परचून की दुकान चलाने वाला बना 10 हज़ार करोड़ रूपये की अवैध संपत्ति का मालिक!

By: | Last Updated: Thursday, 11 February 2016 4:33 PM
BSP ex-MLC Mohammad Iqbal under lens for Rs 10000 crore scam

नई दिल्ली: परचून की दुकान से अरबों के कारोबारी बन चुके यूपी के बीएसपी नेता हाजी इकबाल अहमद मुश्किल में फंसते जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व बीएसपी एमएलसी मोहम्मद इक़बाल पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन ऑफिस से जवाब माँगा है. सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में मोहम्मद इक़बाल पर 111 फर्ज़ी कंपनियां बनाने और 10 हज़ार करोड़ रूपये की अवैध संपत्ति बनाने का आरोप लगाया गया है.

पूरा इंटरनेट खंगाल लीजिए लेकिन आपको बीएसपी के पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल की सिर्फ यही एक तस्वीर ही मिलेगी. लेकिन जिस वजह से वो चर्चा में है वो सुनकर आप चौंक जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहितयाचिका में हाजी मोहम्मद इकबाल पर 10 हजार करोड़ की काली कमाई करने आरोप लगाया गया है. यही नहीं हाजी इकबाल पर 111 फर्जी कंपनियां चलाने का भी गंभीर आरोप लगा है.

Iqbal 4 Iqbal 3 Iqbal 2 Iqbal 1 Iqbal

हाजी इकबाल पर ये आरोप उत्तर प्रदेश के एक कारोबारी रणवीर सिंह ने अपनी जनहित याचिका में लगाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका की सुनवाई के दौरान अब उत्तर प्रदेश सरकार से शिकायत कर्ता रणबीर और हाजी इकबाल दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड अदालत में पेश करने को कह दिया है.

इकबाल के खिलाफ दर्ज हुई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जांच का निर्देश दिया है. अब प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टीगेशन दफ्तर से भी हाजी इकबाल पर 10 हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के आरोपों की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है.

हाजी इकबाल की मुसीबतें उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन यानी एनआरएचएम घोटाले के खुलासे से ही शुरू हो गई थीं. इकबाल के यूपी के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के करीबी थे और आरोप लगा था कि वो घोटाले में इकबाल की काली कमाई का इस्तेमाल हुआ था.

सीबीआई और ईडी की जांच के मुताबिक बाबू सिंह कुशवाहा के एक रिश्तेदार औऱ इकबाल के एक परिजन दिल्ली की एक कंपनी में निदेशक भी हैं.

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में साढे चार करोड रुपये की संपत्ति भी जब्त की थी लेकिन अभी तक इकबाल के खिलाफ कोई भी सीधा सबूत नहीं मिला है.

अब इकबाल की 10 हजार करोड़ की काली कमाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो शिकायत की गई वो बेहद गंभीर है. इकबाल और उनके तथाकथित धंधो को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दाखिल की गई जिसपर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. आरोप लगाया गया है कि 111 कंपनियां ऐसी है जिनमें प्रत्यक्ष औऱ अप्रत्यक्ष तौर पर इकबाल औऱ उनके परिजनों से जुडी हुई है औऱ 30 कंपनियों में उनकी पार्टनरशिप है. यही नहीं उनसे जुड़ी कंपनियों में विदेशी डायरेक्टरों की मौजूदगी की जांच भी शुरू हो चुकी है.

दरअसल इकबाल के खिलाफ सहारनपुर के एक कारोबारी रणवीर सिंह ने सबसे पहले शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत इस बात की थी कि आखिर एक परचून की दुकान चलाने वाला इकबाल रातोंरात अरबों की संपत्ति और सहारनपुर कि सैकड़ों एकड़ में फैली इस ग्लोकल यूनिवर्सिटी का मालिक कैसे बन बैठा?

इक़बाल ने आखिर कैसे इतनी जल्दी इन बुलन्दियों को छुआ इसकी पड़ताल करने जब हम हाजी जी के गांव मिर्जापुर पहुंचे तो हाजी जी के चचेरे भाई मोहम्मद आरिफ ने बताया कि तंगहाल इक़बाल को उनके पिताजी ने घर के बाहर ही परचून की दुकान करा कर दी थी.

इकबाल के भाई आरोप लगाते हैं कि इकबाल ने उसी दौर में नसबंदी के लिए मिलने वाले कर्ज में हेराफेरी शुरू कर दी थी. इकबाल के भाई हाजी मोहम्मद आरिफ के मुताबिक यूपी के सहारनपुर में इकबाल ने लकड़ी की तस्करी के धंधे में पहली बार मोटी कमाई की.

आर्थिक हालात बदले तो इक़बाल ने राजनीती में हाथ आजमाया और 1995 में बीएसपी के टिकट पर विधायक का पहला चुनाव हार गए. लेकिन कारोबार लगातार बढ़ता गया. इकबाल यमुना नदी के किनारे पत्थरों के खनन के धंधे में कूदे. इकबाल के भाई आरोप लगाते हैं कि इस धंधे में उन्होंने कायदे कानून ताक पर रख दिए थे.

खनन कारोबार ने इकबाल की माली हैसियत हमेशा के लिए बदल दी और इसी धंधे में उन्होंने अपने करीबियों और परिवारवालों के नाम पर कंपनियां बनानी शुरू कर दीं. हाजी इकबाल के भाई के मुताबिक इकबाल ने अपनी काली कमाई छिपाने के लिए अपने मुंशी को भी करोड़पति बना दिया.

खनन का धंधा अब भी जारी है लेकिन अब इकबाल सहारनपुर की सबसे बड़ी निजी यूनिवर्सिटी ग्लोकल के मालिक बन चुके हैं. आरोप ये भी है कि इकबाल की इस यूनिवर्सिटी के लिए मजदूरी का भुगतान नहीं किया.

इन आरोपों पर जब एबीपी न्यूज ने जब बीएसपी नेता इकबाल से संपर्क करने की कोशिश की वो कैमरे पर आने को तैयार नहीं हुए. इकबाल के मुताबिक उन पर लगे आरोप राजनीतिक साजिश का हिस्सा हैं.

बीएसपी नेता इकबाल इसे राजनीतिक साजिश बताते हैं तो उनके करीबी कारोबारी रंजिश. लेकिन मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है. प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू कर दी है. इसके अलावा आयकर विभाग ने भी शिकायतों के आधार पर अपनी जांच शुरू की है और जरूरत पड़ने पर इकबाल को पूछताछ के लिए पेश होना पड़ सकता है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: BSP ex-MLC Mohammad Iqbal under lens for Rs 10000 crore scam
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017