आप समझते क्यों नहीं 'नेताजी'?

By: | Last Updated: Friday, 4 September 2015 2:22 PM
controversial statements given by Indian politicians

नई दिल्ली: किसी भी जननेता द्वारा कहे गए शब्द अनुयायियों के लिए आईने की तरह काम करता है. आज के दौर में ना तो ऐसे जननेता रह गए हैं, और न ही उनके बोले गए शब्दों की कोई गरिमा. केवल रह गया है सियासी जुमला और उल्टी सीधी बयान बाजी.

 

हाल ही में एक बयानवीर के बयान से देश वाकिफ हुआ, जिनके मुताबिक सनी लियोन के द्वारा किया गया कंडोम का प्रचार ही देश में बढ़ते रेप का जिम्मेदार है. नंगी औरत की संज्ञा देते हुए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के महासचिव अतुल कुमार अंजान ने सनी को अश्लीलता को बढ़ावा देने का जिम्मेदार ठहराया था.

 

गौरतलब है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता के हक़ का पाठ पढने वाले कामरेड ऐसा भी सोचते हैं. जहां एक तरफ एनसीआरबी के आकंड़े देश में रेप के बढ़ते मामलों की तस्दीक करते हैं वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को हक दिलाने के नाम पर राजनीति करने वाले ऐसे नेता बयानबाजी में ही उलझे हैं.

 

रेप पर विवादित टिपण्णी देने वाले ये पहले नेता नहीं हैं. इससे पहले भी सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह यादव इस गंभीर विषय पर हल्की टिप्पणियों के कारण सुर्ख़ियों में रह चुके हैं.

 

मुलायम सिंह का कहना था की गैंग रेप प्रैक्टिकली पॉसिबल नहीं है. और महिलाएं जानबुझ कर ये आरोप लगाती है. समाज के राजनेता होने का दम्भ भरने वाले ऐसे नेता समाज के ही अंदर की महिलाओं को कैसे भूल जाते हैं.

 

एक तरफ एनसीआरबी के आंकड़े ये साफ दिखा रहे हैं की देश में वर्ष 2013 से वर्ष 2014 तक रेप में 7.7 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है, साथ ही 2014 में भारत में कुल 37,413 रेप के मामले दर्ज किए गए और अभी तक इन्हें रोकने का कोई कारगार उपाय नहीं दिख रहा है.

 

साल दर साल अगर रेप के आंकड़ो पर नज़र डाले तो वर्ष 2013 में देश में 33,707 रेप के मामले दर्ज हुएं जो वर्ष 2014 में बढ़कर 37,413 हो गया. सुशासन के प्रतीक से मौत के प्रतीक बने मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा रेप के मामले सामने आएं. उत्तर प्रदेश जैसे बयनवीरों के राज्य में रेप की संख्या डरती नज़र आती है वहीं दिल्ली को ऐतिहासिक रूप से ‘रेप कैपिटल’ बनने का ठप्पा लगा रहे हैं. अगर राजधानी की बात करें तो 2014 में रेप के 1,813 मामले दर्ज किए गए हैं.

 

ओपिनियन बनाने वाले ऐसे जननेता ही जब रेप की स्थिति और कारणों से भली भांति परिचित नहीं हैं तो ऐसे नेता अपनी जनता को कैसे समझ पाएंगे?

 

गलत बयानों का सिलसिला तो किसी से छिपा नही है ऐसी स्थिति भी समाज में रेप को बढ़ावा देने का एक प्रमुख कारण हैं और जब तक ये ‘जननेता’ रेप की स्थिति के बारे में सही बोलना नहीं सीख लेंगे तब तक रेप की स्थिति पर नियंत्रण कर पाना नामुमकिन है.

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Web Title: controversial statements given by Indian politicians
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