किरन Vs केजरीवाल: दिल्ली की जंग में क्या है बीजेपी-आप की परेशानी?

By: | Last Updated: Thursday, 29 January 2015 4:06 PM
bjp aap kejriwal Vs kiran

नई दिल्ली: दिल्ली में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है. किरन बेदी बनाम केजरीवाल की जंग भी तीखी और तेज होती जा रही है. आज इस लड़ाई में बीजेपी का आलाकमान भी उतर गया है. अब बीजेपी केजरीवाल से रोज दो सवाल पूछेगी.

 

दिल्ली का सियासी पारा इतना ऊपर है कि जनवरी महीने की ठिठुरती ठंड में भी राजनीति ने दिल्ली का तापमान काफी बढ़ा दिया है. राजनीति के इस मैदान में सीधा मुकाबला दो पार्टियों के बीच है.

 

एक तरफ हैं आम आदमी पार्टी के सीएम उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल और उनकी सेना है तो दूसरी तरफ बीजेपी की सीएम उम्मीदवार किरन बेदी और उनकी सेना है.

 

गुरुवार को किरन बेदी तो पर्दे के पीछे रहीं लेकिन पूरी पार्टी ने फ्रंट फुट पर आकर विरोधियों पर हमले किए.

 

बीजेपी ने केजरीवाल को झूठा बताते हुए पांच सवाल पूछे हैं. पहला सवाल चुनाव से पहले वादा किया था कि कांग्रेस से समर्थन नहीं लेंगे लेकिन उस वादे से क्यों पलट गए केजरीवाल.

 

दूसरा सवाल शीला दीक्षित को लेकर था. सत्ता में आने पर शीला दीक्षित के खिलाफ घोटाले में केस दर्ज करने का जो वादा किया था उस वादे को सत्ता में आने पर पूरा क्यों नहीं किया?

 

तीसरा सवाल पूछा है सुरक्षा और लाल बत्ती को लेकर जब हलफनामा देकर कहा था कि वो सुरक्षा नहीं लेंगे फिर सीएम बनने के बाद सुरक्षाकर्मियों की बडी फौज लेकर क्यों घूमते रहे?

 

चौथा सवाल पूछा है कि जब शपथ लेने मेट्रो से गये तो फिर सरकारी कामकाज के लिए बड़ी गाड़ियों का सहारा क्यों लिया?

 

पांचवां सवाल प्राइवेट प्लेन में यात्रा को लेकर पूछा गया है कि जब निजी विमान में यात्रा का विरोध करते थे तो फिर खुद यात्रा क्यों की?

 

बीजेपी की ओर से बाकयदा केजरीवाल के इन वादों का वो वीडियो भी दिखा गया जो न्यूज चैनल पर पहले चल चुके हैं.

 

बीजेपी अगले सात दिनों तक इसी तरह के सवाल अरविंद केजरीवाल से पूछने वाली है.

 

क्या है बीजेपी की रणनीति

 

इन सवालों से पहले बीजेपी ने केजरीवाल को घेरने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ढाई घंटे तक बैठक की और ये तय किया कि घोषणापत्र जारी नहीं होगा बल्कि उसकी जगह विजन डॉक्युमेंट जारी होगा. प्रधानमंत्री की दिल्ली में 31 जनवरी से 4 फरवरी तक 4 चुनावी सभाएं होंगी. 120 सांसदों की टीम चुनाव प्रचार के खत्म होने तक दिल्ली में करीब ढाई सौ छोटी बड़ी सभाएं करेंगे. तेरह राज्यों के बड़े नेता प्रचार में उतरेंगे. ज्यादा से ज्यादा लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए हर क्षेत्र में एक हजार बैनर लगाये जाएंगे.

 

क्यों बीजेपी है परेशान?

 

बीजेपी ने चुनाव में अपनी पूरी ताकत इसलिए भी झोंक दी है क्योंकि अभी तक के तमाम सर्वे पार्टी के पक्ष में संकेत देते नहीं दिख रहे हैं. हिंदुस्तान टाइम्स के ताजा सर्वे के मुताबिक बीजेपी और आम आदमी पार्टी दोनों को 31 से 36 सीटें मिलती दिख रही हैं. जबकि कांग्रेस सिर्फ 2 से 7 सीटों के बीच सिमटती दिख रही है. यानी इस सर्वे के मुताबिक एक बार फिर से त्रिशंकु विधानसभा के आसार दिख रहे हैं.

 

इससे पहले एबीपी न्यूज-नीलसन के त्वरित सर्वे में भी 50 फीसदी लोग आप को वोट देने का इरादा रखते हैं जबकि 41 फीसदी बीजेपी को वोट देने का इरादा रखते हैं.

 

सर्वे के मुताबिक किरन बेदी को सीएम पद का उम्मीदवार बनाने के बाद बीजेपी को पहली बार नुकसान होता दिख रहा है. इंडिया टीवी-सी वोटर के सर्वे में बीजेपी को बहुमत तो मिल रहा है लेकिन सिर्फ 37 सीटें हैं यानी बहुमत से एक ज्यादा.

 

पोस्टरों की लड़ाई

इन सब के अलावा पोस्टर और ओबामा के दौरे को लेकर भी केजरीवाल और किरन बेदी के बीच सीधी लड़ाई चल रही है.

 

पोस्टरों के जरिए आप ने दिल्ली में ईमानदार बनाम अवसरवादी का दांव चला है. आप के इस हमले पर किरन बेदी पूछ रही हैं कि ऐसा था तो फिर केजरीवाल ने उन्हें सीएम का ऑफर क्यों दिया था?

 

इस सवाल के जवाब में आम आदमी पार्टी ने ये तो मान लिया कि गलती हो गई थी, लेकिन ये विवाद यहीं खत्म नहीं होता. आम आदमी पार्टी किरन बेदी की अवसरवादिता की व्याख्या करने में जुट गई है, तो वहीं बीजेपी अब केजरीवाल को उन्हीं के हथियार से घेरने में जुट गई है.

 

किरन बेदी ने आप के पोस्टर के खिलाफ कानूनी नोटिस भी भेज दिया है. आम आदमी पार्टी कह रही है कि पोस्टर पर कुछ ग़लत नहीं लिखा है.

 

केजरीवाल का डर

 

पोस्टर को लेकर किरन बेदी ने नोटिस भेजा तो फर्जी स्टिंग की आशंका जताते हुए आप ने चुनाव आयोग से शिकायक की. केजरीवाल के मुताबिक उनके खिलाफ फिर से फर्जी स्टिंग किया जा सकता है. पिछले चुनाव में आप के 6 उम्मीदवारों के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन हुआ था.

 

कल तक स्टिंग का डर दिखाने वाले केजरीवाल ने अब अपने कार्यकर्ताओं को स्टिंग करने की सलाह दे डाली है. केजरीवाल का आरोप है कि विरोधी पार्टियों के लोग उनके कार्यकर्ताओँ को पैसे देकर खरीदने की कोशिश कर रहे हैं और वो इसलिए अपने कार्यकर्ताओं को पैसे लेकर स्टिंग करने की सलाह दे रहे हैं.

 

किरन बेदी आमने-सामने

भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन में कदम से कदम मिलाकर चलने वाले केजरीवाल और किरन बेदी आमने-सामने हैं. दोनों सीएम उम्मीवार हैं और अपनी-अपनी पार्टियों का चेहरा. इसलिए शायद किरन बेदी पर हमले ना करने की आम आदमी पार्टी की रणनीति बदल गई है और टीम केजरीवाल किरन बेदी पर हमले का कोई मौका नहीं छोड़ रही है.

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