Britain shouldn't allow anti India propaganda from its soil says Minister of state for home Kiren Rijiju - ब्रिटेन को भारत विरोधी प्रचार नहीं होने देना चाहिए: रिजिजू

ब्रिटेन को भारत विरोधी प्रचार नहीं होने देना चाहिए: रिजिजू

By: | Updated: 07 Nov 2017 08:35 AM
Britain shouldn’t allow anti India propaganda from its soil says Minister of state for home Kiren Rijiju

नयी दिल्ली: ब्रिटेन की संसद में कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए पाकिस्तान की ओर से कुछ ब्रिटिश सांसदों के साथ की जा रही लॉबिंग पर भारत ने अपनी चिंता से ब्रिटेन को अवगत करा दिया. भारत ने ब्रिटेन से विजय माल्या और ललित मोदी जैसे भगोड़ों के प्रत्यर्पण में सहयोग भी मांगा.


डेलिगेशन लेवल की एक मुलाकात के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ब्रिटेन के इमिग्रेशन स्टेट मिनिस्टर ब्रैंडन लेविस के सामने इन मुद्दों को पुरजोर ढंग से उठाया.


गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय पक्ष ने कुछ ‘मीरपुरियों और पाकिस्तानियों’ की ओर से ब्रिटेन में भारत विरोधी प्रचार लगातार जारी रखने पर गंभीर चिंता जताई.


रिजिजू ने पाकिस्तान की ओर से ब्रिटेन के कुछ मौजूदा और पूर्व सांसदों, जैसे- डेविड नटल, नुसरत गनी, रॉबर्ट फ्लेलो, फियोना मैक्टागर्ट- के साथ लॉबिंग की तरफ भी लेविस का ध्यान खींचा. इन सांसदों ने कुछ समय पहले ब्रिटिश संसद में कश्मीर मुद्दे पर एक प्रस्ताव पर चर्चा कर उसे मंजूरी दी थी.


अधिकारी के मुताबिक, भारतीय पक्ष ने लेबर पार्टी की शैडो फॉरेन मिनिस्टर एमिली थॉर्नबेरी के इस कमेंट पर भी रोष जताया कि ब्रेग्जिट के बाद यदि ब्रिटेन और भारत में किसी तरह का करार होता है तो ब्रिटेन कश्मीर में कथित मानवाधिकार हनन को लेकर अपनी चिंताएं उसमें शामिल करेगा.


रिजिजू ने साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और उसे अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को अपनी सरजमीं से भारत विरोधी प्रचार नहीं होने देना चाहिए.


एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि ब्रिटेन का समाज उदारवादी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अलावा विचारों की वकालत करता है.


कुछ खालिस्तानी अलगाववादियों की भारत विरोधी गतिविधियों का मुद्दा भी ब्रिटिश डेलिगेशन के सामने उठाया गया और उन्हें कहा गया कि वे आतंकवाद और कट्टरपंथी विचारों के समर्थकों को मंच मुहैया ना कराएं. रिजिजू ने कहा कि ऐसी घटनाओं से खालिस्तानी और कश्मीरी अलगाववादी संगठनों का मनोबल बढ़ेगा.


अधिकारी ने बताया कि रिजिजू ने शराब कारोबारी विजय माल्या, आईपीएल के पूर्व प्रमुख ललित मोदी और क्रिकेट सट्टेबाज संजीव चावला समेत 13 भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए भी ब्रिटेन से सहयोग मांगा. ब्रिटिश पक्ष ने कहा कि माल्या के प्रत्यर्पण के मामले की सुनवाई चार दिसंबर को शुरू होगी और वे शर्त के साथ जमानत पर रहेंगे.


भारत ने 16 अन्य कथित अपराधियों के अभियोजन (Prosecution) में भी कानूनी सहायता मांगी. अपने भाई दीपक कपूर की बेटी के अपहरण के आरोपी राजेश कपूर और 1993 में गुजरात में हुए दो बम हमलों के सिलसिले में वांछित टाइगर हनीफ सहित कई अन्य भगोड़ों के प्रत्यर्पण के लिए भी भारत ने सहयोग मांगा. अन्य भगोडों में अतुल सिंह, राज कुमार पटेल, जतिंदर कुमार अंगुराला और आशा रानी अंगुराला शामिल हैं.


ब्रिटेन में रहने वाले भारतीयों के यात्रा दस्तावेज खो जाने की सूरत में भारत छह महीने के लिए आपातकालीन प्रमाण-पत्र जारी करने पर सहमत हुआ. पहले यह अवधि तीन महीने थी. रिजिजू ने भारतीयों, खासकर छात्रों, को वीजा दिए जाने में सहूलियत तय करने में भी ब्रिटेन से सहयोग करने के लिए कहा.

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Web Title: Britain shouldn’t allow anti India propaganda from its soil says Minister of state for home Kiren Rijiju
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