शहीदों की तस्वीरों का शानदार संग्रह है "देश भगत मेमोरियल हॉल"

By: | Last Updated: Sunday, 28 September 2014 11:12 AM
bhagat-singh-memorial-hall

जालंधर: देश की आजादी के लिए चलाये गए विभिन्न आंदोलनों के भूले बिसरे ‘शहीदों’ की तस्वीरों का जालंधर में एक ऐसा संग्रहालय है जिसमें अंग्रेजी हुकूमत से मुल्क को निजात दिलाने के लिए अपने प्राणों की बलि देने वाले क्रांतिकारियों की न केवल तस्वीरें देखने को मिल रही है बल्कि यह उनके बारे में संक्षिप्त जानकारी भी दे रहा है .

 

जालंधर स्थित ‘देश भगत यादगार कमेटी’ की ओर से देश भगत यादगार हॉल में बने संग्रहालय में 1857 से लेकर 1947 तक के विभिन्न आंदोलनों से जुडे और अपने प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों की तस्वीरें रखी गयी हैं . ये तस्वीरें उनकी है जिन्होंने अंग्रेजी दासता से मातृभूमि को मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया था लेकिन अब इतिहास से धीरे धीरे लुप्त हो रहे हैं .

 

देश भगत यादगार कमेटी की महासचिव डा रघुवीर कौर ने ‘भाषा’ को बताया, ‘‘युवाओं को इन शहीदों के बारे में बताने के लिए कमेटी ने इस संग्रहालय का निर्माण करवाया था ताकि देश की आजादी से जुडे भूले बिसरे शहीदों की तस्वीरों को रखा जाए . इसमें सिपाही विद्रोह और उसके बाद से स्वतंत्रता प्राप्ति तक के ऐसे ‘नायकों’ की तस्वीरें शामिल हैं जो लोगों के मानस पटल से लुप्त हो रहे हैं .’’

 

कौर ने बताया, ‘‘इसमें सिपाही विद्रोह, कूका आंदोलन, बंगाली, मराठी और कानपुर के क्रांतिकारियों की तस्वीरें हैं . इसमें शहीदे आजम भगत सिंह के चाचा सरदार अजीत सिंह द्वारा चलाये गए आंदोलन ‘पगडी संभाल जट्टा’ के नायकों की भी तस्वीरें शामिल हैं .’’

 

कौर ने कहा, ‘‘इसके अलावा गदर पार्टी आंदोलन, बब्बर अकाली आंदोलन, कीर्ति पार्टी आंदोलन तथा भगत सिंह की अगुवाई वाली नौजवान भारत सभा से जुडे आंदोलनों के नायकों की भी तस्वीरें ला कर रखी गयी हैं .’’

 

यह पूछे जाने पर कि इतनी पुरानी तस्वीरों को एकत्रित कहां से और कैसे किया गया है, उन्होंने बताया कि इन तस्वीरों को एकत्रित करने में बडी कठिनाईयों का समना करना पडा है . देश के विभिन्न हिस्सों के अलावा लंदन, कनाडा, अमेरिका तथा पाकिस्तान के लाहौर जेल से इन तस्वीरांे को लाया गया है . इन शहीदों के गांव के बडे बुजुर्गों से उनका हुलिया जान कर कुछ का स्केच बनवाया गया है .

 

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ तस्वीरें हमने उस समय के अखबारों से तथा उनके खिलाफ चलने वाले मुकदमों के दस्तावेज से ली हैं जो अब भी हमारे पास है . देश के लोगांे से हमारी अपील है कि स्वतंत्रता आंदोलनों से जुडे भूले बिसरे क्रांतिकारियों की उपलब्ध तस्वीरें तथा उनके सामान आदि अगर किसी के पास है तो वह हमें जरूर दें क्योंकि उनका सही स्थान यही संग्रहालय है .’’

 

कौर ने कहा, ‘‘इस संग्रहालय से जहां लोगों को एक ओर इन भूले विसरे शहीदों के बारे में जानकारी मिलेगी वहीं इससे शोध करने वाले छात्रों को भी मदद मिलेगी .’’ उन्होंने कहा कि 1991 में जब इस संग्रहालय का उद्घाटन हुआ था तब इसमें कुछ ही तस्वीरें थी लेकिन पिछले तीन चार साल में हमने तकरीबन 300-350 तस्वीरों का प्रबंध किया है और अभी भी यह काम जारी है उन्होंने यह भी कहा कि इस संग्रहालय की स्थापना या शहीदों के इन कार्यक्रमांे को चलाने के लिए हमें सरकार की ओर से मदद नहीं मिलती है .

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: bhagat-singh-memorial-hall
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: ABP bhagat singh birthday
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017