ने पहले इसका एक छोटा थ्री डी मॉडल बनाया और फिर इसकी सौ फिट ऊंची रिपलिका तैयार की गई थी फायबर से बनी इस विशाल मूर्ति को बनाने के लिए तीन इंडस्ट्रियल क्रेन के साथ करीब 200 मजूदरों ने 1 महीने तक काम किया था.

 

बाहुबली चूंकि एक पीरियड फिल्म है इसलिए इसके एक्शन सीन्स में घोड़े, हाथी जैसे जानवरों को शामिल करना भी लाजिमी था फिल्म के वार सीन्स में इन जानवरों को गिरते और घायल होते हुए भी दिखाया जाना जरुरी था लिहाजा फिल्म में असली जानवरों को उनके मेकैनिकल मॉडल्स के जरिए रिप्लेस किया गया. दरअसल बाहुबली में जो जानवर इसमें दिखाए गए है वो सारे कंप्यूटर के जरिए तैयार किए गए है.  

 

एस एस राजामौली बताते हैं कि पचास साठ साल पहले शुरुवात कर चुके थे. उनके पास विजनरी डायरेक्टर और एक्टर हुए है. लेकिन सिर्फ हम एक तरीके से उन्हें मैच कर सकते हैं. वो हमारे इमोशन है. इमोशन और महाभारत और रामयाण जैसे इपिक ये जो चीजें है जिनमें हम उनसे ज्यादा बेहतर है. लेकिन दूसरे सारे डिपार्टेमेटं में वो हमसे बुहत आगे है.

 

बाहुबली युद्ध आधारित फिल्म है. वैसे भी किसी पीरियड फिल्म के लिए कॉस्टयूम डिजाइन करना सबसे बड़ा चेलैंज माना जाता है, ऐसी पोशाके जो कम वजनी और आरामदायक हो जिन्हें पहनकर कलाकार आराम से अपना काम अंजाम दे सके. बाहुबली के फाइट सीन्स में ऐसी तलवारों औऱ ढालों का इस्तेमाल भी किया गया है जो कम वजन वाले कार्बन फाइबर से बनाई गई थीं. खास बात ये है कि इसी मटेरियल का हेलिकॉप्टर के पखों को बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है यही वजह है कि कार्बन फाइबर मटेरियल के इस्तेमाल से फिल्म के कलाकारों को एक्शन सीन करने में आसानी हुई. फिल्म में वॉर एक्सेसरीज के रुप में कवचों और ढालों को बनाने के लिए कछुए की खाल और लकड़ी का भी इस्तेमाल किया गया है ताकि वो वास्तविक लगे. इसके अलावा फिल्म में काम करने वाले कलाकारों को मार्शल आर्ट से लेकर माउंटेनरिंग और तलवार बाजी जैसी सख्त ट्रेनिंग से भी गुजरना पड़ा है. 

 

फिल्म बाहुबली की हीरोइन तमन्ना भाटिया बताती हैं कि प्रोमो में आप जो लुक देखते है वो बिल्कुल ही अलग है और फिल्म में जो किरदार है उसमें काफी सारे शेड्स होंगे. मैं ये कहना चाहूंगी की आजतक मैंने जितनी भी फिल्में की है चाहे साउंथ की हो या हिंदी हों वो आप एक साइड पर रख दीजिए और आप बाहुबली को एक साइड पर रख दीजिए. क्योंकि मेरे लिए इतना अलग एक्सपीरियंस रहा है इतना नया रहा है. और मैं एक और बात कहना चाहूंगी कि सब हीरो को मेरा बहुत ही बडा सलाम क्योकि वो जितना फिजिकल स्ट्रेन उनका एक्सीपिरयंस करना पड़ता है मुझे उसकी एक बहुत छोटी सी झलकी मिली. औऱ उसके बाद मुझे लगता है कि जो हीरो को दर्जा दिया जाता है वो एक वजह से होता है. और प्रभाष और राणा ने इस फिल्म में जी जान लगा के. सच में इस रोल को प्ले नहीं किया है बल्कि इस रोल को जिया है. ये ऐसी फिल्म है जिसमें दे लुक लाइक ए बाहुबली और भल्ला देवा. मैं खुशकिस्मत हूं इस फिल्म का हिस्सा बनकर क्योकि जहां पर केरेक्टराइजेशन इतनी पावरफुल है. और करेकटराइजेशन को इतनी महत्व दी जाती है.

