जेटली ने कहा ‘सर्वे भवन्तु सुखिन’

By: | Last Updated: Saturday, 28 February 2015 3:39 PM

नई दिल्ली: वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज अपने बजट भाषण की शुरूआत में ही कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए एक शेर पढ़ा और भाषण का अंत संस्कृत के एक श्लोक से किया जिसका भावार्थ था ‘‘सभी सुखी रहें, सभी खुश रहें.’’

 

 लोकसभा में वर्ष 2015-16 के लिए आम बजट भाषण की शुरूआत में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पूर्ववर्ती कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार को निशाने पर लेते हुए यह शेर पढ़ा: ‘‘कुछ तो फूल खिलाए हमने , और कुछ फूल खिलाने हैं , मुश्किल ये है बाग में अब तक , कांटे कई पुराने हैं.’’ इस शेर से जहां विपक्षी बैंचों पर खामोशी छा गयी वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से मेजें थपथपाई.

 

विपक्ष की अग्रिम पंक्ति में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी , सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा बैठे हुए थे. आसमानी रंग की कमीज और , काली पतलून और गहरे नीले रंग की नेहरू जैकेट पहने जेटली ने करीब पौने दो घंटे में अपना बजट भाषण पूरा किया. दर्शक दीर्घा में उनकी बड़ी बहन मधु और भांजी पुनिता भी काफी ध्यान से उनका बजट भाषण सुनते देखीं गयीं.

 

वित्त मंत्री ने कई अवसरों पर लिखित भाषण से हटते हुए कुछ चीजों को विशेष रूप से सदस्यों को समझाने का प्रयास किया. भाषण की समाप्ति की ओर बढ़ते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता ‘दरिद्र नारायण’ के प्रति है और यह प्रतिबद्धता जाति , नस्ल या धर्म के भेदभाव के बिना समानता और सभी के लिए न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों से संचालित है.

 

इसी संदर्भ में उन्होंने भाषण की समाप्ति पर संस्कृत का श्लोक पढ़ा : ‘‘ओम सर्वे भवन्तु सुखिन, सर्वे सन्तु निरामया, सर्वे भद्रानि पश्यन्तु , मा कश्चिद दुखभाग भवे, ओम शांति , शांति शांति. ’’

 

काले धन को संगीन अपराध मानने वाला नया कानून बनेगा: जेटली

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने काले धन को संगीन अपराध मानते हुए इस पर लगाम लगाने के लिए वर्तमान सत्र में एक नया विधेयक लाने की आज घोषणा की और साथ ही विदेशी सम्पत्ति छिपाने वालों को 10 वर्ष कारावास की सजा और कर एवं संपत्ति को छिपाने वालों पर कर की मौजूदा दर से 300 प्रतिशत जुर्माना लगाने समेत कई कठोर कदम उठाने प्रस्ताव किया.

 

लोकसभा में 2015-16 का आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए यह कानून उनके कर प्रस्तावों का पहला और प्रमुख आधार बनेगा. इस विधेयक में आय एवं सम्पति छुपाने तथा विदेशी सम्पति के संबंध में कर-वंचना के लिए 10 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा. इन अपराधों को संगीन अपराध माना जाएगा और ऐसे अपराधों के लिए आय और सम्पति पर लगने वाले कर की मौजूदा दर से 300 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा.

 

वर्तमान सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने काले धन पर लगाम लगाने के लिए बेनामी लेन-देन रोकथाम के लिए भी एक नया कानून इसी सत्र में लाने की भी घोषणा की. नए कानून के तहत एक लाख से अधिक की किसी भी खरीद और बिक्री के लिए पैन नम्बर देना अनिवार्य कर दिया जाएगा और 20 हजार से अधिक का लेन-देन नकद किए जाने पर रोक लगा दी जाएगी.

 

जेटली ने कहा, ‘‘ इस कानून से बेनामी सम्पत्ति कुर्क करने के साथ अभियोग चलाने का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा और बेनामी सम्पत्ति के जरिये विशेष तौर पर रियल इस्टेट क्षेत्र में कालाधन सृजन करने क रास्ते बंद किये जा सकेंगे.’’

 

वित्त मंत्री ने कहा कि नये विधेयक में आयकर विवरणी दाखिल न करने और अधूरी जानकारी के दाखिल करने पर 7 वर्ष की कड़ी सजा का प्रावधान होगा. बैंकों, वित्तीय संस्थानों और व्यक्तियों के मामले में इस विधेयक के आधार पर कार्रवाई की जा सकेगी. वित्त मंत्री ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 फेमा तथा धन-शोधन कानून-2002 में बदलाव किए जाने का भी प्रस्ताव किया है.

 

जेटली ने अवैध रुप से विदेशों में जमा किए गए काले धन की तलाश जारी रखने और से धन की वापस लाने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहरायी. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 9 माह में इस समस्या के समाधान के लिए कई उपाय किए हैं.

 

जेटली ने कहा कि मेक इन इंडिया और घरेलू विनिर्माण से देश में विकास होगा और निवेश में तेजी आएगी, इससे रोजगार पैदा होंगे. इससे मध्यम श्रेणी के करदाताओं को फायदा होगा और देश में न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन से पैदा हुए माहौल से व्यवसाय करने में सुविधा होगी.

 

बहन ने ‘गतिशील’ बजट के लिए भाई को दिए 10/10

 

वित्त मंत्री अरूण जेटली को उनकी बड़ी बहन मधु भार्गव ने ‘‘गतिशील’’ बजट पेश करने के लिए आज दस में से दस अंक देते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है.

