बिहार में पहले दौर का प्रचार खत्म, किसका ज्यादा प्रभाव ?

By: | Last Updated: Saturday, 10 October 2015 11:19 AM

पटना: आज शाम 5 बजे बिहार के 10 जिलों में चुनाव प्रचार का शोर थम गया . पूर्वी बिहार के भागलपुर, बांका, मुंगेर, खगड़िया, शेखपुरा, लखीसराय, समस्तीपुर, बेगूसराय, जमुई और नवादा में परसों 12 अक्टूबर को वोटिंग है . 49 सीटों के लिए कुल 529 उम्मीदवार मैदान में हैं . इनमें से 54 महिला उम्मीदवार हैं .

 

पहले दौर के दिग्गज

 

पहले दौर में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है उनमें विधानसभा में जेडीयू विधायक दल के नेता और राज्य के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी सरायरंजन से, हम के प्रदेश अध्यक्ष शकुनी चौधरी तारापुर से, कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह कहलगांव से और एलजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति पारस अलौली से प्रमुख उम्मीदवार हैं .

 

इनके अलावा कई नेता पुत्रों और रिश्तेदारों की किस्मत का फैसला भी लोग करेंगे . भागलपुर से सांसद अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत (बीजेपी), जमुई के हम के नेता नरेंद्र सिंह के बेटे अजय प्रताप (बीजेपी), सांसद रामचंद्र पासवान के बेटे प्रिंस राज कल्याणपुर (एलजेपी) से उम्मीदवार हैं . आरजेडी सांसद जय प्रकाश यादव के भाई विजय प्रकाश जमुई से और आरजेडी की युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक मेहता उजियारपुर से मैदान में हैं .

 

कितनी सीटें पर कौन सी पार्टी ?

 

इन 49 सीटों में से महागठबंधन में जेडीयू 24, आरजेडी 17 और कांग्रेस 8 सीटों पर चुनाव लड़ रही है . एनडीए में सबसे ज्यादा बीजेपी के उम्मीदवार हैं . बीजेपी 49 में से 27, एलजेपी 13, आरएलएसपी 6 और हम के 3 उम्मीदवार मैदान में हैं . कुल करीब 1 करोड़ 40 लाख वोटर इऩकी किस्मत का फैसला करेंगें . पुरुष मतदाताओं की संख्या 72 लाख है और महिला वोटरों की संख्या 63 लाख . आबादी के हिसाब से लखीसराय सबसे बड़ा क्षेत्र है जबकि बरबीघा सबसे छोटा . क्षेत्रफल के हिसाब से चकाई सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है .

 

2010 के चुनाव में इन 49 सीटों में से जेडीयू को 29, बीजेपी को 13, आरजेडी को 4, कांग्रेस  को 1 और अन्य को 2 सीटों पर जीत मिली थी .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले दौर में 5 जगहों पर चुनावी सभाएं की है . सबसे पहले पीएम बांका गए थे . उसके बाद एक ही दिन में मुंगेर, समस्तीपुर, बेगूसराय और नवादा में सभा की . कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहलगांव में रैली की जबकि राहुल गांधी ने बछवाड़ा और बरबीघा में सभाएं की . लालू और नीतीश ने लगभग सभी उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया .

 

पहले दौर में किसका ज्यादा प्रभाव ?

 

इन 10 जिलों में लोकसभा की 9 सीटें हैं. शेखपुरा, लखीसराय जिला है लेकिन लोकसभा सीट नहीं . जबकि समस्तीपुर जिले में दो सीटें हैं,  समस्तीपुर और उजियारपुर . लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा 4 सीटें एलजेपी को मिली थी . तब एलजेपी ने समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, जमुई सीटें जीती थी .

 

बीजेपी को नवादा, बेगूसराय, उजियारपुर में जीत मिली थी . आरजेडी को 2 सीटें भागलपुर और बांका में सफलता मिली थी . जाति का गणित देखें तो इनमें से  3 भूमिहार सांसद, 2 पासवान और यादव जाति के सांसद और 1 मुसलमान 1 मंडल की जीत हुई थी .

 

बेगूसराय, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा में भूमिहारों की अच्छी खासी आबादी है . कुशवाहा वोटरों की नवादा, मुंगेर, खगड़िया, समस्तीपुर जिलों में अच्छी संख्या है . भागलपुर, बांका, नवादा में यादवों की अच्छी आबादी है .

 

इस इलाके से मोदी सरकार में सिर्फ एक मंत्री हैं गिरिराज सिंह . गिरिराज सिंह लखीसराय के रहने वाले हैं और नावदा उनका क्षेत्र है . जबकि खगड़िया केंद्रीय मंत्री और एलजेपी अध्यक्ष रामविलास पासवान का गृह जिला है . पहले दौर में ही पासवान के भतीजे और भाई की परीक्षा है .

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Web Title: Bihar Election 2015_BJP_
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