व्यक्ति विशेष: हेलिकॉप्टर घूसकांड से कांग्रेस के पांच कनेक्शन?

congress connection with Agusta Westland scam

दुनिया के सबसे बेहतरीन हेलिकॉप्टरों में से इसे एक माना जाता है. इसकी गिनती विश्व के 10 सर्वश्रेष्ठ आरामदेह हेलिकॉप्टरों में होती है. ये हेलिकॉप्टर अंदर से इतना शानदार है कि  किसी होटल के कमरे की तरह दिखता है. 3 इंजनों वाले इस हेलिकॉप्टर में इतनी जगह है कि इसमें 25 से 35 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. ये हेलिकॉप्टर दिन के अलावा रात में भी उड़ान भर सकते हैं. इसे इस तरह से बनाया गया है कि ये माइनस 45 से लेकर 50 डिग्री से ऊपर के तापमान में भी उड़ान भर सकें. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस हेलिकॉप्टर में जरूरत पड़ने पर एंटी शिप और एंटी सर्फेस मिसाइल भी लगाई जा सकती है यानी हेलिकॉप्टर को सभी तरह के रक्षा उपकरणों से लैस किया जा सकता है. पर ये कहानी किसी हेलिकॉप्टर की नहीं है. ये आगूस्ता वेस्टलैंड का वीवीआईपी हेलिकॉप्टर है. इटली से इसी हेलिकॉप्टर की खरीद में हुई घूसखोरी को लेकर देश में हंगामा मचा है. भारत के वीवीआईपी के लिए इटली से 3600 करोड़ रुपये में हेलिकॉप्टर का सौदा हुआ था. हेलिकॉप्टर सौदे के लिए भारत के राजनीतिज्ञों और अधिकारियों को 375 करोड़ रुपये की घूस दी गई. घूस देने वालों को इटली की अदालत ने सजा सुनाई है. घूस दने के समय भारत में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार थी. बीजेपी सोनिया गांधी से घूस खाने वालों का नाम पूछ रही है.

r sbx 10pm VV sonia seg2 3004 VSH.00_02_45_04.Still001तारीख थी 20 जनवरी 2013. जगह राजस्थान की राजधानी जयपुर. कांग्रेस में नंबर दो की हैसियत मिलने के बाद बतौर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपना पहला भाषण दे रहे थे. अपने प्रभावशाली भाषण में राहुल गांधी ने अपनी मां की दी गई नसीहत का अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से जिक्र कर रहे थे. राहुल बता रहे थे कि किस तरह उनकी मां सोनिया गांधी ने उन्हें इस बात की सीख दी है कि सत्ता जहर के समान होती है.

सोनिया गांधी अपने राजनीतिक उत्तराधिकारी को जिस बात से आगाह कर रही थीं आज कांग्रेस अध्यक्ष पर खुद सत्ता के जहर से नहीं बच पाने का आरोप लग रहा है. विपक्ष पूछ रहा है कि सोनिया उन लोगों के नाम बताएं जिन्हें हेलिकॉप्टर की खरीद में हुई घूसखोरी के पैसे मिले. अरविंद केजरीवाल तो सोनिया गांधी को गिरफ्तार करने की नरेंद्र मोदी को चुनौती तक दे रहे हैं.

इटली की कंपनी से आगूस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीदने का फैसला सरकार का था. सोनिया गांधी कभी खुद सरकार में नहीं रहीं फिर विपक्ष क्यों सोनिया से घूसखोरों के नाम बताने की मांग कर रहा है? इन सवालों का जवाब ढूंढने से पहले जानते हैं आखिर क्या है ये पूरा हेलिकॉप्टर घूसकांड मामला.

