कांग्रेस ने विवादित लेख पर बीजेपी की आलोचना की, मोदी से स्पष्टीकरण मांगा

By: | Last Updated: Saturday, 25 October 2014 3:12 PM
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नयी दिल्ली: कांग्रेस ने कथित तौर पर ‘‘इतिहास को दुर्भावना से तोड़ मरोड़ कर पेश’’ करने के लिए आज आरएसएस और भाजपा की तीखी आलोचना की तथा आरएसएस के मुखपत्र में प्रकाशित एक आलेख पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान की मांग की.

 

उस आलेख में कहा गया है कि नाथूराम गोडसे को महात्मा गांधी के बदले जवाहरलाल नेहरू को निशाना बनाना चाहिए था यह आलेख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुखपत्र ‘केसरी’ के मलयालम संस्करण में प्रकाशित हुआ है. कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने इस लेख को ‘‘बर्बर तथा गैरकानूनी’’ करार देते हुए कहा कि मोदी और भाजपा को इस संबंध में तत्काल अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए.

 

माकन ने कहा, ‘‘ उनकी ओर से चुप्पी उनकी संलिप्तता की ओर ही इशारा करेगी. भाजपा नेता की दलील कि गोडसे को महात्मा गांधी के बदले नेहरू की हत्या करनी चाहिए थी, पुष्टि करती है कि उनकी विचारधारा के मूल सिद्धांत घृणा और हिंसा हैं.’’

 

माकन ने कहा, ‘‘ आरएसएस और भाजपा के दिवालिया मस्तिष्क के अंधेरे कोने के अलावा कहीं और इस प्रकार का विकृत प्रवचन पाना कठिन है.’’ आलेख के लेखक बी गोपालकृष्णन हालिया लोकसभा चुनावों में केरल में भाजपा के उम्मीदवार भी थे.

 

उन्होंने यह दावा भी किया है कि नेहरू का कभी भी राष्ट्रपिता के प्रति वास्तविक लगाव नहीं था. आरएसएस ने इस लेख से अपने को अलग करने का प्रयास किया और कहा कि वह लेखक द्वारा व्यक्त किए गए विचारों का समर्थन नहीं करता.

 

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को इस संबंध में अपना रूख स्पष्ट करते हुए बयान जारी करना चाहिए या लेख के लेखक को ‘‘निष्कासित’’ कर देना चाहिए तथा पत्रिका के संपादक को पद से हटा दिया जाना चाहिए.

 

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ क्या यह भारतीय इतिहास के पुनर्लेखन की शुरूआत है? भाजपा, आरएसएस और मोदी को इस संबंध में स्पष्ट बयान देना चाहिए. मैं जानता हूं कि वे नहीं करेंगे.’’ सिंह ने कहा कि आलेख ‘‘ आरएसएस की कट्टर विचारधारा को प्रकट करता है’’ और वह इसकी ‘‘कड़ी’’ निंदा करते हैं.

 

साप्ताहिक के संपादक लेख के समर्थन में दिखे हालांकि उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को जोरदार खंडन किया. शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह लेख न सिर्फ इतिहास के साथ दुर्भावनापूर्ण छेडछाड़ है बल्कि बीमार मानसिकता की भी पुष्टि करता है. उन्होंने कहा कि यह पुष्टि करता है कि आरएएस का दर्शन हिंसा और हत्याओं के समर्थन करने का है.

 

शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा कुछ समय से कांग्रेस के दो नेताओं महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल को ‘‘छीनने’’ का प्रयास कर रही है. शर्मा ने कहा कि यह नहीं भूलना चाहिए कि राष्ट्रपिता की हत्या में आरएसएस के लोग संदेह के घेरे में थे.

 

उन्होंने कहा कि इस कारण तत्कालीन गृह मंत्री पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. कांग्रेस ने कहा, ‘‘ पटेल द्वारा गोलवरकर (आरएसएस प्रमुख एम एस गोलवरकर) को भेजा गया पत्र संगठन का ऐतिहासिक अभियोग है तथा इसके कार्यकर्ता गोडसे के कायराना कृत्य को महिमामंडित कर रहे हैं.’’

 

माकन ने एक बयान में कहा कि चिंताजनक बात यह है कि सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य के ऐसे भयावह और गैरकानूनी विचार आरएसएस मुखपत्र में प्रकाशित किए जा रहे हैं.’’ इस बीच सिंह ने एक अन्य ट्वीट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा. उन्होंने बिना हेलमेट के गडकरी द्वारा स्कूटर चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने संबंधी खबरों के बाद यह ट्वीट किया.

 

सिंह ने सवाल किया कि क्या नागपुर के पुलिस आयुक्त उनके खिलाफ मामला दर्ज करेंगे या गडकरी के खिलाफ किसी जनहित याचिका की प्रतीक्षा करेंगे.

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