Bihar snap poll: Nitish is responsible for crisis

Bihar snap poll: Nitish is responsible for crisis

By: | Updated: 20 Feb 2015 01:38 AM

नई दिल्ली: बिहार में अगले विधानसभा चुनाव से महज़ छह-सात महीने पहले राज्य का सियासी ड्रामा अपने चरम पर है. पल-पल बदलते इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच जनता के मूड को भांपने एबीपी न्यूज़-नीलसन की कवायद बता रही है मौजूदा राजनीतिक संकट के लिए भले ही पूर्व सीएम नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं, लेकिन सीएम की रेस में वही अव्वल हैं.

 

राजनीतिक संकट के लिए कौन है जिम्मेदार?

 

एबीपी न्यूज़-नीलसन के त्वरित सर्वे के मुताबिक दो तिहाई यानी 66 फीसदी लोगों का मानना है कि मौजूदा संकट के लिए नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं,  जबकि 23 फीसदी लोगों की नज़र में सीएम जीतन राम मांझी जिम्मेदार हैं. 9 फीसदी लोगों का कहना है कि इस सियासी संकट की जड़ बीजेपी है.

 

किसे मिलेगा सियासी संकट का फायदा?

 

सर्वे के मुताबिक इस रानजनीतिक संकट का सीधा फायदा बीजेपी गठबंधन को जाता दिख रहा है. सर्वे में शामिल आधे से ज्यादा 56 फीसदी लोगों का मानना है कि जीतन राम मांझी की बग़ावत से बीजेपी गठबंधन (बीजेपी, एलजेपी और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी) को फायदा होगा, जबकि 38 फीसदी की राय है कि इससे जेडीयू गठबंधन (जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस और एनसीपी) को लाभ होगा. हालांकि 4 फीसदी ऐसे लोग भी हैं जिनका मानना है कि इससे दोनों पार्टियों को फायदा हो सकता है.

 

कौन हैं सीएम की पहली पसंद?

 

एबीपी न्यूज़ के सर्वे में भले ही जनता मौजूदा राजनीतिक संकट के लिए नीतीश कुमार को जिम्मेदार मानती है, लेकिन जब उनसे ये पूछा गया कि उनकी नज़र में बिहार का सबसे बेहतरीन सीएम कौन हो सकता है,  तो बहुमत की नज़र नीतीश कुमार पर ठहर गई.

 

एबीपी न्यूज़-नीलसन सर्वे के मुताबिक आधी से ज्यादा जनता (52%) नीतीश कुमार को एक बार फिर सीएम के तौर पर देखना चाहती है. जबकि 16 फीसदी लोग ही जीतन राम मांझी को फिर से सीएम के तौर पर पसंद करते हैं. सीएम की रेस में तीसरे पायदान पर बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी हैं, जिन्हें 10 फीसदी जनता पसंद कर रही है तो बीजेपी के सीनियर नेता सैयद शाहनवाज़ हुसैन को 6 फीसदी जनता सीएम के तौर पर देखना चाहती है. सीएम की रेस में 7 फीसदी जनता की पसंद लालू प्रसाद यादव हैं. 4 फीसदी जनता बीजेपी के नेता शत्रुघ्न सिन्हा को सीएम की कुर्सी पर बिठाना चाहती है. दो-दो फीसदी जनता बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी और राज्य के दलित चेहरा और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को सीएम बनाने के मूड में है.

 

किसे वोट देने का रखते हैं इरादा?

 

सर्वे में जब सवाल किया गया है कि आप किस गठबंधन को वोट देने का इरादा रखते हैं तो आधे से ज्यादा लोगों का कहना था कि अगर अभी चुनाव हुए तो वे अपना वोट जेडीयू गठबंधन को देना चाहेंगे.

 

एबीपी न्यूज़-नीलसन के मुताबिक अगर अभी विधानसभा चुनाव हुए तो 57 फीसदी लोग जेडीयू गठबंधन (जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस और एनसीपी) को वोट देना पसंद करेंगे. जबकि 41 फीसदी लोग ही बीजेपी गठबंधन (बीजेपी-एलजेपी-आरएसएसपी) को वोट देने का इरादा रखते हैं. सर्वे के मुताबिक महज़ एक फीसदी वोट निर्दलीय और दो फीसदी वोट अन्य की झोली में जाते दिख रहे हैं.

 

आपको बता दें कि इस सर्वे के आधार पर हम पार्टी के लिए सीटों की संख्या का अनुमान नहीं लगा सकते. त्वरित सर्वे में वोटर किस पार्टी को वोट देने का इरादा रखते हैं. महज़ इसकी जानकारी दी गई है.

 

क्या है मौजूदा तस्वीर

 

बिहार में मौजूदा राजनीतिक स्थिति में बीजेपी के पास 87 सीटें हैं, जेडीयू 99 सीटों का दावा कर रही है तो मांझी गुट ने 16 विधायकों के होने के दावा किया है. कांग्रेस के पास 24 तो अन्य के पास 7 सीटें हैं.



क्या थी 2010 की स्थिति?

 

ग़ौरतलब है कि साल 2010 में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन को 206 सीटें मिली थीं, आरजेडी के खाते में 22 सीटें तो 9 सीटें अन्य की झोली में गईं थीं.

 

14 से 18 फरवरी के बीच हुए सर्वे में 2654 लोगों से बात की गई है. जिन लोगों से बात हुई है उनमें 54 फीसदी शहरी और 46 फीसदी ग्रामीण हैं. नीलसन का ये पोल अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूरोपियन सोसाइटी फॉर ओपिनियन एंड मार्केटिंग रिसर्च यानी ESOMAR के दिशानिर्देशों को पूरी तरह ध्यान में रखकर किया गया है.

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