1999 के दशक का आखिरी साल था. केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार थी. वीवीआईपी के आने-जाने के लिए तब तक इंडियन एयरफोर्स MI-8 हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल करती थी. लेकिन ये हेलिकॉप्टर पुराने हो गए थे. वाजपेयी सरकार ने पुराने हेलिकॉप्टर को बदलने का फैसला लिया. मार्च 2002 में हेलिकॉप्टर को खरीदने के लिए ग्लोबल टेंडर डाला गया. पूरी दुनिया से प्रस्ताव मांगे गए ताकि नए वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदे जा सकें. इन हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल भारत के वीवीआईपी लोगों के लिए होना था. वीवीआईपी यानी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और बड़े-बड़े राष्ट्रीय स्तर के मंत्री . लेकिन ये प्रस्वाव कुछ सालों के लिए ठंडे बस्ते में चला गया. साल 2004 में अटल सरकार चली गई और उसकी जगह आई मनमोहन सिंह की सरकार. साल 2005 में VVIP हेलिकॉप्टर्स के खरीद फरोख्त की प्रक्रिया शुरू हुई.

इसी साल यूपीए सरकार इंटीग्रेटी क्लॉज लागू करने का फैसला लेती है. इसके मुताबिक हर रक्षा सौदे से पहले एक क्लॉज पर साइन किया जाना जरूरी किया गया. क्लॉज ये था कि अगर डील के दौरान किसी मिडिलमैन या बिचौलिए का इस्तेमाल हुआ तो डील रद्द कर दी जाएगी. आगे जाकर यही क्लॉज यूपीए के फंसने की बड़ी वजह बनी.

हेलिकॉप्टर को खरीदने की प्रक्रिया 2005 में शुरू हुई लेकिन इसे खरीदने की हरी झंडी मिली साल 2010 में. मनमोहन सरकार ने 12 हेलिकॉप्टर खरीने का प्रस्ताव पास किया. करीब 3600 करोड़ रुपये में इटली की हेलिकॉप्टर कंपनी आगूस्ता वेस्टलैंड से सौदा तय हुआ. भारत में खरीदे गए हेलिकॉप्टर को लाने का मामला आगे बढ़ ही रहा था तभी फरवरी 2012 में इटली की जांच एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया. खुलासा हुआ कि आगूस्ता वेस्टलैंड की पैरेंट कंपनी फिन्नमैकेनिका ने सौदा पटाने के लिए भारत के कुछ राजनीतिज्ञों और अधिकारियों को रिश्वत दी थी. डील कराने में तीन दलालों के शामिल होने का पता चला. ये दलाल थे क्रिस्टियन मिशेल, गाइडो हास्चके और पीटर हुलैट.

इसका मतलब ये हुआ कि मनमोहन सिंह सरकार ने 2005 में जो क्लॉज पास किया था, उसके हिसाब से सौदा गलत था. मामला इटली की निचली अदालत में गया जहां इसे खारिज कर दिया गया. आखिरकार इटली के हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को अपने फैसले में माना कि हेलिकॉप्टर खरीद में भारतीय अधिकारियों और राजनीतिज्ञों को घूस दी गई. कोर्ट में जो दस्तावेज पेश किए गए उनमें उन लोगों के नाम पाए गए, जो डील के लिए हुई रिश्वतबाजी में शामिल थे. इन्हीं शामिल लोगों में से एक नाम ‘सिग्नोरा गांधी’ भी है. कहा जा रहा है कि ‘सिग्नोरा गांधी’ कोई और नहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी हैं.

सवाल उठता है आखिर किस आधार पर हेलिकॉप्टर घूसखोरी कांड में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे सोनिया गांधी का नाम लिया जा रहा है? कांग्रेस का क्या कनेक्शन है हेलिकॉप्टर घूसकांड से?

r sbx 10pm VV sonia seg2 3004 VSH.00_02_36_01.Still002सोनिया गांधी पर लगा आरोप महज राजनीतिक नहीं है बल्कि इटली के हाईकोर्ट के फैसले में दर्ज एक सच्चाई कही जा रही है. इटली के हाईकोर्ट में हेलिकॉप्टर घूसकांड पर लंबे समय तक मामला चला. आखिर में जो फैसला आया उसमें आगूस्ता के दो पूर्व अधिकारियों को डील के एवज में भारतीय राजनीतिज्ञों और अधिकारियों को घूस देने का दोषी पाया गया और उनमें से एक को जेल की सजा सुनाई गई. अदालत के 225 पेज के फैसले में कई जगह कांग्रेस नेताओं के नाम भी सामने आए, और इसी से घूसकांड का कांग्रेस कनेक्शन का खुलासा हुआ है. इटली के मिलान की अदालत के फैसले में सोनिया गांधी के नाम का चार बार जिक्र है.

