जेटली अपने ‘बॉस’ को खुश करने के लिए ‘बेतुका’ बयान दे रहे हैं : कांग्रेस

By: | Last Updated: Sunday, 1 November 2015 4:58 PM
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नई दिल्ली: कांग्रेस ने आज वित्त मंत्री अरूण जेटली पर प्रहार करते हुए कहा कि वह भले ही अपने ‘‘बॉस’’ को खुश करना चाह रहे हों लेकिन उनकी टिप्पणी ‘‘बेतुका’’ है क्योंकि आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक ने ‘‘असहिष्णुता के बढ़ते माहौल’’ पर चिंता जताई है.

 

कांग्रेस प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा, ‘‘जेटली अपने बॉस :नरेन्द्र मोदी: को खुश करना चाहते हैं.. उन्हें ऐसे समय में ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जब आम आदमी से लेकर राष्ट्रपति तक और मूडी से लेकर उद्योगपति और बुद्धिजीवी वर्ग तक असहिष्णुता के बढ़ते माहौल पर चिंता जता रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति ओबामा ने भी इस बारे में :असहिष्णुता: बात की है.’’ जेटली ने आज अपने फेसबुक पोस्ट में कांग्रेस और वामपंथी दलों पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति ‘‘वैचारिक असहिष्णुता’’ अपनाने और भारत को व्यवस्थित झूठे प्रचार के माध्यम से असहिष्णु समाज के तौर पर पेश करने के आरोप लगाए. उनकी इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया आई है.

 

जेटली ने कहा कि 2002 से ‘‘खुद प्रधानमंत्री इस वैचारिक असहिष्णुता से पीड़ित रहे हैं.’’ जेटली ने कहा, ‘‘उनकी दोहरी नीतियां हैं. पहला संसद को बाधित करो और ऐसे सुधार नहीं आने दो जिसका श्रेय मोदी सरकार को जाता हो. दूसरी व्यवस्थित झूठे प्रचार के माध्यम से ऐसा माहौल बनाओ कि भारत में सामाजिक विवाद खड़ा हो. वे भारत को एक असहिष्णु समाज के तौर पर पेश करना चाहते हैं.’’

 

साहित्यकारों और कलाकारों द्वारा पुरस्कार लौटाये जाने के बारे में खान ने कहा, ‘‘वे आज के हालात से परेशान हैं, इसलिए पुरस्कार लौटा रहे हैं . हमारे देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है. परिस्थितियां कभी मजबूर कर देती हैं . ऐसा लगता है कि कुछ तो कहीं गड़बड़ है .’’ जब पूछा गया कि हालात मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ऐसे हुए या पहले भी थे तो खान ने कहा, ‘‘साहित्यकार और कलाकार पुरस्कार तो अभी लौटा रहे हैं . ये पागल लोग तो हैं नहीं . वे दुखी हैं और सम्मान लौटाकर अपना दुख प्रकट कर रहे हैं . सरकार को जांच करानी चाहिए कि किस वजह से ऐसा हो रहा है .’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि वाकई कुछ गड़बड़ है .’’ सरकार की ओर से मिले सम्मान वापस करने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘अभी तो देख रहा हूं हालात .’’ खान ने कहा, ‘‘हमारी शांति और एकता बनी रहे, ये सुनिश्चित करना हर इंसान का फर्ज है. हर मजहब में गलत लोग होते हैं. हर मजहब में आतंकवादी होते हैं, नकारात्मक सोच रखने वाले लोग होते हैं, ये मुझे पता है लेकिन ऐसे लोगों से सावधान रहना है .’’ उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है बल्कि हर हिन्दुस्तानी की है. हर हिन्दुस्तानी का फर्ज है कि उनके बच्चों पर दंगे फसाद का असर नहीं पड़ने पाये .

 

खान ने कहा, ‘‘कोशिश होनी चाहिए कि देश की एकता और अखंडता मजबूत रहे . गंगा जमुनी तहजीब कायम रहे. हर व्यक्ति यहां सुरक्षित रहे चाहे वह किसी भी मजहब का हो .’’ उन्होंने कहा कि देश में हिन्दू और मुस्लिम एक दूसरे पर निर्भर करते हैं और ये निर्भरता ही हमारी ताकत हैं . उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सरोद बनाता कौन है..हेमेन्द्र चंद्र सेन बनाते हैं . अगर वह अच्छा सरोद बनाकर नहीं दें तो मैं कैसे बजा सकूंगा .’’ उस्ताद अमजद अली खान ने कहा, ‘‘आपस का भरोसा और प्यार ही देश की ताकत है . हिन्दू मजहब में मैंने बहुत नम्रता देखी है. पैर छूना, माता पिता, गुरू के पैर छूना अच्छी बात है .’’ उन्होंने कहा, ‘‘अफसोस की बात है कि आज राजनीति पेशा बन गयी है . पहले राजनीति में समर्पित लोग होते थे . आज ऐसे लोगों की जरूरत है जो शांति, एकता और खुशहाली ला सकें. एकता ही हमारी ताकत है . हमेशा से एकता ही ताकत रही है .’’ खान साहब नौशाद सम्मान लेने यहां पहुंचे थे . उन्हें एक लाख रूपये, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया .

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Web Title: congress on arun jaitly
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