उप चुनाव: लोकसभा की तीन और विधानसभा की 33 सीटों के नतीजों से मोदी लहर का टेस्ट

By: | Last Updated: Monday, 15 September 2014 7:57 PM

नई दिल्ली: नौ राज्यों में लोकसभा की तीन और विधानसभा की 33 सीटों के लिए हुए उपचुनावों के नतीजे आज सबके सामने आएगा. जहां इन नतीजों को पीएम मोदी और एनडीए के लिए एक बड़ा टेस्ट बताया जा रहा है वहीं उन पार्टियों के लिए भी ये नतीजे कई मायने में अहम होंगे जो लोकसभा में मोदी लहर में बह गए थे.

उपचुनाव के नतीजों का इंतजार देश कर रहा है. वोटों की गिनती शुरू चुकी है. लोकसभा चुनाव के बाद ये सबसे बड़ा उप चुनाव है. इससे पहले बिहार में उपचुनाव हुए थे लेकिन बीजेपी के लिए अच्छी खबर नहीं आई थी. इसलिए बीजेपी और पीएम मोदी के लिए इस चुनाव के नतीजे बेहद अहम है.

 

पीएम मोदी के इस्तीफे के बाद वडोदरा में और मुलायम के इस्तीफे के बाद मैनपुरी में और तेलंगाना के सीएम चंद्रशेखर राव के इस्तीफे के कारण मेडक लोकसभा सीटों पर उपचुनाव कराए गए थे. विधानसभा की 33 सीटों में से 24 सीटें बीजेपी के पास थीं. हम आपको बता दें कि जिन सीटों पर चुनाव हुए वहां पीएम मोदी ने कोई सभा नहीं की थी.

 

विधानसभा की सीटें

 

विधानसभा की 33 सीटों में से उत्तर प्रदेश में 11, गुजरात में नौ, राजस्थान में चार, पश्चिम बंगाल में दो, पूर्वोत्तर राज्यों में पांच और छत्तीसगढ और आंध्र प्रदेश में एक एक सीट शामिल है.

 

विधानसभा की इन सीटों में से 24 सीटें बीजेपी के पास थी जबकि एक-एक सीट उसके सहयोगी दल टीडीपी और अपना दल के पास थी.

 

यूपी

यूपी की जिन 11 सीटों पर उपचुनाव कराए गए थे वो सारी सीटें बीजेपी के पास थी. इसलिए बीजेपी के लिए सबसे बड़ा टेस्ट यूपी में ही है. क्या सारी सीटें बीजेपी को वापस मिलेंगी? जिस तरह यूपी के लोकसभा चुनाव में अमित शाह का भी जादू चला था क्या वो जादू बरकरार रहेगा? क्या मोदी सरकार के 100 दिन के कामकाज का असर भी पडा उपचुनावों पर? लोकसभा चुनाव में सिर्फ मुलायम का परिवार जीत सका था. मैनपुरी में मुलायम के पोते तेज प्रताप मैदान में थे. क्या मुलायम परिवार का करिश्मा बरकरार रहेगा? मायावती की पार्टी बीएसपी के चुनाव में नहीं आने से किसे फायदा मिलेगा-बीजेपी को या समाजवादी पार्टी को?

 

गुजरात

गुजरात की 9 विधानसभा सीटों पर मोदी का और गुजरात में उनकी उत्तराधिकारी आनंदीबेन पटेल का भी टेस्ट है. मोदी के पीएम बनने के बाद आनंदी बेन सीएम बनीं और 100 दिन से सरकार चला रही है. नतीजे बताएंगे कि बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ गुजरात में फिर से कमल खिलेगा या नहीं. गुजरात की सारी सीटें बीजेपी के पास थीं. मणिनगर सीट तो पीएम मोदी के इस्तीफे से खाली हुई है. मणिनगर से विधायक चुने जाने के बाद ही मोदी गुजरात में सीएम बने थे.

 

राजस्थान

राजस्थान में जिन चार सीटों के लिए उपचुनाव हुआ है वहां मुख्य मुकाबला विपक्षी कांग्रेस और सत्तारूढ बीजेपी के बीच है. चारों सीटें बीजेपी के पास थी.

 

नसीराबाद से सनवर लाल जाट, कोटा दक्षिण से ओम बिरला, सुरजगढ़ से संतोष अहलावत और वेर से बहादुर सिंह कोली के लोकसभा सांसद बनने के बाद उपचुनाव कराए गए हैं. राजस्थान में भी पीएम मोदी और राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे का टेस्ट है. चारों सीटों पर सीएम वसुंधरा ने कई चुनावी सभाएं की थी.

 

उप चुनाव के नतीजों में फेल मोदी!

 

पिछले महीने हुए विधानसभा उपचुनावों में बीजेपी को उस समय थोड़ा झटका लगा था जब बिहार में उसे दस में से मात्र चार सीटें मिली थी और कर्नाटक और मध्य प्रदेश में उसे एक एक सीट कांग्रेस के हाथों गवानी पड़ी थी.

 

चुनाव नतीजों को करीब साढे तीन महीने से सत्ता संभाल रही नरेन्द्र मोदी सरकार की लोकप्रियता की एक और जांच के रूप में देखा जा रहा है. यह अगले महीने महाराष्ट्र एवं हरियाणा में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण है जहां बीजेपी कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने की आस लगाये हुए है.

 

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी बशीरहाट और चौरंगी विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बनाये रखने की उम्मीद कर रही है.

 

छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित कांकेर जिले के अनंतगढ़ के अलावा असम की तीन विधानसभा सीटों वहीं त्रिपुरा की मनु सीट पर 87 फीसदी मतदान हुआ.