कांग्रेस के अपने सर्वे में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में होगी टीम राहुल की हार!

By: | Last Updated: Thursday, 4 September 2014 7:41 AM
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फ़ाइल फ़ोटो: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को आजादी के बाद अब तक की सबसे करारी हार झेलनी पड़ी है. अब कांग्रेस में तीन राज्यों में होने वाली विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन और चिंतन शुरु हो गया है. इकनॉमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार कांग्रेस की आंतरिक टीम ने अक्टूबर में होने वाले तीन राज्य महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में हार का अनुमान जताया है. माना जा रहा है कि अब कांग्रेस में ‘टीम राहुल’ अब ‘राहुल बचाओ अभियान’ में जुट गई है.

 

माना जा रहा है कि यह राहुल को उनके आलोचकों से बचाने की तरफ एक कदम है. यह टीम पार्टी के अंदर ‘साजिश फोबिया’ से लड़ रही है. कांग्रेस प्रवक्ता ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, ”राहुल जी हमारे नेता हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी जोरदार वापसी करेगी.”

 

इकनॉमिक्स टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक ‘राहुल बचाओ अभियान’ की शुरुआत कांग्रेस के उन जूनियर नेताओं ने शुरु किया है जिन्हें राहुल गांधी ने कांग्रेस पार्टी का सचिव बनाया है. कांग्रेस के इन जूनियर नेताओँ के साथ राहुल गांधी लगभग पिछले 15 दिनों से लगातार संपर्क कर बैठके कर रहे हैं. माना जा रहा है कि यह अभियान इस आशंका के बाद शुरु किया गया कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के अंदर कुछ नेता राहुल गांधी के खिलाफ साजिश रच सकते हैं.

 

खबरों पर यकीन करें तो जो भी सीनियर कांग्रेसी नेता पार्टी में प्रियंका गांधी की सक्रिय भूमिका और पार्टी नेतृत्व और कामकाज की समीक्षा करना चाहते हैं वे या तो राहुल के आलोचक हैं या उनकी लीडरशिप के खिलाफ हैं. ‘राहुल बचाओ’ इस अभियान वाली कांग्रेस सचिवों की टीम में जितेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, मनिका टैगोर जैसे नेता शामिल हैं. 

 

ये बातें ऐसे वक्त पर हो रही हैं जब कांग्रेस के आंतरिक सर्वे में अक्टूबर में तीन राज्यों में होने वाले चुनाव में पार्टी की हार की आशंका जताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक चुनाव से पहले किए गए सर्वे के मुताबिक हरियाणा में अभी सत्ता में मौजूद कांग्रेस बीजेपी और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से पिछल तीसरे स्थान पर आ सकती है.

 

वहीं महाराष्ट्र में पार्टी के सर्वे के मुताबिक कांग्रेस-एनसीपी गबंधन को 70 से ज्यादा सीटें मिलने का भी अनुमान नहीं है जबकि झारखंड में कांग्रेस झारखंड मुक्ति मोर्चा, आरजेडी और जेडी(यू) के साथ गठबंधन की तैयारी में है. पार्टी के सर्वे के मुताबिक यहां भी बीजेपी बेहतर स्थिति में है. 

 

चुनावी राज्यों में किए गए कांग्रेस के इस आंतरिक सर्वे ने ‘राहुल की रक्षा’ और ‘सुरक्षा’ वाली बात को और हवा दे दी है. ऐसा कहा जा रहा है कि अगर पार्टी इन चुनावों में हारती है तो राहुल की लीडरशिप स्टाइल को नकारने के तौर पर देखा जाने लगेगा. हालांकि कांग्रेस के कुछ सीनियर नेताओं का मानना है कि कथित राहुल समर्थक नेता खुद को बचाने के लिए इस तरह के हथकंडे आजमा रहे हैं. इनका मानना है कि राहुल गांधी की लीडरशिप कमजोर पड़ने का खमियाजा इन नेताओं के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

 

कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने मुताबिक, ‘पार्टी की कमजोर हालत को देखते हुए पार्टी में मिलकर काम करना और एकता सबसे जरूरी चीज है.

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