पहला कनेक्शन- फैसले में सोनिया के नाम का जिक्र
हेलिकॉप्टर सौदे में बिचौलिये रहे क्रिस्चियन मिशेल की एक चिट्ठी में कहा गया है कि सोनिया गांधी इस सौदे के पीछे मुख्य प्रेरणा शक्ति हैं और अब वो मौजूदा एमआई-8 हेलीकॉप्टर में उड़ान नहीं भरेंगी. चिठ्ठी में ये भी लिखा है कि ब्रिटिश हाई-कमिश्नर को सोनिया गांधी के ‘करीबी सलाहकारों’ को ‘टारगेट’करना चाहिए. यानी अगर आगूस्ता को अपने हेलिकॉप्टर बेचना है तो सोनिया के करीबी सलाहकारों का दिल जीतना जरूरी है. ब्रिटेन के हाई कमिश्नर का जिक्र यहां इसलिए है क्योंकि इटली की कंपनी आगूस्ता और ब्रिटेन की कंपनी वेस्टलैंड के बीच ज्वाइंट वेंचर है.

दूसरा कनेक्शन- बिचौलिये ने पहचानी तस्वीरें ?

मिलान की अदालत के फैसले में ये भी बताया गया है कि बिचौलिये हैश्के ने कोर्ट में सोनिया गांधी और अहमद पटेल को तब पहचान लिया जब उनके फोटो सुनवाई के दौरान उसे दिखाए गए थे.

तीसरा कनेक्शन – AP का मतलब अहमद पटेल ?

सोनिया गांधी के सचिव अहमद पटेल का नाम कोर्ट के फैसले में तीन बार आया है. इटली की अदालत ने अपने फैसले में बिचौलिये क्रिस्चियन मिशेल के हाथ से लिखे नोट को बड़ा सबूत माना है. ये नोट मिशेल ने दूसरे बिचौलिये हैशके को भेजा था. इसमें लिखा है 15 से 16 मिलियन यानी करीब 120 से 125 करोड़ रुपये नेताओं को दिए गए. नोट में AP कोड वर्ड में नेता का नाम लिखा है. सिर्फ एक ही नेता का नाम पॉलिटिकल लेवल के नीचे लिखा है. फैसले के पेज नंबर 204 में इसका जिक्र है. माना जा रहा है कि AP का मतलब अहमद पटेल हैं. अहमद पटेल सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव हैं. हालांकि अहमद पटेल ने कहा है कि नोट में जो AP लिखा है उसका मतलब अहमद पटेल नहीं है.

चौथा कनेक्शन – मनमोहन सिंह का जिक्र

soniaदेश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का नाम भी इटली की अदालत के फैसले में आया है. हेलिकॉप्टर का सौदा करने वाली इटली की कंपनी फिनमेक्कैनिका के पूर्व सीईओ जूसेप्पे ओर्सी ने अपने लोगों से कहा था कि वो इटली के तत्कालीन पीएम मारियो मोंटी या राजदूत टेरासियानो से संपर्क करें जो कि उनकी तरफ से मनमोहन सिंह से सौदे के बारे में बात कर सकते हैं.

पांचवां कनेक्शन – ऑस्कर फर्नांडीज का नाम
कांग्रेस के दिग्गज नेता ऑस्कर फर्नांडीज का नाम भी इटली की अदालत के फैसले में है. बिचौलिये गाइडो हेशके ने कोर्ट में कहा था कि ऑस्कर भी सौदे का एक हिस्सा थे.

घूस की रकम कहां कहां बंटी ?