 

फिल्म बाहुबली के विलेन राणा दुग्गुबाटी बताते हैं कि आप मुझे जो देख है है ये मेरा दुबला रुप है. मैं करीब 25 किलो वजन कम किया है. हमने फिल्म की शूटिंग शुरु होने से सात आठ महीने पहले ही तैयारी शुरु कर दी थी. कड़ी ट्रेनिग की जिसमें मार्शल आर्ट और दूसरी ट्रेनिंग शामिल थी. पीटर हैंस जिन्होंने एक्शन दृश्य किए है. हमने उनके साथ तीन महीने तक ट्रेनिंग की है.

 

फिल्म बाहुबली में सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाला झरने का ये दृश्य केरल के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट अथिरापल्ली फॉल्स का है. फिल्म के कुछ सीन इसी अथरापल्ली वाटरफॉल के साथ शूट किए गए हैं. कहा जाता है कि ये भारत का सबसे बड़ा वाटरफॉल है और यहां एक्शन सीकवेंश शूट करना खतरों से भरा था इसीलिए साउथ फिल्म सिटी में इस वाटरफॉल का एक सेट भी तैयार किया गया था. झरने के इस सेट को जिसे रीयल दिखाने के लिए पहले मोटर सिस्टम के जरिए पानी ऊपर चढाया जाता था और फिर पाइप्स के जरिए ढेर सारा पानी एक साथ छोड़ा जाता था. इस तरह की तकनीक भी किसी फिल्म में पहली बार इस्तेमाल की गई है. फिल्म बाहुबली की शूटिंग के दौरान की गई इस तरह की सारी कवायद ने भारतीय सिनेमा को उस ऊंचाई पर पहुंचा दिया है जो अब तक सिर्फ एक सपना था और ये मुमकिन हुआ है तेलगू फिल्म निर्देशक राजामौली की उस जिद के कारण जो उन्होने आठ साल पहले ठानी थी. राजामौली का वो सपना अब फिल्मी परदे पर एक ऐसा मायालोक बनकर सामने आ चुका है जिसने बॉलीवुड के दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है.   

 

फिल्म निर्माता – निर्देशक करण जौहर बताते हैं कि जब राना का फोन मुझे आया कि ये उनका विजन है. तो मैं ऐसा सुन रहा था कि ये ऐसी पिक्चर बन रही है और हिंदुस्तान की सबसे बडी पिक्चर बन रही है. बड़ी स्केल की बात नहीं कर रहा क्योंकि हम सब बड़े पैसे खर्च करते हैं. लेकिन उन पैंसों को सही ढ़ग से खर्च करना. और उस विजन को इस स्केल पर दिखाना. जहां एक इमोशनल ग्राफ भी हो. ऐसी फिल्में बहुत कम बनती है शायद बनी ही नहीं हिंदुस्तान में. मैं ज्यादा नहीं कहूंगा नहीं तो लोग कहेंगे पागल हो गया है लेकिन ऐसी विजन मैंने मुगले आजम में देखी है. जिसमें एक इमोशनल कनेक्ट है और एक स्केल और आपुलिएंश है. उसके बाद शायद ही मैंने ऐसी कोई मटैरियल देखी हो जिसने मुझे पर्सनली इतना इमोशनली चार्ज किया है.

 

बॉलीवुड के मशहूर निर्माता– निर्देशक करण जौहर जिस मुगले आजम फिल्म का जिक्र कर रहे हैं उसे लंदन में हुए एक सर्वे में हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म माना गया था. साल 1960 में रिलीज हुई फिल्म मुगले आजम को बनाने में करीब एक हजार लोगों ने काम किया था और ये फिल्म पचास लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई थी. फिल्म बाहुबली की तरह ही मुगले आजम भी करीब आठ साल में बनकर तैयार हुई थी. मुगले आजम को उस वक्त एक साथ 150 थियेटर में रिलीज किया गया था और इसने साढे तीन करोड़ रुपये का कारोबार किया था. खास बात ये है कि भव्य सेट और उच्च तकनीक से सजी मुगले आजम भी बाहुबली की तरह एक काल्पनिक कहानी पर आधारित थी लेकिन इस फिल्मी ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया था.

