रिहाई के बाद आंसू भरी आंखों से निकली शर्मिला, अनशन जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी

By: | Last Updated: Wednesday, 20 August 2014 3:03 PM

इंफाल: पिछले 14 साल से अनशन कर रही मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को आज जब अस्थायी हिरासत से रिहा किया गया तो वह आंसू भरी आंखों के साथ बाहर निकली तथा उसने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाने के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी.

 

शर्मिला पोरोपट में सरकारी अस्पताल के उस कमरे से बाहर निकली जिसे हिरासत में तब्दील कर दिया गया था. बेहद कमजोर लग रही 41 वर्षीय शर्मिला की नाक में नली नहीं लगी हुई थी जो उसके संघर्ष का पिछले कुछ सालों से प्रतीक बन गयी थी.

 

शर्मिला ने अपनी लड़खड़ाती आवाज में कहा, ‘‘यह भगवान की मर्जी है. मैं भावुक हूं..मैं बहुत पीड़ा झेल रही हूं.’’ एक सत्र अदालत ने कल ही उसकी रिहाई का आदेश दिया था और उसे खाना खाने से इंकार कर आत्महत्या करने के आरोप से बरी कर दिया था.

 

मानवाधिकार कार्यकर्ता नवंबर 2000 से ही भूख हड़ताल पर है और उसने एएफएसपीए को हटाने की उसकी मांग नहीं मांगे जाने तक अपना अनशन जारी रखने की प्रतिबद्धता जतायी है.

 

उसने कहा, ‘‘जब तक मेरी मांगें नहीं मानी जाती मैं अपने मुंह से कुछ भी नहीं लूंगी. यह मेरा अधिकार है. यह मेरे संघर्ष का साधन है.’’ एएफएसपीए को ‘‘दमनकारी’’ करार देते हुए उसने कहा कि इसके कारण विधवाओं की संख्या बढ़ गयी है. उसने कहा कि उसका आंदोलन न्याय के लिए है और इसमें उसने लोगों से सहयोग मांगा.

 

शर्मिला ने कहा, ‘‘मैं चाहती हूं कि लोग मेरा गुणगान नहीं करें बल्कि व्यापक जन समर्थन दें. असली जीत मेरी मांगों के पूरा होने में है..पिछले 14 सालों में, मैंने काफी पीड़ा झेली है.’’

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: Court release of Irom Chanu Sharmila
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017