सीतामढ़ी की रुन्नी सैदपुर सीट- विरासत की जंग जीतेगी आरजेडी ?

By: | Last Updated: Wednesday, 7 October 2015 1:05 PM
Bihar Elections 2015_Sitamarhi_

सीतामढ़ी: सीतामढ़ी की रुन्नी सैदपुर सीट पर चुनावी जंग विरासत की जंग में तब्दील हो गई है. इस सीट पर एक तरफ जहां रुन्नी सैदपुर से पूर्व विधायक स्वर्गीय भोला राय की बहू मंगीता देवी आरजेडी से उम्मीदवार है- वहीं एनडीए के घटक दल आरएलएसपी से पंकज मिश्रा मैदान में हैं- इन दोनों को टक्कर देने का दावा कर रही हैं गुड्डी देवी जो मौजूदा विधायक है- दो बार चुनाव जीत चुकी है. हालांकि गुड्डी देवी पहले जेडीयू से थी- मगर इस बार टिकट कटने के बाद उसने समाजवादी पार्टी का दामन थामा है .

 

पिछली बार जेडीयू से गुड्डी देवी ने आरजेडी के राम शत्रुघन राय को करीब साढ़े दस हजार वोटों से हराया था. मगर इस बार आरजेडी और जेडीयू साथ हैं लिहाजा रुन्नी सैदपुर सीट का सियासी समीकरण पूरी तरह उलझ गया है . हालांकि इस उलझे हुए समीकरण में आरजेडी उम्मीदवार मंगीता देवी ज्यादा मजबूत उम्मीदवार नजर आती है- इसके पीछे वजह है रुन्नी सैदपुर सीट का सामाजिक समीकरण.

 

पूरे जिले में रुन्नी सैदपुर सबसे ज्यादा यादव बहुल क्षेत्र माना जाता है- और यादव समुदाय का एकमुश्त वोट मिलने का दावा कर रही हैं मंगीता देवी. मंगीता देवी के ससुर स्वर्गीय भोला राय रुन्नी सैदपुर सीट से तीन बार 1995, 2000 और 2005 में जीते थे- हालांकि साल 2005 में ही दुबारा हुए अक्टूबर के चुनाव में उन्हें गुड्डी देवी ने मात दे दी थी . फिर पांच साल बाद 2010 में गुड्डी देवी ने दोबारा इस सीट पर कब्जा जमाया था . लेकिन भोला राय के निधन के बाद पहली बार आरजेडी कार्यकर्ता पूरे दम-खम के साथ उनकी विरासत पर भरोसा करने की बात कह रहे हैं . वहीं यहां मुस्लिम मतदाताओं की भी अच्छी-खासी संख्या है- जिसका ज्यादातर हिस्सा फिलहाल महागठबंधन को जाता दिख रहा है.

 

इसके अलावा अति पिछड़ी जाति और दलित वोटों का काफी हिस्सा मिलने की बात भी महागठबंधन के कार्यकर्ता कह रहे हैं- मगर इस दावे में ज्यादा दम नहीं दिखता- क्योंकि अति पिछड़ा वोट और दलित वोटों का ज्यादातर हिस्सा आरएलएसपी के पंकज मिश्रा के पक्ष में जाने की उम्मीद है .

 

पंकज मिश्रा के पक्ष में अगड़ी जातियों का अच्छा-खासा वोट बैंक है- लेकिन उनके इस वोट बैंक में सेंध लगाएगी गुड्डी देवी जो अगड़ी जातियों से बड़ी संख्या में वोट बटोरने की बात कह रही हैं. हालांकि पंकज मिश्रा रुन्नी सैदपुर में चुनाव के लिहाज से नए चेहरे हैं- ये अलग बात है कि वो लंबे अरसे से मुजफ्फरपुर के आसपास की राजनीति में सक्रिय रहे हैं . आरएलएसपी के बिहार महासचिव के तौर पर पार्टी के लिए ठीक-ठाक काम करने की वजह से ही पार्टी ने उन पर दांव खेला है.

