दिल्ली विधानसभा में VAT प्रस्ताव पारित

By: | Last Updated: Tuesday, 30 June 2015 2:17 PM
delhi assembly

नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को दिल्ली वैट संशोधन बिल 2015 का प्रस्ताव पारित कर दिया. वैट संशोधन बिल पारित होने के बाद अब दिल्ली सरकार बिना विधानसभा सत्र बुलाए अपनी मंत्रिमंडल की बैठक में ही वैट की दरों में 30 फीसदी तक की बढोत्तरी कर सकती है.

 

हालांकि दिल्ली सरकार ने फिलहाल किसी चीज पर वैट की दरों में बढोत्तरी नहीं की है. सरकार के इस संशोधन प्रस्ताव का बीजेपी ने जमकर विरोध किया और विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने सदन में विरोध में बिल की प्रति फाड़ी.

 

दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को वैट संशोधन बिल 1015 के खिलाफ विपक्ष में बैठी बीजेपी ने जमकर हंगामा किया. वैट संशोधन बिल को दिल्ली के आम लोगों के खिलाफ बताया.

 

विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने बिल के विरोध में वैल में आ गए और विधानसभा अध्यक्ष की कर्सी के सामने वैट बिल की प्रति का फाड़ कर हवा में उड़ा दिया. विपक्ष के बढ़ते हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने बीजेपी की तीनों विधायकों को सदन के बाहर कर दिया.

 

हंगामे के बीच विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 66 विधायकों ने ध्वनी मत से वैट संशोधन बिल 2015 को पारित कर दिया. हालांकि दिल्ली सरकार ने वैट संशोधन बिल तो पारित कर दिया है लेकिन फिलहाल दिल्ली में किसी चीज की दरो में बढ़ोत्तरी की घओषणा नहीं की गई है.

 

दरअसल दिल्ली सरकार ने सोमवार को विधानसभा में डीजल और पेट्रोल सहित कई चीजों पर वैट की दरों में 30 फीसदी तक बढोत्तरी करने का प्रस्ताव रखा था. ये वो चीजें थी जिनपर साढ़े 12 फीसदी से लेकर 20 फीसदी तक वैट वसूला जा रहा है. प्रस्ताव पारित होने के बाद सरकार अब बिना विधानसभा सत्र बुलाए कैबिनेट में ही वैट की दरें बढ़ा सकती है.

 

सरकार के  पेट्रोल, डीजल, देसी शराब, अंग्रेजी शराब, पॉच हजार रूपये से ज्यादा कीमत की मंहगी घड़ियों, सभी तरह के कोल्ड ड्रिंक, तंबाकू, गुटखा, बीडी और लॉटरी टिकट  पर लगने वाला अधिकतम बीस फीसदी वैट की दरों को तीस फीसदी करने का प्रस्ताव रखा था.

 

दरअसल दिल्ली सरकार का कहना  है की ये प्रस्ताव पड़ोस के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के वित्त मंत्रियों के साथ पिछले महीने हुई बैठक  बाद लिया गया है.

 

बैठक में ये सहमति बनी थी कि सभी राज्यों में एक सामान वैट हो.वहीँ दिल्ली सरकार के प्रस्ताव का बीजेपी विरोध कर रही है. बीजेपी का कहना है की जब बजट के डारौं कहा गया की vat में बढ़ोतरी नहीं होगी तो फिर इस प्रस्ताव की जरुरत क्या है.

 

बीजेपी ने सरकार की नियत पर सवाल करते हुए कहा की सरकार बजट के बाद इन चीज़ों के दाम बढ़ाने के मूड में है.पिछले वित्तीय वर्ष में वैट से दिल्ली सरकार को 17 हजार करोड़ रूपए की कमाई हुई थी.

 

बजट पेश करते हुए सरकार ने वैट की दरो में बढोत्तरी के बजाए कुछ जीचों में वैट की दरें कम करने की घोषणा की थी. साथ ही मौजूदा वित्त वर्ष में वैट से 24 हजार करोड़ रूपये की कमाई का लक्ष्य रखा लेकिन बजट में ये साफ नहीं किया कि सरकार वैट वसूली का लक्ष्य किस तरह पूरा करेगी. साफ है कि अभी तो नहीं लेकिन आने वाले समय में सरकार कुछ चीजों पर वैट की दरों को बढ़ाकर कमाई का अपना लक्ष्य पूरा कर सकती है.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: delhi assembly
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017