BUDGET 2015: वे बातें जो इस रेल बजट को बनाती हैं खास!

By: | Last Updated: Thursday, 26 February 2015 5:15 PM

नई दिल्ली: मोदी सरकार का ये रेल बजट सालों से पेश होते आ रहे तमाम रेल बजटों से अलग है. सुविधा से लेकर सुरक्षा तक और तकनीक से लेकर रफ्तार तक ऐसी कई बातें हैं जो सुरेश प्रभु के बजट को बाकी बजट से अलग करती हैं सबसे पहले बात करते हैं रेल में सफर करने वाले यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की.

 

दिल्ली से कानपुर चले जाइए या जयपुर से पटना का सफर कर लीजिए हर जगह रंगीले प्रजातंत्र की झलक देखने को मिल जाएगी और इस बार तो मोदी सरकार के रेल मंत्री ने यात्री सुविधाओं पर जोर देकर रेल को भी रंगीन बनाने का वादा किया है.

 

ट्रेन में जैसे ही किसी को अपर बर्थ मिलती है वो सोच में पड़ जाता है खासकर बुजुर्ग या महिलाएं उम्मीद भरी नजरों से लोअऱ बर्थ वाले से सीट बदलने को कहते हैं वो इसलिए क्योंकि अपर बर्थ पर जाना आसान नहीं होता ये बात सरकार को समझ आ गई है औऱ इसलिए अब अपर बर्थ पर जाने के लिए फोल्डिंग सीढ़ियां बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इतना ही नहीं बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर सीट का कोटा होने वाला है.

 

ट्रेन में सफर करने जाओ तो टॉयलेट की हालत इतनी ज्यादा खराब होती है कि इस्तेमाल करने का दिल नहीं करता लेकिन सुरेश प्रभु ने स्वच्छ रेल स्वच्छ भारत अभियान के तहत ट्रेनों में वैक्यूम टॉयलेट बनाने की बात कही है वैक्यूम टॉयलेट जो कि हवाई जहाज में होते हैं इससे पानी की तो बचत होगी ही साफ-सफाई भी फ्लाइट जैसी हो जाएगी.  17 हज़ार डिब्बों में मौजूदा टॉयलेट की जगह बायो टॉयलेट लगाने की योजना है.

 

ट्रेन में जो बिस्तर दिया जाता है उसकी साफ सफाई को लेकर भी शिकायतें होती रही हैं ऐसे में रेल मंत्री ने यूज एंड थ्रो की तर्ज पर एनआईएफटी के फैशन डिजायनर बिस्तरों का नया डिजायन बनाएंगे और डिब्बों को खूबसूरत बनाने के लिए NID के इंटीरियर डिजाइनर डिब्बों के इंटीरियर डिजाइन करेंगे.

 

ट्रेन के लंबे सफर में यात्री बोर ना हों इसके लिए सरकार मनोरंजन की व्यवस्था करने की तैयारी कर रही है. शताब्दी ट्रेन में हवाई जहाज की तरह ही एलसीडी स्क्रीन होगी जिस पर आप फिल्म से लेकर टीवी तक देख पाएंगे.

 

रेल यात्रा को सुखद बनाने की इस कोशिश में आम जनता के सुझावों को भी शामिल किया गया है पहली बार रेल बजट में सोशल मीडिया पर सुझाव मांगे गए है कुल 20 हजार सुझाव आए जिनमें से कुछ को इस रेल बजट में जगह मिली है.

 

छोटे शहरों में बंद क्रांसिग पर जब कभी मालगाड़ी गुजरती है तो गुस्सा बहुत आता है क्योंकि मालगाड़ी पर माल लदा हो या ना लदा वो रेंगती हुई गुजरती है. अब क्रांसिग पर स्पीड कितनी होगी ये तो पता नहीं लेकिन रेल मंत्री ने ये जरूर साफ कर दिया है कि मालगाड़ी की स्पीड बढाने पर काम किया जाएगा. खाली मालगाड़ियों की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा तो वहीं भरी हुई मालगाड़ियों की रफ्तार 75 किमी प्रति घंटे करने का प्रस्ताव रखा गया है.

 

अभी तक चाहे कोयला हो या फिर गाड़ियां सबके लिए एक ही तरह के माल डिब्बे इस्तेमाल होते थे लेकिन अब हर तरह के माल के लिए अलग तरह से डिब्बे बनाए जाएंगे और ये वजन में हल्के भी होंगे.

 

रफ्तार बढ़ाने में दूसरी बड़ी खबर दिल्ली मुंबई दिल्ली कोलकाता जैसे 9 रूटों के लिए हैं. अभी राजधानी जैसी सबसे तेज ट्रेन से दिल्ली से मुंबई के बीच 1400 किमी का सफर तय करने में 18 से 20 घंटे का वक्त लगता है लेकिन रेल मंत्री सुरेश प्रभु रात के 10 घंटों के भीतर ही इस सफर को पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं मतलब रात में दिल्ली से रवाना होइए और सुबह मुंबई पहुंच जाइए. इसके लिए बिग टिकट योजना के तहत अब इंजन भी पहले से ज्यादा हॉर्स पॉवर के बनेंगे.

 

इसके लिए लाइनें और रेलों को उच्च क्षमता से लैस करना होगा. यही नहीं ट्रैक की ज्यादा देखरेख की भी जरूरत होगी. हालांकि सबसे बड़े सपने बुलेट ट्रेन पर रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अभी इंतजार करने को कहा है क्योंकि मुंबई अहमदाबाद रूट पर चली स्टडी की आखिरी रिपोर्ट जून तक आ पाएगी बुलेट ट्रेन के बाकी रूटों पर भी स्टडी चल रही है स्टडी रिपोर्ट सबमिट होने के बाद ही आगे पर इस पर काम हो पाएगा.

 

इंजन का ये शोर मानो भारतीय रेल की पहचान बन चुका है लेकिन हर बार से अलग इस बजट में रेल मंत्री ने भारतीय रेल को इस शोर से भी निजात दिलाने की बात कही है. भारतीय रेल के इंजन के इस शोर को अंतराष्ट्रीय मानक जितना कम करने की कोशिश तेज होगी.

 

तकनीक का इस्तेमाल करके ही अब कुछ इंटरसिटी ट्रेनों को सीएनजी से चलाया जाएगा. ताकि प्रदूषण कम हो. इतना ही नहीं मालगाड़ी के डिब्बों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आई डी लगाई जाएगी ताकि मालभाड़े को ट्रैक किया जा सके. ये आईडी मालगाड़ी के डिब्बों, गोदामों और ग्राहकों को एक दूसरे के संपर्क में रखेगी. अब तक ट्रैक की जांच का काम इंसान करते थे लेकिन अब इसे पूरी तरह मशीनों को सौंपने की तैयारी है और इसके लिए नए उपकरण खरीदे जाएंगे.

 

कारोबार बढ़ाने के लिए कायाकल्प योजना लागू की जाएगी. my gov की तर्ज पर टेक्नलॉजी पोर्टल बनाया जाएगा जिसमें रेलवे के लिए नई तकनीकी सुझाव मांगे जाएंगे. एक महत्वाकांक्षी योजना का भी एलान किया गया है जिसका नाम है foreign rail technology cooperation स्कीम ताकि रेल सेवा को विश्वस्तरीय बनाया जा सके.

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Web Title: budget 2015_RAIL BUDGET_INDIA_RAILWAY
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