क्या असहनशीलता का मुद्दा राजनीतिक है?

By: | Last Updated: Sunday, 6 December 2015 11:31 AM
CJI ts thakur and ratan tata express their views on intolerance

नई दिल्ली: देश में असहनशीलता पर चल रही बहस के बीच देश की दो अहम शख्सियतों ने इस पर अपनी राय जाहिर की है. एक ओर जहां देश के नए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर के मुताबिक असहनशीलता पर चर्चा की वजह राजनीतिक हो सकती है.

 

दूसरी ओर देश के नामी उद्योगपति रतन टाटा ने कहा, ”वो पहले भी कह चुके हैं कि इस देश में सब लोग मिलजुलकर रहते हैं. ऐसे में वो असहनशीलता पर जिस तरह की बहस टीवी पर हो रही है उसमें वो नहीं पड़ना ही नहीं चाहते.”

 

आपको बता दें असहनशीलता के सवाल पर देश की संसद में चर्चा हो चुकी है. सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं लेकिन आज भी देश में ये मुद्दा बना हुआ है.

 

देश के नए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने आज पत्रकारों को चाय पर बुलाया था. उसी दौरान अनौपचारिक बातचीत में जस्टिस ठाकुर ने कहा, “असहनशीलता पर जो बहस हो रही है वो राजनीतिक वजहों से भी हो सकती है. देश की न्यायपालिका का काम संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना है, हमारे रहते किसी को फिक्र करने की जरूरत नहीं है.”

सिर्फ टीवी चैनलों पर दिख रही असहनशीलता की बहस: रतन टाटा 

वहीं दूसरी ओर उद्योगपति रतन टाटा ने कहा कि वह असहिष्‍णुता के मुद्दे पर देश में जारी बहस में शामिल नहीं होना चाहते हैं. इस देश में सब लोग मिलजुलकर रहते हैं आगे भी इसी परंपरा को बढ़ाना है. टाटा ने आगे कहा कि देश में बेहतर शिक्षा और अच्‍छी नौकरी की मदद से ही ऐसा हो सकता है.

 

चीफ जस्टिस के इस बयान के बाद बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, ”मुख्य न्यायाधीश के बयान से साफ है कि देश में असहिष्णुता नहीं है.  चीफ जस्टिस का बयान स्वागतयोग्य है”

 

असहनशीलता को लेकर सरकार पर सवाल उठाने वाले लोगों को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष यही दलील पेश करता रहा है. ऐसे में देश के चीफ जस्टिस का ये बयान बेहद अहम हो जाता है.

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Web Title: CJI ts thakur and ratan tata express their views on intolerance
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