मिलान की अदालत के फैसले के पेज नौ पर घूस की रकम के बंटने का जिक्र है. बिचौलिये क्रिस्चियन मिशेल का हेशके को भेजे गए नोट में बताया गया गया है कि कैसे 375 करोड़ रुपये से ज्यादा का कमीशन सबों में बांटा गया.

वायुसेना अधिकारियों को करीब 45 करोड़ की घूस दी गई. रक्षा मंत्रालय से जुड़े और दूसरे ब्यूरोक्रेट को करीब 63 करोड़ की घूस दी गई. नेताओं को करीब 120 से 125 करोड़ रुपये का कमीशन दिया गया यानी नेताओं को 52 फीसदी, वायुसेना अधिकारियों को 28 फीसदी और दूसरे विभागों के अधिकारियों को घूस की रकम का 20 फीसदी दिया गया.

घूस लेने का सबसे बड़ा आरोप पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों पर लगा है लेकिन इसके अलावा किसी और अधिकारी और नेता के नाम का खुलासा साफ साफ नहीं हुआ है. कांग्रेस के राज में घूस का ये खेल चला तो जाहिर है कि दाग भी उसी के नेताओं पर लग रहे हैं. लेकिन सबसे चौंकाने वाला नाम पार्टी की सबसे बड़ी नेता सोनिया गांधी का है.

सोनिया गांधी उस समय भ्रष्टाचार के आरोप से घिरी हैं जह कांग्रेस अपने इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है. 2014 लोकसभा चुनाव में पार्टी 206 सीट से लुढ़क कर सिर्फ 44 सीट पर आ गई. पार्टी का कभी देश के ज्यादातर राज्यों में शासन हुआ करता था आज कांग्रेस सिर्फ 6 राज्यों असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, हिमाचल और कर्नाटक तक सिमट कर रह गई है. इनमें भी असम और केरल में चुनाव हो रहा है जहां पार्टी को विपक्षी पार्टियों की कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

बीजेपी नेता बार-बार इटली का जिक्र करके कांग्रेस के जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है. सोनिया गांधी का जन्म और उनकी परवरिश भारत से करीब 6200 किलोमीटर दूर यूरोप के देश इटली में हुआ था. इटली से इनका ये रिश्ता करीब तीन दशक पहले भी एक ऐसे घोटाले की बड़ी वजह बना था जिससे सोनिया गांधी के पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी.

बोफोर्स तोप जिसने करगील युद्ध में पाकिस्तानी सेना पर खूब कहर बरपाया था. पर इस तोप की खरीद में हुई दलाली ने 1980 के दशक में राजीव गांधी सरकार में कोई कम कहर नहीं बरपाया था. बात 1987 की है. राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे. स्वीडन की रेडियो ने एक खुलासा किया जिससे भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया. रेडियो के मुताबिक बोफोर्स कंपनी ने 1437 करोड़ रुपए का सौदा हासिल करने के लिए भारत के बड़े राजनेताओं और सेना के अधिकारियों को करीब 64 करोड़ रुपये रिश्वत दी थी. राजीव गांधी सरकार ने मार्च 1986 में स्वीडन की एबी बोफोर्स से 400 होबित्जर तोपें खरीदने का करार किया था. इस खुलासे के बाद मिस्टर क्लीन के नाम से जाने जाने वाले राजीव गांधी विपक्षियों के निशाने पर आगे गए.

