कॉलेजियम सिस्टम खत्म करने पर CJI बोले, न्यायपालिका की छवि खराब करने की कोशिश ठीक नहीं

By: | Last Updated: Monday, 11 August 2014 6:01 AM

नई दिल्ली:  कॉलेजियम के जरिए जजों की नियुक्ति के खिलाफ एक याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कड़ी टिप्पणी की है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि न्यायपालिका की छवि खराब करने की मुहिम चलाई जा रही है जिससे बड़ा नुकसान हो रहा है. चीफ जस्टिस आर एम लोढ़ा ने कहा है कि भगवान के लिए न्यायपालिका में लोगों का भरोसा नहीं तोड़ें.

 

चीफ जस्टिस ने कहा, “कॉलेजियम सिस्टम के पहले बैच से आने वाला जज मैं हूं और जस्टिस नरीमन इस सिस्टम से आने वाले आखिरी जज हैं. अगर सिस्टम गलत है तो हम भी गलत हैं.”

 

आगे चीफ जस्टिस ने कहा, “भगवान के लिए न्यायपालिका में लोगों के भरोसे को ना तोड़ा जाए. कोई भी पूरी तरह परफेक्ट नहीं होता. समाज परफेक्ट नहीं और हम समाज से ही आते हैं.”

 

ऐसा कहते हुए सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों की नियुक्ति पर कॉलेजियम की सिफारिश को उसकी वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग करने वाली जनहित याचिका खारिज की.

 

आपको बता दें कि सरकार का मानना है कि मौजूदा कॉलेजियम सिस्टम की जगह ज्यूडिशियल एपॉइंटमेंट कमीशन बनाया जाना चाहिए. अपने कार्यकाल के आखिरी दौर में पिछली मनमोहन सरकार ने भी कॉलेजियम सिस्टम को बदल कर ज्यूडिशियल एपोंइटमेंट कमीशन बिल लाने की पहल की थी.

 

बिल में प्रावधान था कि जजों की नियुक्ति के लिए छह सदस्यीय कमिशन बनाया जाए. इसमें चीफ जस्टिस के अलावा दो सीनियर जज, कानून मंत्री और दो प्रमुख न्यायविदों को भी रखा जाए.