 

रुन्नी सैदपुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 2 लाख 43 हजार मतदाता है . पिछले विधानसभा में इस क्षेत्र में तकरीबन 50 फीसदी मतदान हुआ था . रुन्नी सैदपुर की सबसे बड़ी समस्या है ग्रामीण इलाकों की सड़कें- जो जर्जर हालत में है. लंबे समय तक रुन्नी सैदपुर का पूरा इलाका बाढ़ से प्रभावित रहा है और गांवों को जोड़नेवाली सड़कों पर कभी मुकम्मल तरीके से काम करने की कोशिश नहीं की गई.

 

कई गांवों में तो अभी तक बिजली की सुविधा भी नहीं पहुंच सकी है. कई इलाकों में बांस की चचरी पुल के सहारे लोग एक गांव से दूसरे गांव जाते हैं . उच्च शिक्षा के लिए क्षेत्र में शिक्षण संस्थान की कमी से भी लोगों को जूझना पड़ता है. महिलाओं के विकास के लिए स्थानीय स्तर पर समुचित कदम नहीं उठाए गए . किसानों को खेती के लिए सिंचाई की समस्या से दो चार होना पड़ता है . समय पर उचित कीमत पर खाद और नए किस्म के बीज का ना मिलना भी किसानों के लिए बड़ी समस्या है.

 

चुनाव के एलान के साथ ही रुन्नी सैदपुर के विकास के लिए राजनीतिक पार्टियों ने लुभावने वादे करने शुरू कर दिए हैं . आरएलएसपी जहां क्षेत्र में केंद्र के सहयोग से समुचित विकास की बात कह रही है- वहीं आरजेडी क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने की बात कह रही है . आरजेडी उम्मीदवार मंगीता देवी के प्रचार की कमान संभाल रहे युवा कार्यकर्ता राजीव रंजन यादव के मुताबिक मंगीता देवी का सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर है- और वो क्षेत्र के कई मिडिल स्कूल को तुरंत हाई स्कूल में तब्दील कराने के लिए पहल शुरू करेंगी .

 

इसके साथ ही आरजेडी उम्मीदवार मतदाताओं से स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की बात कह रही हैं. वैसे फुलवरिया घाट पुल और लखनदेई पुल निर्माण भी रुन्नी सैदपुर क्षेत्र के लिए अहम चुनावी मुद्दे हैं. इस सीट से एसपी उम्मीदवार और मौजूदा विधायक गुड्डी देवी का कहना है कि जो काम उनके कार्यकाल में अधूरा रह गया है- उसे पूरा कराने का काम वो करेंगी.

 

गुड्डी देवी अपने चुनाव प्रचार के दौरान नीतीश कुमार पर भी निशाना साध रही है कि नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट का भरोसा दिया था मगर महागठबंधन के समझौते में सीट आरजेडी को दे दिया गया . गुड्डी देवी के लिए परेशानी की बात ये है कि उनके कार्यकर्ता दो गुट में बंट गए हैं- एक गुट नीतीश कुमार यानी पार्टी आलाकमान के फैसले को कबूल करते हुए महागठबंधन की उम्मीदवार मंगीता देवी को जिताने के पक्ष में है तो दूसरा गुट अपने मौजूदा विधायक का साथ निभाने की बात कर रहा है .

 

अब तक के चुनावी माहौल और रुन्नी सैदपुर के कई गांवों के लोगों से बातचीत के बाद फिलहाल यही लग रहा है कि रुन्नी सैदपुर के विरासत की जंग में आरजेडी उम्मीदवार मंगीता देवी बाजी मार ले जाएगी- हालांकि आरएलएसपी उम्मीदवार पंकज मिश्रा भी उन्हें कड़ी टक्कर देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे .   

 

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