DDCA घोटाला: संसद में जेटली ने कहा नहीं हुआ घोटाला, जांच की मांग पर अड़े कीर्ति आजाद

By: | Last Updated: Monday, 21 December 2015 6:01 PM
DDCA SCAM: In parliament Arun Jaitley Vs Kirti Azad

नई दिल्ली : डीडीसीए के कथित घोटाले पर संसद में भी आमने-सामने दिखे वित्त मंत्री अरुण जेटली और बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद. जेटली ने कहा DDCA में घोटाला नहीं हुआ, जबकि कीर्ति आजाद ने जांच की मांग की.

राज्यसभा में अरूण जेटली ने अपने खिलाफ आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि आरोप बेबुनियाद और गलत हैं. जेटली के बयान पर कांग्रेस ने असंतोष जताते हुए लोकसभा से वॉकआउट कर दिया.

जबकि बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद ने कांग्रेस को सदन की कार्यवाही बाधित करने की बजाए समयबद्ध तरीके से एसआईटी की निगरानी में जांच कराने की मांग करने की सलाह दी. कीर्ति आजाद ने जेलटी के जवाब को ठुकराते हुए जांच की मांग की.

क्या है मामला?

कल कीर्ति आजाद ने एक स्टिंग की भी सीडी जारी कर दावा किया कि डीडीसीए में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है. आरोप है कि डीडीसीए ने लैपटॉप, प्रिंटर जैसी चीजें इतनी ज्यादा कीमत पर किराए पर लीं, जितने में वो नए आ जाते. इसी तरह डीडीसीए ने जिन कंपनियों को ठेका दिया था उनमें से 14 कंपनियां फर्जी पाई गई हैं.

आरोप के मुताबिक लैपटॉप के एक दिन का किराया 17 हजार रुपये दिया गया, उसी तरह 3 हजार रुपये प्रिंटर के एक दिन का किराया अदा किया हया. पूजा की थाली 5 हजार रुपये की तैयार की गई.

Kirti-Azad

पढ़कर चौंक गए होंगे ना आप, लेकिन ऐसा हुआ है. कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के बाद अब कोटला स्टेडियम घोटाले में भी ऐसी ही अनियमितताओं के आरोप लगे हैं. आरोप लगाने वाले हैं बीजेपी के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद. कीर्ति आजाद ने विकीलीक्स4इंडिया और सनस्टार नेशनल हिंदी अखबार के एक स्टिंग की सीडी जारी कर डीडीसीए पर आरोपों की नए बाउंसर फेंके हैं. इस सीडी में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में हुई अनियमितताओं की पोल खोलने का दावा किया गया है.

स्टिंग में दावा किया गया है कि दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन यानी डीडीसीए ने ऐसे-ऐसे टेंडर बांटे जिनमें न सिर्फ नियमों को ताक पर रखा गया बल्कि फर्जीवाड़े का एक बड़ा रैकेट काम कर रहा था.

मसलन जो लैपटॉप 20 हजार रुपये में बाजार में नया मिल जाता है, उसी लैपटॉप को 16 हजार 900 रुपये में एक दिन के किराए पर लिया गया . इसी तरह प्रिंटर के लिए 3 हजार रुपये रोजाना का किराया दिया गया, जबकि नया प्रिंटर 4 हजार से 5 हजार रुपये के बीच आ जाता है . एक पूजा की थाली के लिए 5 हजार रुपये किराया दिया गया .

आरोप लगाया गया है कि डीडीसीए में फर्जीवाड़े की इससे भी बड़ी पिच भी तैयार की गई थी, जिसमें 14 कंपनियां बैटिंग कर रही थीं . डीडीसीए ने इन 14 कंपनियों को करोड़ों रुपये का भुगतान किया था . आरोपों के मुताबिक इन 14 कंपनियों के पते फर्जी थे.

कुछ कंपनियां अपने पते पर मौजूद तो थीं, लेकिन उन कंपनियों ने कभी डीडीसीए के साथ कोई लेन-देन ही नहीं किया था.

आरोप है कि डीडीसीए ने कुछ कंपनियों को चेक या डिमांड ड्राफ्ट की बजाए कैश में भुगतान कर दिया, जोकि नियमों के खिलाफ है.

इस स्टिंग में ऐसे बिल भी दिखाए गए हैं, जो बिल्कुल सादे कागज पर छपे हुए थे. इन पर लिखे टेलीफोन नंबरों में गड़बड़ी थी, इस बिल पर 9 नबंरों का टेलीफोन नंबर लिखा था, जबकि दिल्ली में तो टेलीफोन का नंबर सिर्फ 8 अंकों के ही हैं.

ये स्टिंग आने से पहले ही आपके चैनल ABP न्यूज ने भी उन कंपनियों के पते की पड़ताल की थी, जिन्हें कोटला स्टेडियम के निर्माण के लिए ठेका दिया गया था. ये ठेके अरुण जेटली के अध्यक्ष रहते हुए दिए गए थे.

हालांकि कीर्ति आजाद दावा कर रहे हैं कि वो डीडीसीए में अनियमितता का मुद्दा उठाकर अरुण जेटली पर व्यक्तिगत हमला नहीं कर रहे हैं.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: DDCA SCAM: In parliament Arun Jaitley Vs Kirti Azad
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017