नक्सली हमले में शहीद जवानों की खून से सनी वर्दियां कूड़े में मिलीं, जांच के आदेश

By: | Last Updated: Thursday, 4 December 2014 7:39 AM
Chhattisgarh: Slain CRPF personnels’ blood-stained uniforms found in hospital bin

नयी दिल्ली: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने आज कहा कि उसने कूड़े के ढेर में खून से सनी वर्दियां मिलने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं. ये वर्दियां छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक अस्पताल के पास कूड़े के ढेर से मिली थीं और ऐसा संदेह है कि ये वर्दियां सीआरपीएफ के उन्हीं जवानों की हैं, जो राज्य में हुए हालिया नक्सली हमले में शहीद हो गए थे.

 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कार्यवाहक प्रमुख आरसी तायल ने कहा कि जांच राज्य के महानिरीक्षक द्वारा की जाएगी और रिपोर्ट जल्द सौंपी जाएगी.

 

एक दिसंबर को हुई मुठभेड़ के बाद रायपुर का दौरा करने वाले तायल ने कहा, ‘‘हमने इस बात की जांच के आदेश दिए हैं कि यह कैसे हुआ? दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हमें संदेह है कि कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने ये चीजें रायपुर के अस्पताल के कुछ कर्मचारियों से ली होंगी. हम इसकी जांच कर रहे हैं.’’

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सोमवार को हुई मुठभेड़ में दो अधिकारियों सहित सीआरपीएफ के 14 जवान शहीद हो गए थे.

 

कल रायपुर के अंबेडकर अस्पताल के पास कूड़े के ढेर से वैसी ही वर्दियां मिली थीं, जैसी सीआरपीएफ के जवान अभियानों के दौरान पहनते हैं. इसके साथ ही जंगल बूट भी मिले थे. इस घटना से लोगों में रोष फैल गया. दक्षिणी बस्तर के सुकमा में हुई मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए जवानों के शव मंगलवार को इसी अस्पताल में लाए गए थे और उनका पोस्टमार्टम किया गया था.

 

अधिकारियों ने कहा कि प्रक्रिया के तहत जवानों द्वारा पहनी जाने वाली ये चीजें स्थानीय पुलिस को सौंपी जाती हैं, जो भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज करती है और इन चीजों को ‘केस प्रॉपर्टी’ (मामले से जुड़ी चीजें) कहा जाता है. ये चीजें जवानों के परिजनों तक को नहीं दी जातीं.

तायल ने कहा, ‘‘मेरा संदेश यह है कि हम अपने शहीदों का पूरा सम्मान करते हैं. यदि मुझे (शहीद हुए जवानों के परिवारों से) क्षमा मांगनी पड़ती है तो मैं ऐसा करूंगा. ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया यह है कि ये चीजें (कपड़े और बूट) मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी द्वारा ले ली जाती हैं. मुझे (जांच की) जानकारी मिलने दीजिए, फिर हम जरूरी कार्रवाई करेंगे.’’

 

विपक्षी दल कांग्रेस के नेताओं ने कहा है कि यह घटना प्रशासन की ‘असंवेदनशीलता और अनादर’ की भावना को दर्शाती है. इन नेताओं ने कहा कि राज्य की बीजेपी सरकार को इस घटना पर माफी मांगनी चाहिए.

 

जिला कांग्रेस प्रमुख विकास उपाध्याय ने अस्पताल का दौरा किया था और जवानों की वर्दियों एवं अन्य सामान को वह कांग्रेस के कार्यालय में ले गए थे. उपाध्याय ने कहा था, ‘‘जब हमें पता लगा कि सीआरपीएफ के शहीद जवानों की वर्दियां शवगृह के पास कूड़े से भरे कूड़ेदान में पड़ी हैं तो हम तत्काल वहां (अस्पताल) पहुंचे. शहीद जवानों का पोस्टमार्टम इसी अस्पताल में हुआ था.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने खून से सनी चार वर्दियां और 10 जोड़ी जूते एकत्र किए और उन्हें कांग्रेस भवन में ले आए. बाद में सीआरपीएफ के अधिकारी आए और हमने ये सभी चीजें उन्हें दे दीं.’’ अंबेडकर अस्पताल के डीन विवेक चौधरी ने कहा था, ‘‘पोस्टमार्टम के बाद विसरा और अन्य चीजें संरक्षित कर ली जाती हैं और उन्हें खुले में नहीं रखा जाता. (खून से सनी वर्दियों का खुले में पड़े होने वाला) जो वीडियो मैंने देखा, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Chhattisgarh: Slain CRPF personnels’ blood-stained uniforms found in hospital bin
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: bin Chhattisgarh CRPF hospital uniform
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017