दिल्ली: कृष्णानगर में किरन बेदी के दफ्तर पर वकीलों ने किया हमला

By: | Last Updated: Monday, 2 February 2015 2:04 PM
Delhi polls: Kiran Bedi’s office in Krishna Nagar ransacked

नई दिल्ली: बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरन बेदी के दफ्तर पर आज शाम हमला हुआ. इस हमले की खबर खुद किरन बेदी ने ट्वीट करके दिया है. खुद किरन बेदी ने अपने दफ्तर पर हुए हमले की जानकारी देते हुए ट्विट किया, ‘कृष्णा नगर में मेरे दफ्तर पर हमला हुआ है. हमले में कुछ लोग घायल हुए हैं. मैं अपनी रैली को अधूरा छोड़कर वापस लौट रही हूं.’

 

बीजेपी कार्यकर्ताओं के मुताबिक वकीलों के एक गुट ने बीजेपी दफ्तर पर हमला किया है. वैसे वो राजनीतिक हमले की आशंका भी जता रहे हैं.

 

आपको बता दें कि वकीलों पर लाठीचार्ज को लेकर किरन बेदी पहले से विवादों के घेरे में हैं. ये तस्वीर किरन बेदी के कृष्णा नगर दफ्तर की है. बीजेपी कार्यकर्ताओं के मुताबिक वकीलों के एक गुट ने इस दफ्तर में तोड़फोड़ की है और साथ ही कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की है.

 

बीजेपी कार्यकर्ता अनुज ने बताया, ‘लाइन लगाते हुए आए और हाथों में दफ्तियों लेकर आए और कार्यालय में घुसते ही मारधाड़ शुरू कर दी है. जो घायल हैं वो हॉस्पिटल गए हैं. यहां खड़े होकर उन लोगों ने किरन मैडम के बारे में अपशब्द भी कहा है. उसमें चार या पांच लोग ही वकील थे बाकी तो लगता है कि वकील के भेष में यहां गुंडागर्दी कर रहे थे.’

श्याम पेशवानी ने कहा, ‘वकील लोग अभद्र  नारे लगा रहे थे. अचानक अंदर आकर हमला कर दिया. लाठी से दो तीन लोगों को लाठियां मारी, इन लोगों को काफी चोटे आईं. काफी देर तक हमारे  साथ लड़ने की कोशिश की. यहां महिला कार्यकर्ता भी बैठी थी वो लोग आए और तोड़फोड़ करने लगे.’

 

बीजेपी कार्यकर्ता इस हमले के लिए किसी पार्टी को सीधे सीधे जिम्मेदार नहीं ठहरा रहे हैं, लेकिन वो राजनीतिक साजिश की आशंका जता रहे हैं.

 

चुनाव अधिकारी मिस्टर बिश्नोई ने बताया कि करीब 1000 की संख्या में ये वकील कड़कड़डूमा कोर्ट से निकले और कृष्णानगर में किरन बेदी के दफ्तर तक मार्च निकाला और फिर हमला किया. पूरे हमले में दो से तीन लोग घायल हो गए.

 

आपको बता दें कि किरन बेदी वकीलों पर लाठीचार्ज कराने को लेकर पहले से विवादों के घेरे में है. दरअसल साल 1988 में किरन बेदी उत्तरी दिल्ली की डीसीपी थी और उसी समय तीस हजारी कोर्ट में वकीलों पर लाठीचार्ज हुआ था. इस मामले की जांच के लिए बनी वाधवा कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि किरन बेदी ने भाड़े के गुंडों को बुलाकर वकीलों पर लाठीचार्ज कराया है और उन्हें किसी ऊंचे पद पर नियुक्त नहीं किया जाए.

 

आम आदमी पार्टी वाधवा कमीशन की इस रिपोर्ट को पहले से चनावी मुद्दा बनाती रही है और अब वकीलों के एक गुट ने जिस तरह से किरन बेदी के दफ्तर पर हमला किया है, उससे साफ है कि ये मामला दिल्ली चुनाव में गुल खिला सकता है.