एक बार फिर फेल हुई डी कंपनी, छोटा राजन को मार गिराने की थी प्लानिंग

By: | Last Updated: Thursday, 2 July 2015 8:07 AM
Dawood’s latest, frantic bid to kill Chhota Rajan foiled

नई दिल्ली : इस साल की शुरुआत में अंडरवर्ल्ड दाऊद इब्राहिम के दाहिने हाथ छोटा शकील ने अपने दुश्मन छोटा राजन को खत्म करने का ‘फाइनल प्लान’  बनाया था.

 

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक छोटा शकील को इस बात की जानकारी थी कि छोटा राजन कहां छिपा है. मगर आखिरी वक्त में उसका प्लान फेल हो गया. डी कंपनी के इस प्लान के फेल होने के पीछे इसकी जानकारी लीक होना बताया जा रहा है.

 

दरअसल छोटा राजन को इस हमले से पहले ही किसी ने इस बारे में जाकारी दे दी कि डी कंपनी एक बार फिर उसी तरह से हमला करवाने की तैयारी में है, जैसा कुछ साल पहले बैंकॉक में किया गया था. इससे राजन हरकत में आ गया और हमले से पहले ही अंडरग्राउंड हो गया.

 

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने वह खुफिया जानकारी हाथ लगने का दावा किया जिसके मुताबिक छोटा शकील ने किस तरह से राजन को मौत के घाट उतारकर दाऊद के सपने को पूरा करना चाहता था. इस जानकारी के आधार पर यह भी पता चलता है कि किसी वक्त डी कंपनी में नंबर 2 रहा राजन कैसे बच निकला.

 

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक इंटरसेप्ट की गई फोन कॉल्स से पता चलता है कि इस साल अप्रैल में कराची से भारत के एक खास हिस्से में बहुत ज्यादा फोन किए गए. ये फोन नेपाल में लिस्टेड WLL नंबर (00971504******) से किए गए थे. आपको बता दें देश की तमाम इंटेलिजेंस एजेंसियां हमेशा दाऊद के खास आदमियों पर निगाह रखती हैं. जिसकी वजह से इन फोन कॉल्स को इंटरसेप्ट किया जा सका.

 

इसी के चलते वे हिंदू और उर्दू में की जा रही पूरी बात सुन रही थीं. उन्हें पता चला कि किस तरह छोटा शकील छोटा राजन को मारने की योजना बना रहा है और उसके करीबी शख्स को अपनी तरफ मिलाने में कामयाब हो गया है.

 

इंटरसेप्ट किए गए इन फोन कॉल्स में राजन के खास शख्स को उसका पता बताने के लिए अच्छे इनाम का लालच दिया जा रहा था.  अखबार के मुताबिक डी कंपनी की ओर से फोन कॉल में कहा गया,’’ ‘वह हमें बुरा बनाकर खुद देशभक्त बनता फिरता है. पिछली बार हम जरा सा चूक गए थे. बस तुम हमारी मदद करो, हम इस बार कोई गलती नहीं करेंगे.“

 

इसके साथ ही  छोटा राजन के सहयोगी को पॉवर की धौंस भी दी गई. फोन पर कहा गया, ‘पावर यहां पर है, हमारे पास. वह तो भागता फिरेगा. यकीन मानो.. अगर तुम साथ देते हो तो तुम्हारा पूरा ख्याल रखा जाएगा.’  इसके बाद राजन का सहयोगी ज्यादा देर तक अड़ नहीं सका और उसने बता दिया राजन ऑस्ट्रेलिया के न्यूकासल में है.

 

इसके बाद शकीन ने मिडल-ईस्ट के एक देश से तुरंत एक शूटर्स को शकील ने ऑस्ट्रेलिया रवाना कर दिया. लेकिन इस बार भी किस्मत ने शकील का साथ नहीं दिया, क्योंकि राजन के गैंग का रहस्यमी मेंबर भी शकील पर नज़र रख रहा था.

 

उसने राजन को खबर दे दी और वह अंडरग्राउंड हो गया. खबर मिलते ही छोटा राजन ऑस्ट्रेलिया छोड़कर ऐसी जगह चला गया, जिसके बारे उस शख्स को भी नहीं पता था जिसने शकीन को जानकारी दी थी. ॉ

 

इस पूरे दटनाक्रम पर जब दाऊद और शकील पर नजर रखे भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों से संपर्क किया गया तो उन्होंने ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया. सूत्रों का कहना है कि डी कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में राजन को मारने का प्लान बनाया था, मगर वे नाकामयाब रहे.

 

राजन बढ़ती उम्र के साथ थोड़ा सुस्त पड़ गया है और दाऊद को अब उससे पहले जितना खतरा भी नहीं है.  लेकिन उसे मारने को लेकर शकील की बेचैनी बताती है कि डी कंपनी के अंदर उसके लिए कितना गुस्सा है.

 

 

पहले भी डी कंपनी ने करवाए हमले

डी कंपनी ने पहले भी राजन पर कई हमले करवाए लेकिन वह बच निकला. साल 2000 में दाऊद के आदमियों ने बैंकॉक के भरे बाजार में उसे घेर लिया था. उसके ऊफर फायरिंग हुई थी और उसे कई गोलियां भी लगी थीं. इस हमले में राजन बुरी तरह घायल हो गया था. इसके बाद राजन ने अपना सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया था. इसके बाद अप्रेल में डी कंपनी ने उसके एक करीबी को खरीद लिया.

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Web Title: Dawood’s latest, frantic bid to kill Chhota Rajan foiled
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