SC ने खारिज की रंजीत सिन्हा की याचिका, नहीं मानी मीडिया कवरेज पर रोक की मांग

By: | Last Updated: Wednesday, 3 September 2014 2:25 PM

नई दिल्ली: सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के खिलाफ प्रशांत भूषण की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई सोमवार तक टल गई है. सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को कहा है कि नियम के मुताबिक उचित प्रारूप में अर्जी दाखिल करें. रंजीत सिन्हा के वकील बगैर शपथपत्र दस्तावेज दाखिल किए जाने पर आपत्ति जताई है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को निर्देश दिए हैं कि सीबीआई निदेशक के आवास पर आगंतुकों की सूची से जुड़े दस्तावेजों को शपथपत्र के साथ जमा कराया जाए. जब तक यह रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं होता है, हम उसपर (दस्तावेजों पर) गौर नहीं कर सकते.

 

सीबीआई निदेशक के आवास के आगंतुकों की सूची से जुड़े दस्तावेजों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट गौर करेगा.

 

रंजीत सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह से झूठे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई निदेशक की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आगंतुकों की सूची की जानकारी को मीडिया में प्रकाशित करने पर रोक लगाने की अपील की थी.

 

सीबीआई निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह वकील प्रशांत भूषण से पूछे कि उन्हें दस्तावेज कहां से मिले.

 

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने टू जी के आरोपियों से मिलने का आरोप लगाया था. आम आदमी पार्टी ने सीबीआई डायरेक्टर को सस्पेंड करने की मांग की है.

 

प्रशांत भूषण ने दावा किया है कि रंजीत सिन्हा ने 2जी केस में आरोपी कंपनी रिलायंस टेलीकॉम के खिलाफ केस कमजोर करने की कोशिश की है. सुप्रीम कोर्ट में 2जी केस की सुनवाई के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा कि उनके पास रंजीत सिन्हा के दिल्ली में सरकारी घर 2 जनपथ की विजिटर डायरी है. विजिटर डायरी में जिन दो अधिकारियों के नाम हैं प्रशांत भूषण ने वह कागज कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जमा करवा दिए हैं.

 

रंजीत सिन्हा ने डीएनए के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. रंजीत सिन्हा के मुताबिक वह एक सरकारी पद पर हैं और उनसे कोई भी मिल सकता है. प्रशांत भूषण ने भले ही सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा से मिलनेवाले एडीएजी समूह के दो लोगों के नाम सुप्रीम कोर्ट को सीलबंद लिफाफे में दिए हों लेकिन अंग्रेजी अखबार DNA ने उन दोनों अधिकारियों के नाम छाप दिए हैं.

 

DNA के मुताबिक अनिल अंबानी की कंपनी ADAG के दो आला अधिकारी रंजीत सिन्हा से 15 महीने में 50 बार मिले. दोनों अधिकारी जिस कार से रंजीत सिन्हा के घर मिलने आते थे वह अनिल अंबानी की कंपनी की थी. विजिटर डायरी में दोनों अधिकारी अपना पूरा नाम लिखने के बजाय आधा नाम ही लिखते थे. मार्च 2013 से अगस्त 2014 के बीच अनिल अंबानी की कंपनी के दोनों अधिकारी करीब हर हफ्ते रंजीत सिन्हा से मिलने आते थे.

 

जिस समय सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने रिलायंस टेलीकॉम और स्वान टेलीकॉम के खिलाफ दोबारा जांच करने का प्रस्ताव दिया उस समय इन अधिकारियों का रंजीत सिन्हा के घर आना-जाना ज्यादा हो गया था. अनिल अंबानी की कंपनी के दोनों अधिकारी इस साल रंजीत सिन्हा से करीब 27 बार मिले.

 

सुप्रीम कोर्ट ने नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 122 लाइसेंस रद्द कर दिए थे. इसमें पूर्व टेलिकॉम मंत्री ए राजा समेत कई कंपनियों के अधिकारियों पर केस चल रहा है.

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Web Title: cbi director ranjit sinha dragged into controversy
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