...तो क्या रक्षा के साथ समझौता कर रही है मोदी सरकार?

By: | Last Updated: Thursday, 15 January 2015 3:10 AM
Defence forces see Rs 13000 crore cut in capital outlay

नई दिल्ली: सरकार ने सेना, नौसेना तथा वायुसेना के पूंजीगत व्यय में 13,000 करोड़ रुपये की कटौती का आदेश दिया है, जिससे चालू वित्त वर्ष में रक्षा बलों के राजस्व खर्च को पूरा किया जा सके. जहां पूंजीगत व्यय सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए होता है, वहीं राजस्व खर्च वेतन, पेंशन व अन्य ईंधन बिलों के भुगतान के लिए होता है. हालांकि, विश्लेषकों ने आगाह किया है कि इस कटौती से आधुनिकीकरण योजना प्रभावित होगी. रक्षा मंत्रालय के सूत्र हालांकि ऐसा नहीं मानते.

 

मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, ‘‘इससे आधुनिकीकरण की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं होगा. यह सिर्फ अगले बजट तक की अवधि के लिए है. पिछले साल भी ऐसा किया गया था.’’ सूत्रों ने बताया कि सेना के पूंजीगत व्यय में 4,500 करोड़ रुपये की कटौती होगी. शेष कटौती अन्य दो बलों के हिस्से से होगी. यह दो साल में दूसरा मौका है जब रक्षा मंत्रालय ने यह कदम उठाया है. पिछले साल जनवरी में पूंजीगत खाते से 7,870 करोड़ रुपये राजस्व खाते में डाले गए थे जिससे बलों की अतिरिक्त जरूरत को पूरा किया गया.

 

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए कुल 2,29,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था जिसमें पूंजीगत व्यय के लिए आवंटन 94,587 करोड़ रुपये है.

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Web Title: Defence forces see Rs 13000 crore cut in capital outlay
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