आरोप था कि राजीव गांधी परिवार के नजदीकी बताये जाने वाले इतालवी व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोक्की ने इस मामले में बिचौलिये की भूमिका अदा की, जिसके बदले में उसे दलाली की रकम का बड़ा हिस्सा मिला. बोफोर्स घोटाले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया, लेकिन सरकारें बदलने पर सीबीआई की जांच की दिशा भी लगातार बदलती रही. एक दौर था, जब जोगिन्दर सिंह सीबीआई प्रमुख हुआ करते थे. उन्होंने स्वीडन से आहम दस्तावेज लाने में सफल होने का दावा किया. सीबीआई ने यहां तक कह दिया कि केस सुलझा लिया गया है. बस, देरी है तो क्वात्रोक्की को प्रत्यर्पण कर भारत लाकर अदालत में पेश करने की. उनके हटने के बाद सीबीआई की चाल ही बदल गयी. आरोप है कि इस बीच कई ऐसे दांवपेंच खेले गये जिससे इटली के रहने वाले क्वात्रोक्की को राहत मिलती गयी. एक समय ऐसा आया जब सीबीआई ने लंदन की अदालत से कह दिया कि क्वात्रोक्की के खिलाफ कोई सबूत ही नहीं हैं. अदालत ने क्वात्रोक्की के सील खातों को खोलने के आदेश जारी कर दिये. नतीजतन क्वात्रोक्की ने रातों-रात उन खातों से पैसा भी निकाल लिया. सीबीआई की चार्जशीट में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी आरोपी बनाया गया था. लेकिन 2004 में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खिलाफ तमाम आरोपों को खारिज कर दिया.

बोफोर्स और उसका इटली कनेक्शन एक ऐसा मुद्दा था जिस पर 1989 में राजीव गांधी की सरकार चली गयी थी. विश्वनाथ प्रताप सिंह हीरो के तौर पर उभरे थे. हालांकि ये अलग बात है कि उनकी सरकार भी बोफोर्स दलाली का सच सामने लाने में कामयाब नहीं हो सकी थी. बाद में भी समय-समय पर यह मुद्दा देश में राजनीतिक तूफान लाता रहा.

करीब दो साल पहले हिन्दुस्तान की सबसे ताकतवर राजनीतिज्ञ के रूप में सोनिया गांधी की गितनी होती थी. लेकिन कुछ ही महीने पहले उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में एक आरोपी के रूप में अपने बेटे राहुल गांधी के साथ पेश होना पड़ा था. मामला नेशनल हेरल्ड अखबार के नाम पर रुपये-पैसों की धांधली का है.

सोनिया गांधी समेत दूसरे कांग्रेस नेताओं पर नेशनल हेराल्ड की 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति हथियाने के इरादे से 90 करोड़ रुपए के राजनीतिक फंड के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा है. धोखाधड़ी के इस केस में इस समय सोनिया गांधी जमानत पर हैं.

इटली के एक छोटे से गांव की एक साधारण सी लड़की के भारत के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की बहू बनने की कहानी किसी परी कथा से कम नहीं है. सोनिया एंटोनिया मायनो का इस देश से रिश्ता एक रोमांस से शुरू हुआ था. इटली का ट्यूरिन शहर. इसी शहर के बाहरी इलाके ओरबैसानो में सोनिया का करीब 69 साल पहले जन्म हुआ था. पाओला और स्टेफानो के धर तीन बेटियों में सोनिया दूसरी संतान थीं. रोमन कैथलिक परिवार में पिता ने बेटियों को बिल्कुल पारंपरिक ढंग से पाला-पोसा. रोकटोक के बावजूद सोनिया के पिता आधुनिक ख्याल के थे. सोनिया ने अपने पिता से अंग्रेजी सीखने के लिए इंग्लैंड जाने की इजाजत मांगी. सोनिया को इजाजत मिल गई.

इटली के एकीकरण का जनक जोसेफ मैजिनी और गैरिबाल्डी को माना जाता है. ये दोनों इटली के महान नेता और क्रांतिकारी थे. सोनिया गांधी इटली के एक होने की जानकारी हासिल कर रही थीं पर आधुनिक देश के रूप में भारत के उदय के बारे में तब शायद ही उनको कुछ पता था. शायद सोनिया की किस्मत में हिंदुस्तान की खोज किसी और ढंग से होनी लिखी थी.

लंदन का कैंब्रिज यूनिवर्सिटी. यहां के ग्रीक रेस्टोरेंट वार्सिटी में दोपहर को छात्र खाने-पीने पहुंचते थे. वार्सिटी का मालिक चार्ल्स एंटोनी राजीव गांधी का गहरा दोस्त था. सोनिया और राजीव की पहली मुलाकात भी इसी रेस्टोरेंट में हुआ था. राजीव और सोनिया का रिश्ता इसी रेस्टोरेंट से शुरू से हुआ, जो एक अटूट बंधन में बंध गया. हर प्रेम कहानी की तरह राजीव और सोनिया की जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव आए. दोनों ने जब शादी का फैसला किया तो उनके परिवारों के लिए इस फैसले को मानना आसान नहीं था. राजीव जहां भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे थे, तो वहीं सोनिया एक साधारण से परिवार की लड़की थीं.

