केन्द्रीय एजेंसिया चक्रवात हुदहुद से निपटने के लिए तैयार, वायुसेना के हेलीकाप्टर तैयार: गृहमंत्री

By: | Last Updated: Saturday, 11 October 2014 5:08 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाद हुदहुद से पैदा स्थिति की समीक्षा की, गृह मंत्री से कहा कि वह प्रभावित होने की आशंका वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों के संपर्क में रहें.

 

दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि चक्रवात का केन्द्र आज दोपहर ढाई बजे विशाखपट्टनम से 260 किलोमीटर दक्षिण और ओड़िशा के गोपालपुर से 350 दक्षिण.दक्षिणपूर्व था. चक्रवात के कारण कल सुबह साढ़े पांच बजे हवाओं की गति 170.180 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़कर अधिकतम 195 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है.

 

 इस बीच, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की कैबिनेट सचिव अजीत सेठ की अगुवाई में आज फिर बैठक हुई. बैठक में चक्रवात को लेकर राहत एवं बचाव अभियानों की तैयारियों की समीक्षा की गयी. इससे पहले आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा के मुख्य सचिवों के साथ इस विषय पर बातचीत की गयी.

 

गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि कल आने वाले संभावित चक्रवात के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी विपरीत परिस्थिति से निबटने के लिए प्रभावित राज्यों को सहायता देने के मामले में केन्द्रीय एजेंसियों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

 

मौसम विभाग ने कहा कि इस चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी गोदावरी जिले, विशापट्टनम, विजयनगरम एवं श्रीकाकुलम जिलों तथा ओड़िशा के कोरापुट, मलकानगिरी, नवरंगपुर, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, कालाहांडी, कंधमाल एवं फूलबनी में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है.

 

चक्रवात से उत्पन्न होने वाली किसी भी चुनौती से निबटने के लिए आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा के विभिन्न हिस्सों में एनडीआरएफ के कुल 39 दलों को तैनात किया गया है. इन दलों में 1680 बचावकर्मी और 199 रबड़ की नौकाएं तथा जीवन रक्षक उपकरण शामिल हैं.

 

बयान में कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति से निबटने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकाप्टरों को तैयार रहने को कहा गया है. आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त ए आर सुकुमार को प्राप्त रिपोटरें के अनुसार श्रीकाकुलम जिले में 35 हजार लोगों, विजयनगरम में 6000 लोगों, विशाखापट्टनम में 15 हजार लोगों, पूर्वी गोदावरी जिले में 50 हजार लोगों और पश्चिमी गोदावरी जिल में पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है.

 

मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू ने शीर्ष अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है तथा इसरो से हुदहुद के मार्ग की उपग्रह तस्वीरें भेजने का अनुरोध किया है.

 

प्रदेश के पांच जिलों में 64 मंडलों के कुल 436 गांवों के समक्ष चक्रवात का खतरा है. सरकार ने इन जिलों में बचाये गये लोगों के लिए 370 राहत शिविरों की पहचान की है.

 

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार कुछ इलाकों विशेषकर दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश की खबर है लेकिन अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

 

दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि बेहद भीषण चक्रवात में तब्दील हो चुके हुदहुद के विशाखापट्टनम एवं गोपालपुर के समीप पहुंचने के साथ ही अगले 48 घंटों में आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है.

 

मौसम विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि यह चक्रवात उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 12 अक्तूबर को अपराह्न में विशाखपट्टनम के पास आंध्र प्रदेश के तट से गुजरेगा. चक्रवात से बुरी तरह से प्रभावित होने की आशंका वाले क्षेत्रों में शामिल मलकानगिरी में अभी से ही भारी वष्रा और तेज हवाएं चल रही हैं. गुडगुता गांव में वृक्ष गिरने से एक कच्चा मकान क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन जिले में कहीं से किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है.

 

गंजाम के तटवर्ती क्षेत्रों के निवासियों सहित करीब साढ़े तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है तथा जिला अधिकारियों से नि:शुल्क भोजनालय चलाने को कहा गया है. अधिकारियों से पर्याप्त मात्रा में मेवों का भंडार करने को कहा गया है.

 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तटवर्ती जिलों के जिलाधीशों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर चक्रवात से निबटने की तैयारियों की समीक्षा की.

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