काला धन जांच के लिए जरूरी है, भारत धन के गैरकानूनी होने के साक्ष्य मुहैया करे

By: | Last Updated: Thursday, 4 December 2014 3:06 AM

मुंबई: स्विट्जरलैंड ने आज कहा कि वह कालाधन के मुद्दे पर भारत के साथ सहयोग करने को इच्छुक है, बशर्ते नई दिल्ली इसके प्रथम दृष्टया (पहली बार देखने के बाद जो पता चलता है) गैरकानूनी होने के साक्ष्य मुहैया करे. हालांकि, चोरी के डेटा के आधार पर वह इस विषय को आगे नहीं बढ़ाएगा.

 

भारत में नियुक्त स्विट्जरलैंड के राजदूत लिनस वोन कास्टेलमुर ने बताया कि उन्होंने फैसला किया है कि वे चोरी के डेटा पर काम नहीं करेंगे. यदि कोई गलत तरीके से या गैरकानूनी तरीके से डेटा हासिल करता है तो हम उन दावों को नहीं मानते.

 

उन्होंने कहा कि हम सिर्फ तभी काम कर सकते हैं, जब भारतीय कर (टैक्स) अधिकारियों और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सच्चे मायनों में जांच की गई हो, जहां उनके पास स्पष्ट रूप से इस बारे में प्रथम दृष्टया साक्ष्य हो कि कर के मामले में फर्जीवाड़ा हुआ है.

 

उन्होंने कहा कि हम अवैध डेटा पर चर्चा में शामिल नहीं हो सकते. जब स्वतंत्र जांच हो जाएगी, तब हम उनका (भारतीय अधिकारियों का) जवाब देंगे और उनका पूरा सहयोग करेंगे. स्विस राजदूत ने दोहराया कि स्विट्जरलैंड अपने यहां भारतीयों द्वारा रखे गए कालाधन को लेकर भारत की चिंताओं को समझता है.

 

हालांकि इस मुद्दे पर एक स्पष्ट सोच की जरूरत है. मुझे लगता है कि इस मुद्दे का एक हिस्सा अतीत से निपटना है. उन्होंने कहा कि आगे यदि भारतीय, जर्मन या अमेरिकी स्विस बैंक में धन जमा करते हैं तो स्विस कर अधिकारी अपने समकक्षों को सूचना देंगे.

 

अतीत में जो कुछ हुआ उसे खत्म नहीं किया जा सकता. पिछले 50 सालों में जो कुछ हुआ उसे खत्म नहीं किया जा सकता. राजदूत ने कहा कि आप नहीं कह सकते कि स्विस बैंकों में खाता रखने वाले सभी भारतीयों के नाम मिल जाएंगे. यह संभव नहीं है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: black money investigation: swiss bank asks india to show prima facie evidence of illegality
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017