 

मुगले आजम के हीरो दिलीप कुमार बताते हैं कि ये एक अफसाना था. एक मनगढ़ंत अफसाने का ताना बाना था ये. सारे किरदार जो है वो बिखर गए हैं. और एक जो आप कह रहे हैं कि मैं रह गया हूं तो मैं उसका एक गवाह हूं. कि हां साहब ये वाकई एक अफसाना था. ये हुआ मुश्किले आईं, नामुकम्मल रह गया फिर कोशिशें की पूरा हुआ फिर दुबारा कोशिश की औऱ फिर बनाया गया. तो यहां पर भी वो है तो शायद आसिफ अब भी इस तलाश में होगा कि किसी तरह फिर से वो अनासिर समेटे और इसको एक दफा और बना दे. तो इस जुनून का ख्वाब जो है वही शख्स देख सकता है.

 

फिल्म मुगले आजम की रिलीज के 55 साल बाद भारतीय सिनेमा के इतिहास में बाहुबली को दूसरी ऐसी फिल्म माना जा रहा है जो देश ही नहीं दुनिया भर के दर्शकों को भी आकर्षित करने में कामयाब रही है लेकिन साथ ही ऐसा भी कहा जा रहा है कि बाहुबली, हॉलीवुड की वॉर फिल्म थ्री हंड्रेड से प्रेरित होकर बनाई गई है. साल 2007 में हॉलीवुड में एक कॉमिक सीरिज से प्रेरित होकर फिल्म थ्री हन्ड्रेड को पर्दे पर उतारा गया था. इस फिल्म में एक युद्धगाथा को जीवंत करने के लिए आधुनिक स्पेशल इफेक्ट का खूब इस्तेमाल भी किया गया था. इस फिल्म के प्रभाव और इसकी भव्यता को देखते हुए ही भरोसेमंद मानी जाने वाली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म रेटिंग एजेंसी आईएमडीबी ने इस फिल्म को 7.8 की रेटिंग दी थी. इससे पहले आईएमडीबी ने सबसे ज्यादा 9.3 रेटिंग साल 1994 में आई हॉलीवुड की फिल्म द शॉशैंक रिडेंप्शन को दी थी लेकिन अब भारतीय फिल्म बाहुबली को इसी एजेंसी ने 9.5 की रेटिंग दी है जो एक रिकॉर्ड है.

फिल्म बाहुबली के हीरो प्रभाष बताते हैं कि इसमें बडे बडे सेट है. फाइव एकड़ सिक्स एकड़ में बडे बडे सेट है. लेकिन इसे हम किसी फिल्म से कंपेयर नहीं कर सकते क्योंकि राजमौली सर ने जो वार डिजायन किया है. हमने बुहत सी हॉलीवुड वार मूवी देखी है लेकिन हमें कभी नहीं लगा कि किसी शॉट में कुछ लिया गया है. कोई भी शॉट हॉलीवुड की फिल्म से नहीं लिया गया है. इसे राजमौली सर ने डिजाइन किया है इसलिए इसे किसी और फिल्म से कंपेयर नहीं किया जा सकता है. मैं ये नहीं कहता कि 300 कुछ नहीं है 300 एक ग्रेट फिल्म है. लेकिन ये डायरेक्टर और टेकनीशियन ने नया क्रिएट किया है. ये उनका खुद का आडिया है खुद की क्रिएटीविटी है.

 

फिल्म समीक्षक मयांक शेखर बताते हैं कि भारतीय सिनेमा में हम देखते हैं बिग बजट की फिल्म. उसमें आधा जो बजट होता है वो एक्टर्स पर खर्च हो जाता है. और ये जो है 250 करोड़ की फिल्म है पर 250 करोड़ नहीं कई टर्म आफ बजट लगती है. वर्ल्ड क्लास फिल्म लगती है इसकी जो कंप्यूटर जनरेटे इमेजेज है एनीमेशन जो यूज किया गया है. सीजीआई जिसे कहते हैं या उसमें जो एक्शन या स्टंट सीकवेंशेस हैं. ये किसी भी हॉलीवुड फिल्म की टक्कर की लगती है. हॉलीवुड से फिल्में आती है वो ग्लोबल ऑडियंश के लिए बनती हैं. और इंडिया में भी बहुत अच्छा बिजनेस करती हैं. एक बहुत बड़ी अपार्चुनिटी है कि हम इस तरह की फिल्में बनाएं. कि हम सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया भी ऐसे फिल्म को देखी.

