महिलाओं की सुरक्षा के लिए जमीनी पहल चाहते हैं दिल्ली-एनसीआर के लोग: सर्वेक्षण

By: | Last Updated: Sunday, 14 December 2014 8:42 AM

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ज्यादातर लोगों का मानना है कि महिला-पुरूष समानता सुनिश्चित करने के लिए समाज की मानसिकता में बदलाव लाना अहम है और जमीनी स्तर पर पहल से महिलाओं के विरूद्ध हिंसा की घटनाएं कम करने में मदद मिलेगी.

 

हाल के एक सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी है. दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं के विरूद्ध हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं तथा एक कैब ड्राइवर पर 27 साल की एक महिला से कथित बलात्कार ऐसी नवीनतम घटना है.

 

मार्केट एक्सेल डाटा मैट्रिक्स ने दिल्ली, नोएडा और गुड़गांव में जिन 3000 लोगों पर सर्वेक्षण कराया उनमें सभी को महिला सुरक्षा पर बल देने के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए अभियान की जानकारी थी. इन 3000 लोगों में 51 फीसदी पुरूष और 49 फीसदी महिलाएं थीं.

 

करीब 72 फीसदी लोग मानते हैं कि महिला-पुरूष समानता सुनिश्चित करने के लिए समाज की मानसिकता में बदलाव अहम है जबकि 25 फीसदी लोगों का मानना है कि मानसिकता में बदलाव से महिला पुरूष असमानता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

 

करीब 95 फीसदी लोगों का कहना है कि महिला सुरक्षा पर बल देने से लिंगाधारित भेदभाव खत्म होगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी.

 

करीब 50 फीसदी लोगों का मानना था कि महिलाओं के लिए शिक्षा के समान अधिकार से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मानसिकता बदलने में मदद मिलेगी जबकि 25 फीसदी लोग महसूस करते हैं कि महिलाओं और पुरूषों के समान दर्जे से महिला-पुरूष असमानता दूर करने में मदद मिलेगी.

 

सर्वेक्षण में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आयी वह यह है कि बस 13 फीसदी लोग मानते हैं कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी नहीं होनी चाहिए तथा महज आठ फीसदी लोगों ने कहा कि वे शादी के वक्त दहेज नहीं लेंगे.

 

हालांकि 87 फीसदी लोगों का कहना था कि ज्यादा से ज्यादा शौचालय बनाने से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी.

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Web Title: delhi_ncr_women_safety_survey
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