CAUGHT ON CAMERA: लॉकअप में हनीप्रीत, जमीन पर सोने के लिए मिली दरी

CAUGHT ON CAMERA: लॉकअप में हनीप्रीत, जमीन पर सोने के लिए मिली दरी

पहली बार हनीप्रीत की एक तस्वीर सामने आई है. जिसमें वो लॉकअप के अंदर बैठी हुई है. लॉकअप में एक दरी भी दिखाई दे रही है, जो हनीप्रीत को सोने के लिए मिली है.

By: | Updated: 06 Oct 2017 06:59 AM

नई दिल्ली: हनीप्रीत पंचकूला के सेक्टर 23 थाने के लॉकअप में बद हैं. पहली बार हनीप्रीत की एक तस्वीर सामने आई है. जिसमें वो लॉकअप के अंदर बैठी हुई है. लॉकअप में एक दरी भी दिखाई दे रही है, जो हनीप्रीत को सोने के लिए मिली है.


हिंसा की स्क्रिप्ट में हनीप्रीत का हाथ
25 अगस्त को राम रहीम की पेशी के दौरान पंचकूला में जो हिंसा भड़की थी उसकी स्क्रिप्ट लिखने में हनीप्रीत का भी हाथ था. पुलिस के दावे के मुताबिक हनीप्रीत ने पूछताछ में बताया है कि हिंसा फैलाने के लिए हनीप्रीत ने डेरा समर्थकों को सवा करोड़ रुपये बांटे थे.


पंचकूला पुलिस का दावा है कि इस हिंसा की स्क्रिप्ट हिंसा से 8 दिन पहले यानी 17 अगस्त को लिख दी गई थी. पुलिस के मुताबिक हिंसा की साजिश रचने वालों में खुद बाबा राम रहीम, हनीप्रीत, राम रहीम का पीए राकेश और सिक्योरिटी इन्चार्ज प्रीतम शामिल था.


पुलिस ने पूछताछ के बाद किया बड़ा खुलासा
पुलिस के मुताबिक हनीप्रीत ने हिंसा फैलाने के लिए डेरा समर्थकों के बीच सवा करोड़ रुपये बांटे थे. इस सवा करोड़ में से एक करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं जबकि 24 लाख एक आरोपी से पकड़ा गया है. हनीप्रीत के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं और कई सबूतों की तलाश है.


हनीप्रीत ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया
पुलिस को शक है कि हिंसा को अंजाम देने के लिए हनीप्रीत ने एक WhatsApp ग्रुप बनाया था. पुलिस को शक है कि राम रहीम को दोषी करार देने के बाद हनीप्रीत ने मैसेज भेजकर हंगामा करने को कहा था. अपने शक को पुख्ता करने के लिए पुलिस को हनीप्रीत के मोबाइल की तलाश है. पुलिस के मुताबिक 25 अगस्त को हिंसा की पूरी प्लानिंग सिरसा के डेरे में ही हुई थी.


प्लान था कि सजा हुई तो हिंसा बरी हुआ तो प्रवचन
डेरे के अंदर हुई बैठक में ही तय हुआ कि अगर 25 अगस्त को राम रहीम बरी हुआ तो पंचकूला में प्रवचन देगा और अगर सजा का एलान हुआ तो हंगामा होगा. फैसले का एलान होते ही हनीप्रीत लाल सूटकेस लाऩे बाहर आई थी. पुलिस के मुताबिक लाल सूटकेस तय स्क्रिप्ट के मुताबिक ही कोर्ट परिसर में लाया गया था. सिर्फ लाल सूटकेस नहीं बल्कि समर्थक भी पूरी तैयारी के साथ आए थे.


अभी भी खुद को बेकसूर बता रही हनीप्रीत
हालांकि हनीप्रीत अपनी दलील में बार बार कह रही है कि मैं तो पुलिस के साथ अदालत में थी. हिंसा में हाथ कैसे हो सकता है. इन सबके बीच सिरसा के डेरे में भी हिंसा की साजिश के सबूत डेरा से बरामद कंप्यूटर की टूटी हार्डडिस्क से मिले हैं. हार्डडिस्क की जांच में पता चला है कि डेरा में काफी हथियार और पैसे रखे गए थे.



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