सोनिया के पिता को ये रिश्ता कतई मंजूर नहीं था. अपनी प्यारी सी बेटी एक अलग देश में भेजना नहीं चाहते थे. उनको इस बात का डर था कि भारत के लोग सोनिया को कभी स्वीकार नहीं करेंगे, लेकिन सोनिया और राजीव के प्यार के आगे सबको झुकना पड़ा और आखिर राजीव से मिलने के बाद सोनिया के पिता ने शादी के लिए हामी भर दी. शादी से पहले सोनिया को भारत आना था. इंदिरा गांधी उस वक्त प्रधानमंत्री थीं, इसलिए बिना शादी के सोनिय़ा को अपने घर में नहीं रख सकती थीं. इसे देखते हुए सोनिया के लिए अमिताभ बच्चन के घर में रहने की व्यवस्था की गई. उस वक्त अमिताभ और राजीव जिगरी दोस्त हुआ करते थे. 13 जनवरी 1968 को सोनिया दिल्ली पहुंचीं और अमिताभ के घर में रहने लगीं, जहां उन्हें भारतीय रीति रिवाजों को जानने का मौका मिला. 1968 में अमिताभ के घर में ही सोनिया और राजीव की शादी हुई.

सोनिया और राजीव ने जो जिंदगी चुनी थी वो उनकी निजी जिंदगी थी. दोनों के चारों तरफ ऐसे लोग थे जिनके लिए विचारधारा, विश्वास और शासन जैसी चीजें रोजमर्रा की बातें थीं. सोनिया को अचानक लोगों के सामने न आना और गलत बातों पर एकदम न बोलना सीखना पड़ा. अपनी सास से उनका रिश्ता प्यार, धीरज और साझेदारी का था, लेकिन सोनिया ने इंदिरा के साथ कभी एक चीज की साझेदारी नहीं की और वो थी राजनीति.

सोनिया और राजीव की जिंदगी के शुरुआती 13 साल कई सियासी उतार-चढ़ावों से होकर गुजरे क्योंकि पूरा परिवार एक के बाद एक दुखद घटनाओं से जूझ रहा था. पहले विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मौत, उसके बाद इंदिरा गांधी की हत्या और सात साल बाद खुद राजीव गांधी की हत्या. हर बार सोनिया को शिद्दत से ये एहसास हो रहा था कि ये राजनीति ही थी जो राजीव और उनकी जिंदगी की दुश्मन साबित हुई थी, पर विकल्प कोई नहीं था. बाद के सालों ने दिखाया कि विदेश में पैदा हुई ये गांधी अपनी जिंदगी और इस देश की सियासत की किताब नए सिरे से लिखने को तैयार हो रही थी.

2004 के लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस को बड़ी कामयाबी मिली. सोनिया ने खुद प्रधानमंत्री बनने के बजाय मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला लिया.

सोनिया के त्याग की कहानी देशभर में टेलीकास्ट हुई. सत्ता त्यागकर सोनिया और भी ताकतवर बन गई थीं. सरकार में पार्टी के सहयोगियों ने भी उनके आगे हाथ जोड़े. यहां तक कि बीजेपी ने भी माना कि ये सोनिया का मास्टरस्ट्रोक था. ये उस नेता की कामयाबी थी जिसे 1999 में सियासत का नौसिखिया कहा जाता था. साल 2013 के बाद एक के बाद एक हुए चुनावों में पार्टी की हार से नेहरू-गांधी की जमीन धीरे-धीरे उनके पैरों से खिसकने लगी. 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की पकड़ कमजोर पड़ गई और देश की जनता ने उसे नकार दिया एनडीए को जहां एक ओर भारी बहुमत मिला वहीं कांग्रेस 44 सीटों पर सिमट गई. ये कांग्रेस के लिए बेहद शर्मनाक हार थी. आज सोनिया राजनीतिक शक्ति के रूप में जितनी कमजोर नजर आ रही हैं उतने बड़े विश्वसनीयता के संकट से गुजर रही हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: congress connection with Agusta Westland scam
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
और जाने: Agusta Westland scam Sonia Gandhi
First Published:

