बिहार चुनाव में सुपर सीट- जमुई

By: | Last Updated: Monday, 5 October 2015 1:15 PM

पटनाः जमुई जिले में विधानसभा की चार सीटें हैं. जमुई जिला राज्य के कद्दावर नेता नरेंद्र सिंह का गढ़ रहा है . 2010 के चुनाव में जिले की दो सीटों से नरेंद्र सिंह के दो बेटे विधायक बने थे. नीतीश का साथ छोड़कर मांझी का झंडा बुलंद कर रहे नरेंद सिंह के लिए इस बार का चुनाव प्रतिष्ठा का चुनाव बना हुआ है. जमुई से नरेंद्र सिंह के बेटे 40 साल के अजय प्रताप बीजेपी के टिकट पर मैदान में हैं. अजय का मुकाबला बांका के सांसद जय प्रकाश यादव के भाई विजय प्रकाश से हो रहा है. यहां से सांसद भले ही एलजेपी के चिराग पासवान हैं लेकिन असली परीक्षा नरेंद्र सिंह की हो रही है.

 

नरेंद्र सिंह की ताकत

बिहार की राजनीति को जानने वाले नरेंद्र सिंह की राजनीतिक हैसियत को बखूबी जानते हैं. लालू यादव जब छात्र राजनीति करते थे तब नरेंद्र सिंह उनके पक्के दोस्त थे. नरेंद्र सिंह के स्कूटर पर सवार होकर ही लालू पटना यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति के हीरो बने थे. नरेंद्र सिंह अभी विधान परिषद के सदस्य हैं. 1985 में पहली बार विधायक का चुनाव जीते नरेंद्र सिंह 1985, 1990 और 2000 में चकाई से जीते थे . 2010 में बेटा सुमीत चकाई से विधायक बना . 

हवा का रुख देखकर नरेंद्र सिंह पाला बदलने के माहिर माने जाते हैं. 2005 के फरवरी वाले विधानसभा चुनाव में जब रामविलास पासवान सरकार नहीं बना पाए तो नरेंद्र सिंह पाला बदलकर नीतीश के पास चले गए. नीतीश सरकार में नरेंद्र सिंह कृषि मंत्री थे लेकिन मांझी विवाद में नरेंद्र सिंह ने नीतीश का साथ नहीं दिया और मांझी के साथ हो गए.

 

जमुई की जंग

जमुई सीट से 2010 के चुनाव में नरेंद्र सिंह के दूसरे बेटे अजय ने जीत हासिल की. अजय प्रताप को 60 हजार वोट मिले थे  जबकि आरजेडी के विजय प्रकाश को 35 हजार. अजय पहली बार विधायक बने थे. उससे पहले 2005 के नवंबर वाले चुनाव में उनके बड़े भाई अभय सिंह चुनाव जीते थे . लेकिन अभय सिंह की असमय मौत के बाद अजय ने विरासत संभाली . 2005 के फरवरी में हुए चुनाव में आरजेडी के विजय प्रकाश की जीत हुई थी . नरेंद्र सिंह हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा में हैं लेकिन बेटा अजय बीजेपी का उम्मीदवार है .

इस सीट पर 2 लाख 53 हजार वोटर हैं . कुल 16 उम्मीदवार यहां मैदान में हैं . इस सीट पर एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं है . इस सीट पर राजपूत वोटों की गोलबंदी अजय के पक्ष में है तो यादव वोटर पूरी तरह विजय प्रकाश के साथ हैं. राजपूत जाति के दो-तीन और उम्मीदवार मैदान में हैं. हालांकि उनकी मौजदूगी का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है. नीतीश और लालू के साथ आने से क्षेत्र का समीकरण बदल गया है. यही वजह है कि नरेंद्र सिंह को इलाके में बेटे के लिए दिन रात पसीना बहाना पड़ रहा है.

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Web Title: BIHAR ELECTION SUPER SEAT JAMUI
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