बिहार चुनाव- नीतीश में कितना है दम?

By: | Last Updated: Sunday, 11 October 2015 3:16 PM

पटनाः 10 जिलों की 49 सीटों पर कल पहले दौर की वोटिंग है. इस दौर में कुल 529 उम्मीदवार मैदान में हैं. लेकिन असली लड़ाई मोदी बनाम लालू-नीतीश की है. कल के चुनाव से पहले हम आपको बताने जा रहे हैं कि बिहार चुनाव के इन तीन धुरंधर नेताओं की ताकत और कमजोरी क्या है? और इस चुनाव में किसकी ताकत काम आएगी और कौन अपनी कमजोरी की वजह से मात खाएगा?

 

नीतीश की ताकत

नीतीश की पहचान बिहार में विकास पुरुष की है . लालू-राबड़ी के कार्यकाल के बाद बिहार को पटरी पर लाने में नीतीश का अहम रोल रहा है . नीतीश पढ़े लिखे और समझदार नेता माने जाते हैं . बिहार में कानून का राज कायम करना सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है . हर तबके में नीतीश लोकप्रिय हैं . इतना लंबा राजनीतिक करियर होने के बाद भी दामन साफ है . अभी भी तमाम सर्वे में नीतीश मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद हैं . पीएम मोदी के बराबर बिहार में उनकी लोकप्रियता है .

 

नीतीश की कमजोरी

बीजेपी से अलग होने के बाद लोकसभा चुनाव लड़कर अपनी भद्द पिटवा चुके हैं . 20 साल बाद पहली बार बिना बीजेपी के विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं . लालू के साथ जाने की वजह से जंगल राज का ठप्पा लग रहा है . लालू के बयानों की वजह से बीजेपी को अंगुली उठाने का मौका मिल रहा है . कांग्रेस से हाथ मिलाने की वजह से विरोधी भ्रष्टाचारी के साथ जाने का आरोप लगा रहे हैं . महागठबंधन टूट चुका है . एनसीपी और समाजवादी पार्टी अलग होकर चुनाव लड़ रही है . जिससे इनके अपने वोटों के बिखराव का खतरा है . हाल के दिनों में कानून व्यवस्था की जो स्थिति बिगड़ी है उससे भी नीतीश की छवि को नुकसान हुआ है .

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Web Title: bihar election nitish power
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