पुतिन-मोदी शिखर बैठक आज, परमाणु उर्जा-तेल-गैस क्षेत्र पर होगा विशेष ध्यान

By: | Last Updated: Thursday, 11 December 2014 3:28 AM

नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कल होने वाली वाषिर्क शिखर वार्ता के लिए आज रात यहां पहुंच गए. इस बातचीत का उद्देश्य दोनों देशों के बीच पहले से नजदीकी रणनीतिक संबंधों को विशेष रूप से परमाणु उर्जा, हाइड्रोकार्बन्स और रक्षा के क्षेत्र में और मजबूती प्रदान करना है.

 

पुतिन के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी आया है जिसमें दिग्गज उद्योगपति भी शामिल हैं. पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित अन्य विशिष्ट लोगों ने पुतिन का यहां स्वागत किया.

 

हैदराबाद हाउस में होने वाली बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच 15 से 20 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. साल 2000 के बाद से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता बारी-बारी से मास्को और नई दिल्ली में हो रही है.

 

मोदी के साथ (सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तरीय प्रारूपों में) होने वाली बातचीत में उम्मीद है कि पुतिन यूक्रेन मुद्दे पर अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगी देशों द्वारा रूस के खिलाफ लगाये गए प्रतिबंधों को कम करने के उद्देश्य से ‘समय की कसौटी पर परखे’ सहयोगी भारत के साथ आर्थिक संबंधों को और बढ़ाने की मांग करेंगे.

 

पुतिन और मोदी के बीच होने वाला यह पहला वाषिर्क शिखर सम्मेलन होगा. दोनों नेताओं के बीच ब्राजील में गत जुलाई में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में जी-20 शिखर सम्मेलन के इतर भी मुलाकात हुई थी.

 

पुतिन ने अपनी यात्रा से पहले भारत के साथ अपने देश के संबंधों को ‘विशेषाधिकृत रणनीतिक साझेदारी’ करार देते हुए कहा था कि वार्ता के एजेंडे में सैन्य और तकनीकी सहयोग के साथ ही नये परमाणु संयंत्रों का निर्माण ऊपर है.

 

उन्होंने कहा कि रूस भारत को एलएनजी निर्यात और आर्टिक में तेल और प्राकृतिक गैस खोज में ओएनजीसी को शामिल करने का इच्छुक है. भारत में उर्जा की कमी है और यह अमेरिका और चीन के बाद तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है.

 

भारत रूस में प्रमुख गैस और तेल खोज परियोजनाओं में अधिक भागीदारी को प्रयासरत है और दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है. रूस वैश्विक रूप से शीर्ष तेल उत्पादकों में से एक है और उसके पास प्राकृतिक गैस के बड़े भंडार हैं.

 

परमाणु उर्जा क्षेत्र में रूस कुल 20 से 24 परमाणु उर्जा उत्पादन इकाइयां भारत में स्थापित करने की पेशकश कर सकता है जबकि पहले 14 से 16 परमाणु संयंत्रों की स्थापना पर सहमति बनी थी. इसके साथ ही दोनों पक्षों के बीच समग्र उर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिए एक रूपरेखा बन सकती है.

 

रूसी राजदूत अलेक्सांद्र कदाकिन ने कहा कि दोनों देश कुडनकोलम परमाणु उर्जा परिसर में पांच से छह इकाइयां निर्माण पर बातचीत शुरू करेंगे और पुतिन की यहां की यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच इकाई तीन और चार के लिए एक तकनीकी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं.

 

रूस एक नये रूसी डिजाइन का परमाणु उर्जा संयंत्र के निर्माण के लिए एक जगह आवंटित करने के लिए भारत के निर्णय का इंतजार कर रहा है और यह मुद्दा भी बातचीत में उठ सकता है.

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Web Title: deals on nuclear energy, oil will dominate Putin’s india visit
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