लखनऊ: बिना इजाजत रैली करने पर बीजेपी नेता आदित्यनाथ, लक्ष्मीकांत वाजपेयी और जगदंबिका पाल के खिलाफ केस दर्ज

By: | Last Updated: Thursday, 11 September 2014 3:03 AM
case filed against BJP MP Yogi Adityanath, Laxmikant Vajpayee and Jagdambika Pal

नई दिल्ली: गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ पर चुनाव आचार संहिता तोड़ने का आरोप है. आदित्यनाथ के खिलाफ लखनऊ के गाजीपुर पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है.

 

आदित्यनाथ ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए लखनऊ के मुंशीपुलिया इलाके में ट्रक पर बने मंच पर लखनऊ प्रशासन के इजाजत नहीं देने के बावजूद की सभा को संबोधित किया. इस दौरान उनके साथ बीजेपी यूपी के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और जगदंबिका पाल भी मौजूद थे. इन दोनों नेताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.

 

जांच के बाद समुचित कार्रवाई की जायेगी: पुलिस

लखनऊ पुलिस ने कहा है कि योगी आदित्यनाथ ने बिना अनुमति के रैली में हिस्सा लेने वाले मामले की जांच कराकर समुचित कार्रवाई की जायेगी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि पहले जिला प्रशासन ने आयोजकों की अर्जी पर आदित्यनाथ की रैली को अनुमति दे दी थी. लेकिन बाद में आयोजकों ने ही कार्यक्रम रद्द होने की सूचना दी थी. ऐसे में प्रशासन की अनुमति स्वत: निरस्त हो गई.

 

कुमार ने कहा कि इसके बाद बुधवार दोपहर बाद फिर बीजेपी ने अचानक जिला प्रशासन से रैली की अनुमति मांगी. आयोजकों से कहा गया कि चूंकि आदित्यनाथ को चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है. साथ ही आनन-फानन में रैली को इजाजत देना संभव नहीं है.

 

आदित्यनाथ ने सपा सरकार को घेरा

अपने तल्ख बयानों के लिये अक्सर चर्चा में रहने वाले आदित्यनाथ ने इस रैली के लिए इजाजत नहीं मिलने को सपा सरकार का तानाशाहीपूर्ण कदम करार दिया.

 

आदित्यनाथ ने कहा, “प्रशासन ने सुबह से ही हम लोगों को परेशान कर रखा है. हमें ना ठाकुरद्वारा, ना मैनपुरी और ना ही निघासन में रैली करने दी. प्रशासन ने हमारी लखनऊ की सभा की जो भी अनुमति दी थी, उसे अलोकतांत्रिक तरीके से वापस ले लिया.”

 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हो रहे उपचुनावों का ना तो केन्द्र और ना ही प्रदेश की सरकार की सेहत पर कोई असर होगा लेकिन अगर बीजेपी उपचुनाव जीतती है तो प्रदेश सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी.

 

आदित्यनाथ ने कहा, “दूसरे प्रदेशों में कहा जाता है कि जहां सड़कें उखड़ी हो, जहां मां-बहनों की इज्जत सुरक्षित ना हो, जहां माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा हो, जहां कानून की धज्जियां मंत्री और विधायक उड़ा रहे हों, समझो वही उत्तर प्रदेश है. हमें इसे बदलने के लिये हमें खड़ा होना ही पड़ेगा.”

 

बीजेपी सांसद ने कहा, “मैं उन सभी लोगों को धन्यवाद देता हूं जो आज प्रदेश सरकार की अराजकता और तानाशाही का जवाब देने के लिये यहां एकत्र हुए हैं. प्रदेश में ढाई साल में 450 दंगों के लिये हम जिम्मेदार नहीं. यह साम्प्रदायिक एजेंडे के कारण है.’’

 

इसके पूर्व, आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा को मोबाइल फोन के जरिये सम्बोधित करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दरअसल ‘परिवारवादी’ पार्टी है. उसकी विभाजनकारी और विभेदकारी नीतियों की वजह से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास रसातल में पहुंच गया है.

 

आदित्यनाथ को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के साथ निघासन में चुनावी रैली को सम्बोधित करना था लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से ना पहुंच पाने की वजह से उनका भाषण मोबाइल फोन के जरिये सुनाया गया.

 

अपने संक्षिप्त भाषण में बीजेपी सांसद ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, सड़कों, बिजली आपूर्ति की खराब हालत तथा किसानों की बदहाली का जिक्र करते हुए उनके लिये सपा को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो ने प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था की स्थिति को उजागर कर दिया है.