दिल्ली: नरेला मंडी में बारिश से बर्बाद हुआ हजारों क्विटंल अनाज

By: | Last Updated: Monday, 13 July 2015 4:05 AM
delhi: quintiles of food grains got destroyed because of rain

इस कारण शेड बनाने में परेशानी आ रही है. मंडी प्रशासन की ओर से यह प्रयास जारी है कि सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरी कर इस पर काम प्रारंभ किया जाए. ऐसे में पीएम मोदी से लेकर दिल्ली के सीएम केजरीवाल द्वारा किसानों को लेकर की गई बड़ी-बड़ी बातें फिर से जुमाल साबित हो गईं. पीएम ने तो आम चुनावों के प्रचार के समय मनमोहन सरकार पर हमला करते हुए यह सवाल उठाए थे कि क्या सरकार किसानों द्वारा मेहनत से उगाए गए अनाज को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम नहीं बनावा सकती! मोदी सरकार के 14 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद खुले आसमान के निचे सड़ रहा अनाज प्रधानमंत्री द्वारा दिया गए वादों की पोल खोलता है. वहीं आम आदमी की राजनीति का नारा देने वाले केजरीवाल की सरकार भी किसनों के दर्द के तरफ ध्यान नहीं दे पा रही.

नई दिल्ली: बारिश के कारण दिल्ली के नरेला मंडी में हजारों क्विटंल अनाज बेकार हो गया. भारी मात्रा में पड़े अनाज को पानी बचाने के लिए शेड तक के इंतजाम नहीं थे. मंडी में शेड नहीं रहने के कारण कई साल से बारिश होते ही खुले आसमान के नीचे रखे अनाज के भीगने का सिलसिला जारी है.

 

लगातार हो रही बारिश के कारण यहां चार दिनों से कारोबार ठप पड़ा है. शनिवार को शेड बनाने की योजना को मंजूरी दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड को देनी है, लेकिन नरेला अनाज मंडी की कृषि उत्पाद विपणन कमेटी की ओर से बोर्ड को शेड बनाने के लिए भेजा गया प्रस्ताव मंजूरी के इंतजार में है. ऐसी स्थिति तब है जब बोर्ड प्रशासन से लेकर विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों को सबकुछ पता है, लेकिन अनाज की सुरक्षा के लिए अब तक कोई कारगर कदम नहीं उठाये जा रहे हैं. ऐसे में यहां के कारोबारियों और किसानों में गुस्सा देखा जा रहा है.

 

नरेला मंडी में पहुंच रही है धान

 

नरेला अनाज मंडी में इन दिनों धान पहुंच रही है. मंडी सूत्रों के अनुसार रोजना औसतन 5 से 7 हजार क्विंटल धान पड़ोसी राज्यों से लाई जा रही है. पड़ोस के हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान अनाज को लेकर यहां पहुंच रहे हैं. धान 19 सौ से 25 सौ रुपये प्रति क्वटल की दर से बिक रहा है.

 

सालों से शेड बनाने की मांग

 

नरेला अनाज मंडी के आढ़ती और किसान पांच साल से अनाज की सुरक्षा को लेकर शेड बनाने की मांग कर रहे हैं. कई बार कृषि विपणन बोर्ड के अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाई जा चुकी है. कई बार विभाग के अधिकारी दौरे पर आए तो उन्होंने आश्वासन भी दिया, लेकिन अब तक कोई योजना तैयार नहीं की गई है. मंडी में शेड का निर्माण कब तक होगा, इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है.

 

महज एक मंजूरी के कारण अटक है मामला

 

नरेला अनाज मंडी में शेड बनाने की योजना प्रस्तावित है. इसके लिए कृषि विपणन बोर्ड को मंजूरी देनी है. मैंने इसके लिए विभाग के मंत्री से लेकर बोर्ड के अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन अब तक वहां से स्वीकृति नहीं मिल सकी है. इस कारण शेड बनाने में परेशानी आ रही है. मंडी प्रशासन की ओर से यह प्रयास जारी है कि सभी औपचारिकताओं को जल्द पूरी कर इस पर काम प्रारंभ किया जाए.

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