पुलिस का स्टिंग ऑपरेशन: नरेंद्र दाभोलकर की हत्या की जांच में बड़ा खुलासा

By: | Last Updated: Wednesday, 23 July 2014 4:09 AM
Dabholkar murder: Pune’s ex-top cop exposed in sting video

नई दिल्ली: नरेंद्र दाभोलकर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के नाम से अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चला रहे थे. महाराष्ट्र में उनकी संस्था की 180 शाखाएं थीं. ऐसे शख्स को अचानक गोली मार दी जाती है और अब एबीपी न्यूज जो वीडियो आपको दिखाने जा रहा है उसमें आप देखेंगे कि दाभोलकर के हत्यारे को तलाशने के लिए पुलिस अंधविश्वास के सहारे तलाशती रही उनके कातिलों का पता.

 

खोजी पत्रकार आशीष खेतान के खुफिया कैमरे पर कैद हुआ है ये वीडियो– आशीष खेतान ने पुणे में इस वीडियो को रिकॉर्ड किया है. इस वीडियो में आपको दिख रहा है ये शख्स चंद पलों में दाभोलकर में बदल जाएगा. यकीन नहीं होता, होना भी नहीं चाहिए लेकिन पुणे पुलिस को इस काले जादू पर पूरा यकीन है.

 

ये शख्स है पुणे पुलिस का पूर्व कांस्टेबल मनीष ठाकुर जो ऐसे काले जादू के लिए मशहूर है. देखिए लोग कैसे उसके पैर छूते हैं उसका आशीर्वाद लेते हैं. लेकिन जो वीडियो हम दिखाने जा रहे हैं उसमें ये शख्स दावा कर रहा है–अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई में मारे जा चुके दाभोलकर होने का–जी हां दाभोलकर की आत्मा को बुलाने का दावा कर रहा है मनीष ठाकुर.

 

देखिए ये शख्स इस बिस्तर पर लेट गया है और पांव के पास एक मोमबत्ती जलाई गई है. कुछ झटके आते हैं और फिर मनीष ठाकुर खुद को नरेंद्र दाभोलकर बताने लगते हैं. स्टिंग को अंजाम देने वाले आशीष से वो पहला सवाल उस एसीपी अभ्यंकर के बारे में पूछते हैं जिसने ठाकुर को दाभोलकर केस में लगाने की सिफारिश की थी.

 

ठाकुर – एसीपी कहां है..अभ्यंकर कहां है..

आशीष – नहीं वो अपने घर पर हैं..

ठाकुर – मुझे क्यों बुलाया यहां पर

आशीष – मुझे आपसे बात करनी थी..मेरा नाम आशीष खेतान है

ठाकुर – वो कहां है अभ्यंकर

आशीष एसीपी नहीं आए..एसपी नहीं है..वो अपने घर पर हैं..उन्होंने मुझे भेजा है.

ठाकुर – उससे बात करनी है मुझे..

आशीष – आपसे बात कराएंगे उनकी..आप यहां बैठकर बात करना चाहेंगे