बिहार चुनाव- क्या सैदपुर का सिकंदर बनेंगे पंकज मिश्रा ?

By: | Last Updated: Saturday, 31 October 2015 1:35 PM

नई दिल्ली: बिहार में तीन दौर का चुनाव हो चुका है . कल चौथे दौर की वोटिंग होनी है. बीजेपी के लिए ये दौर काफी अहम है. इस दौर की 55 सीटों में से एनडीए को काफी उम्मीदें हैं.  बीजेपी को उम्मीद है कि इस दौर की 40 से 45 सीटें मिल सकती हैं.

 

मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के ठीक बीच में पड़ता है रुन्नी सैदपुर. इस रास्ते से अगर आप कभी गुजरे हैं तो यहां की मशहूर बालूशाही का लुत्फ जरूर लिए होंगे. अगर नहीं गए हैं और कभी जाने का मौका मिले तो यहां रुककर बालूशाही जरूर खाइएगा. सीता माता की जन्मधरती सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर धाम जाने का यही रास्ता है. यहां की बालूशाही का स्वाद जितना मीठा है राजनीति का रंग उतना ही तीखा. 

 

सीतामढ़ी जिले की इस सीट पर कांटे का संघर्ष है. मौजूदा विधायक गुड्डी देवी को जेडीयू ने बेटिकट कर दिया था.गुड्डी चौधरी बाहुबली राजेश चौधरी की पत्नी हैं. इस बार समाजवादी पार्टी की साइकिल पर सवार गुड्डी देवी एनडीए के उम्मीदवार पंकज मिश्रा के लिए चुनौती पेश कर रही हैं. पूर्व विधायक भोला राय की बहू मंगीता देवी आरजेडी की उम्मीदवार हैं.

 

भूमिहार और यादव बहुल इस सीट पर मुकाबला भी इन्हीं दोनों जातियों के उम्मीदवार के बीच है. यादव वोट एकमुश्त मंगीता के पक्ष में जा रहा है. लेकिन भूमिहार वोट बंटा हुआ है. अंतिम समय में क्या होगा कहा नहीं जा सकता. वैसे कहा जा रहा है कि भूमिहारों की गोलबंदी पंकज मिश्रा के पक्ष में हो रही है. ऐसा होता है तो फिर पंकज मिश्रा इस सीट पर एऩडीए का कब्जा बरकरार रख सकते हैं.

 

पंकज मिश्रा समता पार्टी के जमाने में तिरहुत प्रमंडल और मुजफ्फरपुर जिले की राजनीति में सक्रिय रहा करते थे. फिलहाल वो राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रदेश महासचिव हैं.

 

लोकसभा चुनाव के नतीजों को देखें तो एनडीए के उम्मीदवार रामकुमार शर्मा को इस सीट पर 59121 वोट मिले थे. जबकि आरजेडी के सीताराम यादव को 33964. जेडीयू के अर्जुन राय को तब 14110 वोट मिले थे. आरजेडी और जेडीयू के वोट को जोड़ दें तो आंकड़ा करीब 48 हजार होता है.

 

यानी भूमिहार वोट नहीं बंटा तो फिर 2014 के नतीजों के हिसाब से पंकज मिश्रा की जीत को खतरा नहीं दिखता है. लेकिन इस बार भूमिहार कमोबेश दो हिस्सों में दिख रहा है. लेकिन 2010 के चुनाव नतीजे के देखें तो कांग्रेस-आरजेडी की फूट का फायदा गुड्डी देवी को मिला था. तब जेडीयू को 36 हजार वोट मिले थे.

 

कांग्रेस और आरजेडी के उम्मीदवारों को भी मिलाकर इतने ही वोट मिले थे . लेकिन उस चुनाव में मंगीता देवी निर्दलीय खड़ी थीं और उन्हें 14 हजार वोट पड़े थे. अब इसको जोड़ दें तो फिर नतीजा उलट जाता है.

 

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Web Title: Bihar Elections
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