बीजेपी-शिवसेना के बीच बन सकती है बात, छोटी पार्टियों समेत बीजेपी के हिस्से में आ सकती हैं 126 सीटें

By: | Last Updated: Saturday, 20 September 2014 8:44 AM

नई दिल्ली: शिवसेना ने बीजेपी को एक फार्मूला दिया है. सूत्र बता रहे हैं कि शिवसेना ने अपने लिए 155 औऱ बीजेपी को 126 सीटें देने की बात कही है. बीजेपी को ये तय करना है कि वो छोटी पार्टियों को कितनी सीटें देगी. मुंबई में बीजेपी नेताओं की बैठक में इस पर विचार हुआ.

 

हालांकि ओम माथुर ने कहा है  कि शिवसेना से बीजेपी के पास कोई प्रस्ताव नहीं आया है. शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन होने की बात है लेकिन पिछले 24 घंटे में जो कुछ उससे लग रहा है कि सब ठीक नहीं है. महाराष्ट्र बीजेपी प्रभारी ओम माथुर ने मुंबई में बीजेपी नेताओं से बैठक के बाद कहा है कि बीजेपी के पास शिवसेना का कोई प्रस्ताव नहीं आया है.

 

बीजेपी ने अपनी सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की चर्चा की है. कल दिल्ली से उम्मीदवारों की लिस्ट जारी भी हो जाएगी. ओम माथुर का बयान इसलिए चौंकाता है क्योंकि कल शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हम अपना प्रस्ताव बीजेपी को भेज दिया है.

 

बीजेपी ने अपनी सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की चर्चा की है. कल दिल्ली से उम्मीदवारों की लिस्ट जारी भी हो जाएगी. ओम माथुर का बयान इसलिए चौंकाता है क्योंकि कल शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि हम अपना प्रस्ताव बीजेपी को भेज दिया है.

 

कल मीटिंग के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा हमें जो सही लगा वही फॉर्मूला बीजेपी को दिया है और अब उसे ही फैसला लेना है. बताया जा रहा है कि बैठक में शिवसेना ने बीजेपी को 110, खुद 160 और अन्य पार्टियों को 18 सीटें देने का प्रस्ताव दिया जिसे बीजेपी ने ठुकरा दिया.

 

शिवसेना-बीजेपी गठबंधन में शामिल छोटे दलों ने भी दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय समाज पक्ष के महादेव जानकर ने कहा है कि अगर शिवसेना बीजेपी के नेता ये सोच रहे हैं कि सिर्फ 4-5 सीटें देंगे तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा.

 

शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन में हो रही देरी पर सहयोगी भी आंख दिखाने में लगे हैं. आरएसपी ने कुल 14 सीटों की मांग की है. और अब कह रहे हैं कि अगर शिवसेना बीजेपी के नेता ये सोच रहे हैं कि सिर्फ 4-5 सीटें देंगे तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा . एक और सहयोगी पार्टी शिव संग्राम के नेता विनायक मेटे ने भी सीटों को लेकर हो रही देरी को गठबंधन के हित में नहीं बताया है.

 

बीजेपी ने शिवसेना के उस ऑफर को ठुकरा दिया है जिसमें 119 सीटों पर लड़ने की बात हो रही थी . बीजेपी कह रही है कि बीते 25 सालों में जिन सीटों पर शिवसेना कभी नहीं जीती उन सीटों पर शिवसेना दावा छोड़ दे. लेकिन शिवसेना बीजेपी को 119 से ज्यादा सीट देने को राजी नहीं है.

 

बीजेपी को शिवसेना के जिस फॉर्मूले पर एतराज है उसके मुताबिक 288 सीटों में से शिवसेना खुद 153 सीटों पर लड़ेगी और अपने पुराने कोटे की 16 सीटें सहयोगियों को देगी . बीजेपी 117 सीटों पर लड़ेगी और अपने कोटे की दो सीटें सहयोगियों को देगी.

 

शिवसेना के ऑफऱ में शर्त ये भी है कि अगर सहयोगी और सीटों पर अडे रहे तो बीजेपी अपने कोटे से ही उनको सीटें देगी. यानी बीजेपी के खाते में 117 से कम सीटें ही रहेगी . 2009 में शिवसेना 169 और बीजेपी 119 सीटों पर लडी थी.

 

एबीपी न्यूज-नीलसन ने भी पिछले महीने सर्वे किया था कि अगर दोनों पार्टियां अलग-अलग लड़ेंगी तो बीजेपी को सबसे ज्याद 103 और शिवसेना को 64 सीटें मिलेंगी. हालांकि अगर गठबंधन कायम रहा तो 200 सीटें मिल सकती हैं.

 

बीजेपी और शिवसेना का महाराष्ट्र में 25 साल से गठबंधन है . बीजेपी की दलील है कि बीते पच्चीस साल में शिवसेना जिन सीटों पर कभी नहीं जीती उस पर फिर से समझौता हो .शिवसेना इसके लिए राजी नहीं है.