मोदी सरकार राजनीतिक दलों को RTI के दायरे में लाने खिलाफ

By: | Last Updated: Monday, 24 August 2015 12:32 PM

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राजनीतिक पार्टियों को RTI के दायरे में लाने का विरोध किया है. सुप्रीम कोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा है कि राजनीतिक पार्टियों के कामकाज और चंदे से जुड़ी जानकारी आरटीआई के तहत नहीं मांगी जा सकती.

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने RTI एक्ट के सेक्शन 2(h) के तहत राजनीतिक दलों को पब्लिक अथॉरिटी माना था. जून 2013 में आए CIC के इस आदेश के मद्देनज़र राजनीतिक दल RTI के दायरे में आ गए थे.

 

इस आदेश पर अब तक अमल न होने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 7 जुलाई को केंद्र और 6 राष्ट्रीय पार्टियों को नोटिस जारी किया था. जिन पार्टियों को नोटिस जारी हुआ था, वो हैं – बीजेपी, कांग्रेस, एनसीपी, बीएसपी, सीपीआई और सीपीआई (M).

 

अब इस नोटिस पर केंद्र ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है. केंद्र का कहना है कि CIC ने RTI एक्ट के सेक्शन 2(h) की गलत व्याख्या की है. राजनीतिक दलों को पब्लिक ऑथोरिटी करार देना सही नहीं माना जा सकता.

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Web Title: Centre to SC: Parties can’t be brought under RTI
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