कन्यादान योजना के साथ 'मामा' शुरु करें पिंडदान योजनाः दिग्विजय

By: | Last Updated: Thursday, 9 July 2015 5:17 AM

नई दिल्लीः कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने व्यापम में हो रही मौत को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधा है. ट्विटर पर दिग्विजय ने लिखा, ‘शिवराज को अब कन्यादान योजना के साथ ही पिंडदान योजना की शुरुआत भी कर देनी चाहिए.’

 

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह सरकार लड़कियों की शादी के लिए कन्यादान योजना चलाती है .

 

दिग्विजय ने कन्यादान के साथ पिंडदान को जोडकर चुटकी लेते हुए विवादास्पद टिप्पणी की है . ट्वीट में ‘मामा’ शब्द का इस्तेमाल शिवराज सिंह के लिए किया गया है . कन्यादान योजना की वजह से ही मध्य प्रदेश में शिवराज मामा के नाम से लोकप्रिय हैं.

 

 

कितनी हो चुकी हैं मौतें

व्यापम में अब तक 46 मौतें हो चुकी हैं,. जिसमें 4 मौतें पिछले हफ्ते हुई. इस घोटाले में हो रही संदिग्ध मौतों को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमले कर रहा है. ये घोटाला अब तक का सबसे खतरनाक घोटाला बनकर उभरा है.

 

इन मौतों को लेकर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी अपनी चिंता  जाहिर करते हुए कहा था कि,”मैं तो मंत्री होने के बावजूद डरती हूं, तो आम लोगों का डर के साथ जीना वाजिब है, उमा ने कई मौतों के बाद सीएम चौहान को किसी सक्षम एजेंसी से जांच कराने की सलाह दी थी.”

 

क्या है व्यापम घोटाला

उच्च शिक्षा मंत्री के तहत काम करने वाला व्यावसायिक परीक्षा मंडल मेडिकल, इंजीनियरिंग और दूसरी व्यावसायिक पढ़ाई के साथ सरकारी नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं करवाने और छात्रों के चयन का काम करता है. व्यापम घोटाला दो हिस्सों में बंटा हुआ है. पहला तो ये कि मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रवेश परीक्षाओं में धांधली हुई. वहीं दूसरा सरकारी नौकरियों के लिए हुई परीक्षाओं में भी गड़बड़ी करके नाकाबिल लोगों को नौकरी दी गई.

 

व्यापम मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के अधीन था-घोटाले के तार लक्ष्मीकांत शर्मा से जुड़ रहे थे. उन्हें भी गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही घोटाले के कर्ताधर्ता उनके ओएसडी ओ पी शुक्ला, व्यावसायिक परीक्षा मंडल के नियंत्रक पंकज त्रिवेदी, ऑनलाइन विभाग के सर्वेसर्वा नितिन महिंद्रा पर शिकंजा कसा जा चुका है. इनकी ही मिलीभगत से भर्ती घोटाले का खेल चल रहा था.

 

आरोप है कि सिफारिश करने वालों में राज्यपाल रामनरेश यादव, उनके बेटे शैलेश यादव, ओएसडी धनराज यादव, केंद्रीय मंत्री उमा भारती से लेकर संघ के सुरेश सोनी, केसी सुदर्शन और वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं.

 

इस बीच घोटाले से जुडे आरोपियों की संदिग्ध मौत का सिलसिला भी शुरू हो गया. एमपी के राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेश यादव की भी 24 मार्च को लखनऊ में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी.

 

मामले की जांच कर रही एसटीएफ की निगरानी के लिए हाईकोर्ट ने एसआईटी बनाई है. कांग्रेस सीबीआई जांच की मांग कर रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस मामले की जांच शुरू कराने का श्रेय खुद को देते हैं. जबकि कांग्रेस घोटाले का आरोप मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर लगा चुकी है.

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Web Title: digvijay slams on shivraj singh
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