चुमार में चीन ने फिर की घुसपैठ, 1000 चीनी सैनिक लाइन ऑफ एक्चुएल कंट्रोल पर भेजे गए

By: | Last Updated: Wednesday, 17 September 2014 8:38 PM

लेह/नई दिल्ली: लद्दाख के चुमार सेक्टर में चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवानों ने फिर घुसपैठ की है. चीनी सेना की तीन बटालियन Line of Actual Control यानी LAC भेजी गई है. करीब 1000 चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुस आए हैं. सूत्रों के मुताबिक चीनी सेना ने चुमार सेक्टर  के डेमचोक इलाके में एक बार फिर घुसपैठ की है. सूत्रों की मानें तो चीनी सैनिक भारतीय सीमा में कई किलोमीटर तक अंदर घुस आए हैं.

 

सूत्रों के मुताबिक डेमचोक में मनरेगा के तहत एक नहर पर कराए जा रहे काम को भी चीनी सैनिकों ने रुकवा दिया.  इस पूरे मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने बैठक की है. माना जा रहाहै कि दोनों देशों के बीच एक बार फिर फ्लैग मीटिंग की जा सकती है. दोनों देशों को बाच विवाद चार्दिंग ला के पास है.

 

इससे पहले कल भी चीनी सेना ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी. लद्दाख के चुमार सेक्टर में बीते दिनों हुई चीनी घुसपैठ के बाद हालात पर चर्चा के लिए भारत और चीन एक तरफ फ्लैग मीटिंग कर रहे थे तो, खबरों के मुताबिक, दूसरी तरफ चीन की थलसेना ने चुमार इलाके में फिर से घुसपैठ की.

 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि कुछ चीनी सैनिक कल लौट गए थे और आमतौर पर यह संभावना थी कि बाकी सैनिक भी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की दूसरी तरफ वापस चले जाएंगे.

 

बहरहाल, सूत्रों ने कहा कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के करीब 100 जवान चुमार इलाके में आए और अपनी संख्या बढ़ाकर करीब 350 कर ली .

 

हैरत की बात यह है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग  के भारत आगमन से कुछ घंटे पहले चीनी सैनिकों ने यह हरकत की. सूत्रों ने बताया कि भारत ने भी इलाके में कुछ और सैनिक रवाना कर दिए हैं और दोनों पक्ष बैनर-ड्रिल में लगे हुए हैं.

इस बीच, भारत और चीन ने लद्दाख के चुमार सेक्टर की स्थिति पर चर्चा करने के लिए कल  फ्लैग मीटिंग की. चुमार सेक्टर में दोनों देशों के सैनिक एक दूसरे के आमने-सामने है.

 

सेना के सूत्रों ने बताया कि चुसुल में सैन्य प्रहरी भेंट स्थल पर ब्रिगेडियर स्तर की फ्लैग मीटिंग हुई जहां डेमचक इलाके में चीनी नागरिकों द्वारा अतिक्रमण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. सूत्रों ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि फ्लैग मीटिंग में कोई नतीजा नहीं निकला और दोनों पक्ष जल्द ही फिर से बैठक कर सकते हैं.

 

लेह के पूर्वोत्तर में 300 से ज्यादा किलोमीटर की दूरी पर स्थित चुमार में दोनों देशों के बीच अक्सर टकराव की स्थिति बनती रही है. उस इलाके में भारत के वर्चस्व को खत्म करने के लिए चीन ने कई दफा कोशिशें की है.

 

सूत्रों ने कहा कि चीन की तरफ वाहनों की आवाजाही देखी गई और ऐसा माना जा रहा है कि चीन की पीएलए अपनी तरफ किए जा रहे निर्माण कार्य से भारत का ध्यान भटकाने की खातिर यह चाल चल रही है. दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत रक्षा निर्माण का काम कर रहे किसी भी देश को दूसरे पक्ष को इसकी जानकारी देनी होगी.

 

इस बीच, डेमचक में टकराव के हालात बने हुए हैं. देमचौक में चीनी खानाबदोश जनजाति ‘रेबोस’ ने अपने तंबू गाड़ दिए थे. इस इलाके में भारतीय सीमा के 500 मीटर भीतर तक घुसपैठ की गई है. यह जानकारी सूत्रों ने दी.