आज शाम पीएम से मिलेंगे मांझी, नीतीश की ओर से राज्यपाल से मिले जेडीयू, कांग्रेस, आरजेडी के नेता

By: | Last Updated: Sunday, 8 February 2015 4:16 AM

पटना: बिहार में सीएम की कुर्सी को लेकर जबरदस्त सियासी घमासान जारी है। जेडीयू विधायक दल के नेता के तौर पर जीतनराम मांझी मुख्यमंत्री बने हुए हैं लेकिन कल जेडीयू ने नीतीश कुमार को नया नेता चुन लिया. नीतीश कुमार राज्य के नए सीएम बनने वाले हैं. वो आज राज्यपाल को चिट्ठी लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे.

लाइव अपडेट-

 

# जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ट नारायण सिंह, विजय चौधरी, कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह, आरजेडी विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिक्की, सीपीआइ के जितेंद्र नाथ राज्भवन पहुचे. विधायकों के समर्थन की सूची सौंपेंगे.

 

# जेडीयू संकट पर पार्टी के महासचिव केसी त्यागी का बयान आया है. त्यागी ने कहा है कि ये स्क्रिप्ट दिल्ली में लिखी गई है और अमित शाह इसके संचालक हैं.

 

# वहीं जेडीयू सांसद पवन वर्मा का कहना है कि मांझी बीजेपी की कठपुतली बन गए हैं.

 

# जेडीयू संकट पर पार्टी बीजेपी के शाहनवाज हुसैन का कहना है कि इसके जिम्मेदार नीतीश कुमार हैं.

 

# बीजेपी की सहयोगी एलजेपी के संसदीय बोर्ड के नेता चिराग पासवान का कहना है कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए.

 

ये सब जब हो रहा है तब मांझी दिल्ली में हैं. थोड़ी देर में पीएम के साथ नीति आयोग की बैठक में बतौर मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे. खबर ये भी है कि उन्होंने पीएम मोदी से मिलने के लिए अलग से समय भी मांगा है. बिहार निवास से पीएम निवास जाने से पहले मांझी ने एलान कर दिया है कि मांझी की नाव नहीं डूबती.

 

सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही है कि मांझी ने पीएम मोदी से अलग से मिलने के लिए वक्त मांगा है. कहा जा रहा है कि जेडीयू से बर्खास्त होने के बाद जीतनराम मांझी अपनी कुर्सी बचाने के लिए पीएम से बीजेपी का समर्थन मांगेंगे. मांझी प्रधानमंत्री से बिहार में अपनी कुर्सी बचाने के लिए बीजेपी के 87 विधायकों का समर्थन मांग सकते हैं .

 

इससे पहले, कल दिन में पटना में मांझी ने अपने मंत्रिमंडल की एक बैठक बुलाई जिसमें उन्होंने विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने का प्रस्ताव रखा लेकिन उनका समर्थन सिर्फ आठ विधायकों ने किया जबकि नीतीश कुमार के प्रति निष्ठा रखने वाले 20 मंत्रियों ने प्रस्ताव का विरोध किया.

 

बिहार में उठे सियासी तूफान को लेकर बीजेपी में भी मुलाकातों का दौर जारी है. अमित शाह ने बिहार के हालात पर पीएम मोदी से चर्चा की है और बिहार ने कई नेता गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले हैं.

 

वहीं विधायक दल के नए नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार आज राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करनेवाले है. पटना में जेडीयू विधायक दल की बैठक में जीतन राम मांझी की जगह नीतीश कुमार को विधायक दल का नया नेता चुनने के  बाद पार्टी ने भी आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया है.

 

नीतीश कुमार ने ये भी दावा किया है उनको आरजेडी, कांग्रेस और सीपीआई का समर्थन हासिल है और जरूरत पड़ी तो वो राज्यपाल के सामने 130 विधायकों की परेड भी करा सकते हैं.

 

बिहार विधानसभा में इस वक्त कुल 233 विधायक हैं, इस लिहाज से बहुमत के लिए कुल 117 विधायकों के समर्थन की जरूरत है .नीतीश कुमार जेडीयू के 100, आरजेडी के 24, कांग्रेस के पांच और सीपीआई के एक विधायक को मिलाकर कुल 130 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं जबकि जीतन राम मांझी के साथ अभी सिर्फ उनकी कैबिनेट के सात मंत्री ही खड़े दिखाई दे रहे हैं.

 

ऐसे में मांझी को अपनी कुर्सी बचाने के लिए अब सिर्फ बीजेपी का आसरा है जिसके पास 87 विधायक हैं. लेकिन बीजेपी के समर्थन के बावजूद भी उन्हें जेडीयू के कुछ और विधायकों के साथ की जरूर होगी. जो फिलहाल उनके साथ नहीं दिखाई दे रहे हैं.

 

नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी के बीच शह और मात के इस खेल में अब सबकी नजरें राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी पर भी टिकी हैं.

अब राज्यपाल का फैसला ही नीतीश और मांझी का भविष्य तय करेगा.

 

क्या है पूरा मामला

 

दरअसल, नए राजनीतिक समीकरण में सत्ताधारी जेडीयू बिहार में सीएम की कमान एक बार फिर से नीतीश कुमार के हाथों में देना चाह रही है, लेकिन इसके लिए जीतन राम मांझी तैयार नहीं है. जीतन राम मांझी को मनाने की कोशिश भी की गई, लेकिन बात  नहीं बनी.

 

कैबिनेट की बैठक से पहले मांझी ने नीतीश कुमार, शरद यादव, वशिष्ठ नारायण सिंह, वृषण पटेल के साथ बैठक की. जिसमें उनके सम्मानजनक विदाई पर बात हुई, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुए.

 

जब बात नहीं बनी तो सीएम मांझी ने कैबिनेट की बैठक में विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव रखा, जिसे कैबिनेट ने बहुमत से खारिज कर दिया.

 

पटना स्थित एबीपी न्य़ूज़ संवाददाता प्रकाश कुमार का कहना है कि शाम 4 बजे जेडीयू विधायक दल की बैठक है, जिसमें नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है. 

 

बीजेपी जीतन के साथ

 

जीतन राम मांझी और जेडीयू की खींचतान का फायदा बीजेपी जमकर उठाना चाहती है.  बीजेपी का कहना है कि वह जीतन सरकार को गिरने नहीं देगी.

 

याद रहे कि नीतीश के खास दो मंत्रियों को हटाने के लिए मांझी ने राज्यपाल से सिफारिश की. राजीव रंजन और पीके शाही को हटाने के लिए मांझी ने राज्यपाल से सिफारिश की.

 

खींचतान

 

जीतन राम मांझी पहले ही कह चुके हैं कि विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार सिर्फ मुख्यमंत्री के पास होता है. मांझी ने भी 20 फरवरी को विधायकों की बैठक बुलायी है. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसादयादव ने जेडीयू के हर फैसले में समर्थन देने की बात की है वहीं आरजेडी सांसद पप्पू यादव मांझी के मुख्यमंत्री बने रहने के पक्ष में हैं.

 

आरजेडी के सांसद पप्पू यादव ने कहा है कि अगर मांझी को हटाया गया तो बिहार में बीजेपी को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक पाएगा. जेडीयू नेता अली अनवर ने बीजेपी पर जेडीयू नेताओं में फूट डालने और सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है.

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Web Title: Bihar CM Jitan Ram Manjhi today will attend niti aayog meeting
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