Related Stories

भारत-चीन विवाद के बीच पाक उच्चायुक्त बासित ने चीन के राजनयिक से मुलाकात की- सूत्र
भारत-चीन विवाद के बीच पाक उच्चायुक्त बासित ने चीन के राजनयिक से मुलाकात की-...

नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद में पाकिस्तान कूद पड़ा है. एबीपी न्यूज को सूत्रों से...

PM मोदी पर राहुल गांधी का वार, बोले- ‘मोदी की नीतियों की वजह से जला कश्मीर’
PM मोदी पर राहुल गांधी का वार, बोले- ‘मोदी की नीतियों की वजह से जला कश्मीर’

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के बिगड़ते हालात को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने...

इंसानियत शर्मसार: सड़क किनारे खून से लथपथ तड़पता रहा इंजीनियर, फोटो खींचते रहे लोग
इंसानियत शर्मसार: सड़क किनारे खून से लथपथ तड़पता रहा इंजीनियर, फोटो खींचते...

पुणे: महाराष्ट्र से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. इस घटना में 25 साल का युवा...

पुड्डुचेरी: उपराज्यपाल किरन बेदी को पोस्टर्स में दिखाया ‘हिटलर’ और ‘महाकाली’
पुड्डुचेरी: उपराज्यपाल किरन बेदी को पोस्टर्स में दिखाया ‘हिटलर’ और...

नई दिल्ली: पुड्डुचेरी में उपराज्यपाल किरन बेदी के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टर में किरन...

राम जन्मभूमि विवाद पर SC में जल्द हो सकती है सुनवाई, 2010 से लंबित है केस
राम जन्मभूमि विवाद पर SC में जल्द हो सकती है सुनवाई, 2010 से लंबित है केस

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले पर जल्द सुनवाई शुरु हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा...

जानें कौन हैं गुजरात में बापू के नाम से मशहूर शंकर सिंह वाघेला
जानें कौन हैं गुजरात में बापू के नाम से मशहूर शंकर सिंह वाघेला

नई दिल्ली: बापू के नाम से मशहूर शंकर सिंह वाघेला गुजरात में कांग्रेस के बड़े नेता हैं. वाघेला की...

बढ़ेंगी मीसा-शैलेस की मुश्किलें, CA राजेश अग्रवाल के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल
बढ़ेंगी मीसा-शैलेस की मुश्किलें, CA राजेश अग्रवाल के खिलाफ कोर्ट में...

नई दिल्ली: लालू यादव परिवार के लिए संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. लालू की बेटी मीसा भारती...

कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला के बेटे का बयान, ‘बापू कभी भी रिटायर नहीं होंगे’
कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला के बेटे का बयान, ‘बापू कभी भी रिटायर नहीं...

अहमदाबाद: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र वाघेला ने बड़ा बयान दिया है....

आज सावन की शिवरात्रि, देश के मंदिरों में बम बम भोले की गूंज
आज सावन की शिवरात्रि, देश के मंदिरों में बम बम भोले की गूंज

नई दिल्ली: आज सावन की शिवरात्रि है. इस मौके पर देश भर में शिव भक्त मंदिरों में भगवान शिव को...

कश्मीर में बादल फटने से आई बाढ़ में 13 लोगों की मौत, 11 घायल
कश्मीर में बादल फटने से आई बाढ़ में 13 लोगों की मौत, 11 घायल

जम्मू: जम्मू कश्मीर के डोडा, किश्तवार और उधमपुर जिलों में बादल फटने और अचानक बाढ़ आने की अलग-अलग...

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017