 

लोकसभा की दर्शकदीर्घा में बैठकर बड़े ध्यान से बजट भाषण को सुनने वाली मधु अपने छोटे भाई को बधाई देने के लिए उनके चैम्बर में गयीं और बजट को बेहद उत्पादक दस्तावेज बताया.

 

उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ यह बेहद गतिशील और बहुत अच्छा बजट है. मैं बजट के लिए उन्हें पूरे नंबर देती हूं जिसमें उन्होंने समाज के हर वर्ग का ख्याल रखा है.’’ यह पूछे जाने पर कि वह अपने छोटे भाई को कितने नंबर देंगी, उन्होंने कहा, ‘‘ वह मेरा छोटा भाई है और मैं दस में से दस नंबर दूंगी.’’ जेटली की वकील भान्जी और भार्गव की बेटी पुनिता ने भी इसे एक ‘‘दूरदर्शी’’ बजट बताया.

 

उन्होंने कहा, ‘‘ यह बहुत अच्छा बजट है और काफी समग्रता वाला भी. यह दूरदर्शी बजट है.’’ उन्होंने साथ ही कहा कि उनके मामा ने समाज के हर तबके का ख्याल रखा है.

 

अब सोने को विशेष खाते में रख प्राप्त कीजिए ब्याज

 

सोने की बढ़ती मांग से चिंतित वित्त मंत्री अरूण जेटली ने घरों में निष्क्रिय पड़े मूल्यवान धातु को बाजार में लाने के इरादे से आज कई उपायों की घोषणा की. इन उपायों में विशेष खाते में सोना रखकर ब्याज प्राप्त किया जाना शामिल है.

 

संसद में 2015-16 का आम बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा कि देश में 20,000 टन सोना पड़ा होने का अनुमान है लेकिन इनमें से ज्यादातर का न तो कोई कारोबार होता है और न ही ये बाजार में आते हैं.

 

उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हर साल 800 से 1,000 टन सोने का आयात होता है. उन्होंने स्वर्ण मौद्रिकरण योजना (जीएमएस) का प्रस्ताव किया जो स्वर्ण जमा तथा स्वर्ध धातु रिण योजनाओं का स्थान लेगी.

 

इस नई योजना के जरिये स्वर्ण जमाकर्ताओं को उनके ‘धातु खातों’ पर ब्याज अर्जित करने की अनुमति होगी और आभूषण निर्माता अपने धातु खाते में कर्ज प्राप्त कर सकेंगे. बैंक तथा अन्य डीलर भी इस सोने को मौद्रीकरण कर सकेंगे.

 

वित्त मंत्री ने वैकल्पिक वित्तीय संपत्ति सरकारी स्वर्ण बांड को सोने की खरीद के विकल्प के रूप में विकसित किये जाने की भी घोषणा की. इस बांड पर निश्चित ब्याज दर मिलेगा और बांडधारक सोने के अंकित मूल्य पर इसे भुना सकेंगे.

 

जेटली ने यह भी घोषणा की कि सरकार भारतीय स्वर्ण सिक्का बनाने का काम शुरू करेगी जिस पर अशोक चक्र बना होगा. इस भारतीय स्वर्ण सिक्के से देश के बाहर बनने वाले सिक्कों की मांग कम करने और देश में उपलब्ध सोने के पुनर्चक्रण में मदद मिलेगी.

 

संपत्ति कर खत्म, अमीरों पर दो प्रतिशत अतिरिक्त अधिभार

 

अमीरों और संपन्न लोगों से ज्यादा कर चुकाने का आग्रह करते हुए वित्त मंत्री अरण जेटली ने आज संपत्ति कर खत्म कर दिया लेकिन सालाना एक करोड़ और इससे अधिक आय अर्जित करने वाले व्यक्तियों और 10 करोड़ रुपए या अधिक की सालाना आय दर्ज करने वाली कंपनियों पर अधिभार दो प्रतिशत बढ़ाकर 12 प्रतिशत कर दिया है.

 

इसके अलावा मंत्री ने एक करोड़ रुपए से 10 करोड़ रुपए के बीच आय अर्जित करने वाली कंपनियों पर सात प्रतिशत का अधिभार भी लगाया है. उन्होंने कहा कि नयी पहलों से 9,000 करोड़ रुपए का कर संग्रह होगा जबकि संपत्ति कर से सिर्फ 1,008 करोड़ रुपए का संग्रह होता.

 

जेटली ने 2015-16 का बजट पेश करते हुए कहा ‘‘दो प्रतिशत के अतिरिक्त अधिभार के साथ 9,000 करोड़ रुपए के संग्रह के लिए 1,008 करोड़ रुपए :संपत्ति कर खत्म कर: की कुर्बानी दी जाएगी है.’’ एक करोड़ और इससे अधिक आय अर्जित करने वाले व्यक्तियों और 10 करोड़ रुपए या इससे अधिक आय अर्जित करने वाली कंपनियों पर अब अधिभार 12 प्रतिशत होगा.

 

जेटली ने कहा ‘‘अमीर और संपन्नों को ज्यादा कर का भुगतान करना चाहिए.’’ उन्होंने कहा कि संपत्ति कर जारी रखने का कोई मतलब नहीं था क्योंकि इसमें कर संग्रह की लागत अधिक थी. इससे कर प्रक्रिया आसान होगी और कर के दायरे में आने वालों की तादाद बढ़ेगी.

 

यह अधिभार एक करोड़ रुपए से अधिक आय दर्ज करने वाले व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार, कंपनियों, सहकारी संस्थाओं और स्थानीय प्राधिकारों पर लागू होगा. एक कारोड़ रुपए से अधिक की व्यक्तिगत आय पर सरचार्ज 2013-14 के बजट में लगाया गया था.

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