 

भारतीय सिनेमा के इतिहास में बाहुबली ने अब तक कमाई के मामले में सारी फिल्मों को पीछे छोड दिया है. रिलीज होने के पहले ही हफ्ते में बाहुबली ने 250 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है और अब इसकी सीधी टक्कर बॉलीवुड के सुल्तान बजरंगी भाईजान के साथ हो रही है. दिलचस्प बात ये है कि फिल्म बाहुबली और बजरंगी भाई जान की स्टोरी एक ही शख्स विजेंद्र प्रसाद ने लिखी है. तेलगू फिल्मों के मशहूर स्क्रिप्ट राइटर और निर्देशक विजेंद्र प्रसाद राजामौली के पिता है और उन्होने बजरंगी भाईजान की स्क्रिप्ट भी लिखी है और इसीलिए बाक्स ऑफिस पर ये मुकाबला अब और भी ज्यादा दिलचस्प हो चुका है. देखना ये है कि कमाई की रेस में बजरंगी भाईजान को पीछे छोड़ेगी बाहुबली या फिर बाहुबली पर भारी पड़ेंगे बजरंगी भाईजान.

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अनिल विज ने कहा- हिंदू आतंकवाद नहीं होता, दिग्विजय बोले- सही फरमाया संघी आतंकवाद होता है
अनिल विज ने कहा- हिंदू आतंकवाद नहीं होता, दिग्विजय बोले- सही फरमाया संघी...

नई दिल्ली: हरियाण के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आतंकवाद की नई परिभाषा बताई है. अनिल विज ने कहा...

पश्चिम बंगाल: कांग्रेस को बड़ा झटका, TMC में शामिल हुए पार्टी के दो विधायक
पश्चिम बंगाल: कांग्रेस को बड़ा झटका, TMC में शामिल हुए पार्टी के दो विधायक

कोलकाता: कांग्रेसके दो विधायक शंकर सिंघा और अरिन्दम भट्टाचार्य के आज तृणमूल कांग्रेस में...

राष्ट्रपति चुनाव: नीतीश कुमार के कोविंद को समर्थन से 'बैकफुट' पर विपक्ष
राष्ट्रपति चुनाव: नीतीश कुमार के कोविंद को समर्थन से 'बैकफुट' पर विपक्ष

नई दिल्ली: बिहार के सीएम और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने आज एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार...

एबीपी न्यूज पर दिनभर की बड़ी खबरें
एबीपी न्यूज पर दिनभर की बड़ी खबरें

1. एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार राम नाथ कोविंद का जेडीयू समर्थन करेगा. नीतीश कुमार ने कांग्रेस...

राष्ट्रपति चुनाव के लिए 'लालू प्रसाद यादव' ने भरा नामांकन
राष्ट्रपति चुनाव के लिए 'लालू प्रसाद यादव' ने भरा नामांकन

नई दिल्ली: आगामी 17 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए लालू प्रसाद यादव ने नामांकन भरा है...

भारत की इस कोशिश पर एक बार फिर 'अड़ंगा' लगा सकता है चीन
भारत की इस कोशिश पर एक बार फिर 'अड़ंगा' लगा सकता है चीन

नई दिल्ली: आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के चीफ और भारत के दुश्मन नंबर वन मसूद अजहर को आतंकी घोषित...

सुशील मोदी की नीतीश को 'ललकार', कहा- हिम्मत दिखाकर लालू के बेटों को करें बर्खास्त
सुशील मोदी की नीतीश को 'ललकार', कहा- हिम्मत दिखाकर लालू के बेटों को करें...

पटना: बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लालू प्रसाद के...

आयकर विभाग ने पूछे करीब 50 सवाल, ज्यादातर सवालों के जवाब में हिचकिचा गईं मीसा भारती
आयकर विभाग ने पूछे करीब 50 सवाल, ज्यादातर सवालों के जवाब में हिचकिचा गईं मीसा...

नई दिल्ली: लालू यादव की बेटी मीसा भारती से आयकर विभाग ने आज पांच घंटे से ज्यादा पूछताछ की. इस...

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