खुलासा: विजय माल्या पर अपनी ही सफाई में फंस रही है सीबीआई!

By: | Last Updated: Friday, 11 March 2016 10:34 PM
cbi gave contradictory statements on vijay mallya

नई दिल्ली: विजय माल्या के खिलाफ लुकआउट नोटिस के मामले में सीबीआई ने अपनी गलती मान ली है. सीबीआई ने सफाई देकर कहा कि पहले जारी किया गया नोटिस गलती से जारी हो गया था. पहले जारी नोटिस में एयरपोर्ट पर दिखते ही विजय माल्या को हिरासत में लिए जाने की बात थी जो बाद में बदल दी गई थी.

आपको पूरा खुलासा बताएं उससे पहले कुछ तारीखों पर गौर करिए

12 अक्टूबर 2015
सीबीआई ने IB इमीग्रेशन को माल्या को हिरासत में लेने का लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया
16 अक्टूबर 2015
माल्या को हिरासत में लेने का लुक आउट नोटिस जारी
23 नवंबर 2015
माल्या के बारे में सिर्फ जानकारी देने का लुक आउट नोटिस

सीबीआई ने अपनी गलती मानते हुए ये साफ कर दिया कि माल्या को हिरासत में लेने का जो डिटेंशन लुकआउट नोटिस जारी किया गया था वो गलत था.. लेकिन इस कबूलनामे में जो खुलासा हुआ है उससे सीबीआई खुद अपने जाल में फंसती नजर आ रही है.

सीबीआई प्रवक्ता ने लुकआउट मामले में गलती मानते हुए कहा है कि 23 नवंबर को आईबी इमीग्रेशन ने जानकारी दी कि विजय माल्या लंदन से आने वाले हैं. सीबीआई को ये महसूस हुआ कि उनकी हिरासत नहीं होनी चाहिए इसलिए सीबीआई ने उनकी हिरासत का लुकआउट नोटिस वापस लेकर सिर्फ जानकारी देने वाला लुकआउट नोटिस जारी करा दिया.

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीबीआई ने जानबूझकर लुकआउट नोटिस आसान किया? क्या माल्या को गिरफ्तारी से बचाना चाहती थी सीबीआई?

लुक आऊट नोटिस एक इंटरनल सर्कुलर की तरह होता है जिसमें जांच एजेंसी को किसी शख्स के बारे में जैसी जानकारी चाहिए होती है उस हिसाब से जारी किया जाता है इसमें उसे रोकने से लेकर गिरफ्तारी तक शामिल है.

विजय माल्या के खिलाफ सीबीआई ने जुलाई 2015 में आईडीबीआई बैंक लोन मामले में खुद ही भ्रष्टाचार और आपराधिक षडयंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. सीबीआई को शक है कि आईडीबीआई बैंक से लोन पास करवाने के लिए माल्या ने 16 करोड़ की घूस दी. इसी केस में तीन महीने बाद अक्टूबर 2015 में माल्या के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी और इसी के बाद सीबीआई ने माल्या के खिलाफ लुकआऊट नोटिस जारी कर दिया था जिसे एक महीने बाद आसान कर दिया गया और अब इसी को लकेर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई ने गलती मानी है.

सीबीआई अब कह रही है कि 10 अक्टूबर को माल्या के ठिकानों पर जो छापे पड़े थे वहां माल्या के नहीं मिलने पर 12 अक्टूबर को आईबी को हिरासत में लेने का लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया था. देर शाम सीबीआई ने गलती मानकर सारी जिम्मेदारी अपने सिर पर तब ली थी जब कांग्रेस ने सीबीआई के जरिये सरकार पर हमले किए थे.

कांग्रेस कह रही है कि सीबीआई ने लुक आउट नोटिस आसान कर माल्या को भागने का मौका दिया. 2 मार्च को माल्या ने दिल्ली से लंदन के लिए उड़ान भरी थी. सूत्रों के मुताबिक 2 मार्च को जब विजय माल्या दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचे तो इमीग्रेशन अधिकारियो ने सीबीआई को इसकी सूचना दी और अगला निर्देश पूछा लेकिन सीबीआई ने उऩ्हे रोकने को नहीं कहा औऱ माल्या लंदन चले गए.

सीबीआई के जरिये सरकार पर कांग्रेस के हमले के बाद सरकार ने याद दिलाया. सरकार की ओर से केंद्रीय कार्मिक मंत्री जीतेंद्र सिंह ने कहा यूपीए राज में सीबीआई को तोता कहा जाता था हम सीबीआई के काम में दखल नहीं देते लेकिन इस वार-पलटवार के बीच सीबीआई ने अपनी गलती मानते हुए कहा है.

हिरासत में लेने का डिटेंशन लुकआउट नोटिस गलती से जारी हुआ था. सीबीआई की आंतरिक जांच जारी है कि किस सीबीआई अफसर की वजह से ये गलती हुई. सीबीआई ने साफ किया है कि उन्हें माल्या की हिरासत नहीं चाहिए थी. जांच के दौरान माल्या कई बार विदेश जा चुके थे और लौट चुके थे. उन्हें हर बार सूचना रहती थी लेकिन कभी माल्या को रोका नहीं गया.

सीबीआई ने पहले गलती मानी और अब अपनी दलीलों में खुद फंसती नजर आ रही है. अब लग रहा है कि सीबीआई का ये कबूलनामा उसी पर भारी पड़ने वाला है.

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Web Title: cbi gave contradictory statements on vijay mallya
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