Cash crunch in 10 States Including Bihar MP Arun Jaitley बिहार एमपी में कैश की भारी कमी एटीएम में नहीं हैं पैसे

10 राज्यों में नोटबंदी जैसी कैश की किल्लत, सरकार को भरोसा- 2 से 3 दिनों में स्थिति होगी सामान्य

Cash crunch: बिहार के अलावा यूपी, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में कैश की भारी कमी है. हालांकि बैंकिंग सचीव राजीव कुमार का दावा है कि देश के 85 प्रतिशत एटीएम काम कर रहे हैं.

By: | Updated: 17 Apr 2018 02:00 PM
Cash crunch in 10 States Including Bihar MP Arun Jaitley RBI Rahul Gandhi on ATM dry top 10 Highlights

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद एक बार फिर 10 राज्यों खासकर बिहार और मध्य प्रदेश में कैश की भारी किल्लत है. कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं. जिन बैंकों और एटीएम में कैश है वहां लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही है. वहीं सरकार का कहना है बाजार में पर्याप्त मात्रा में करेंसी है. अचानक मांग बढ़ने की वजह से समस्या उत्पन्न हुई है. जल्द ही इससे निपटेंगे.


10 प्वाइंट्स में समझें अब तक के अपडेट्स:


1. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने विपक्षी दलों की आलोचनाओं और लोगों को हो रही परेशानियों पर ट्वीट कर कहा, ''देश में उपजे करेंसी समस्या की समीक्षा की है. बाजार और बैंकों में पर्याप्त करेंसी उपलब्ध है. करेंसी की अस्थाई कमी इसलिए हुई क्योंकि कुछ क्षेत्रों में मांग में अचानक और असामान्य वृद्धि हुई. समस्या से निबटा जा रहा है.''


2. एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत करते हुए कहा कि हमारे पास पर्याप्त मात्रा में कैश है. जल्द ही स्थिति सामान्य होगी. हम पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.


3. वित्त राज्य मंत्री शिव प्रसाद शुक्ल ने कहा कि करेंसी की किल्लत तीन दिनों में खत्म हो जाएगी. उन्होंने कहा, ''अभी हमारे पास 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपये की कैश करेंसी है. एक समस्या है कि कुछ राज्यों के पास कम करंसी है जबकि अन्य राज्यों के पास ज्यादा. सरकार ने राज्य स्तर पर समिति गठित की है. वहीं, आरबीआई ने भी नोटों को एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजने के लिए कमिटी गठित की है.''


4. रिजर्व बैंक की मानें तो देश के सामने कैश (नकदी) की समस्या लगातार पड़े त्योहारों के कारण हुई है. शीर्ष बैंक के मुताबिक दो से तीन दिनों में स्थिति सामान्य हो जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहां भी नकदी की कमी हुई है वहां तुरंत भेजने का निर्देश दिया गया है. बैंकों को सरप्लस कैश रखने के लिए भी कहा गया है.


5. वहीं इससे पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साधते हुए कहा कि 'नोटबंदी घोटाले' का असर दिख रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने बैंकिंग सिस्टम को ध्वस्त कर दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, '''साहब' कर रहे विदेश में ऐश,जनता खोज रही बैंकों में कैश!'' मोदी जी का शानदार जुमला- "नोटबंदी द्वारा देश को कैशलैस सोसाइटी की तरफ़ आगे बढ़ाना है."


6. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, '16.5 लाख करोड़ नोट प्रिंट और वितरित किए गए, लेकिन 2000 रुपए के नोट कहां हैं? कौन नकदी की कमी पैदा करने की कोशिश कर रहा है? यह समस्या पैदा करने की साजिश है और राज्य सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करेगी. हम केंद्र के संपर्क में हैं.'


7. एक बैंक के प्रबंधक ने मंगलवार को बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से मांग के मुताबिक कैश की आपूर्ति नहीं की जा रही है, जिस कारण ऐसी समस्या आई है. सबसे अधिक कैश की कमी का असर बिहार में देखी जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक राज्य के 75 प्रतिशत से अधिक एटीएम में पैसा नहीं है, जिस कारण वे बंद पड़े हैं. पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा समेत अधिकांश शहरों में एटीएम में पैसा नहीं रहने के कारण पैसे के लिए लोग भटक रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, बिहार में केवल एसबीआई को प्रतिदिन 250 करोड़ रुपये की जरूरत होती है. जिसमें मात्र 125 करोड़ रुपये की ही पूर्ति हो रही है.


8. बिहार के अलावा यूपी, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में कैश की भारी कमी है. हालांकि बैंकिंग सचीव राजीव कुमार का दावा है कि देश के 85 प्रतिशत एटीएम काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कैश की किल्लत से निपटने के लिए हम 500 रुपये के नोटों की सप्लाई बढ़ा रहे हैं.


कैश की किल्लत पर वित्त मंत्री जेटली ने कहा- बाजार में पर्याप्त कैश, अनाचक मांग बढ़ने से हुई दिक्कत


9. कैश की कमी के बाद एक बार फिर सरकार और आरबीआई के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि जब कैश की मांग बढ़ने की आशंका पहले से ही थी तो सरकार ने कदम क्यों नहीं उठाए? एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात सरकार ने केंद्र सरकार को आगाह किया था कि राज्य में कैश की कमी हो सकती है.


10. सवाल उठ रहा है कि आखिर कैश की कमी क्यों है? इसकी कई वजहें हैं लेकिन इसके तकनीकी कारण भी हैं. रिजर्व बैंक ने पिछले साल मई में दो हजार के नोटों को छापना बंद कर दिया था. और पांच सौ और दो सौ रुपये के नोटों को लाया गया. इससे भी समस्या उत्तपन्न हुई. इसको इस तरह समझ सकते हैं कि अगर दो हजार के नोटों से एटीएम को भरा जाता है तो 60 लाख रुपये तक के वैल्यू के नोट आ जाते हैं. वहीं पांच सौ, दो सौ और सौ रुपये के नोटों से ये क्षमता करीब 15 से 20 लाख रुपये ही रहती है. करेंसी की किल्लत का एक कारण यह भी है कि सभी एटीएम में 200 रुपये के नोट कैलीब्रेट नहीं किये जा सकते हैं.

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