प्रधानमंत्री मोदी की राज्य सरकारों को सलाह, दस्तावेजों के सेल्फ सर्टिफिकेशन पर दें जोर 

By: | Last Updated: Friday, 1 August 2014 3:29 PM

नई दिल्ली: आम आदमी को दिक्कतों से बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दस्तावेजों के स्व-प्रमाणन पर जोर दिया है और हलफनामे के कम से कम इस्तेमाल की पैरवी की है.

 

केंद्र और राज्यों में सभी मंत्रालयों एवं विभागों से कहा गया है कि हलफनामों के स्थान पर दस्तावेजों के स्व-प्रमाणन की व्यवस्था की जाए.

 

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि राजपत्रित अधिकारियों के हस्ताक्षर के स्थान पर नागरिकों के स्व-प्रमाणन की व्यवस्था करने लिए कहा गया है.

 

स्व-प्रमाणन की व्यवस्था के तहत आखिरी चरण में दस्तावेजों की असली प्रतियां सौंपनी होंगी.

 

बीते चार जून को केंद्र सरकार के सचिवों के साथ मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक सेवा वितरण प्रणाली में सुधार और सरकारी घाटे को कम करने के बारे में बात की थी.

 

बयान में कहा गया है, ‘‘यह कदम इस दिशा में शुरूआत है. इससे लोगों को काफी फायदा होने की उम्मीद है क्योंकि वे हलफनामे नहीं बनवाने होंगे जिनकी कानूनी तौर पर जरूरत नहीं है.’’

 

 

केंद्र सरकार के सभी सचिवों, राज्यों के मुख्य सचिवों एवं केंद्र शासित प्रांतों के प्रशासकों को भेजे संदेश में प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग ने कहा है, ‘‘प्रमाणित प्रति अथवा हलफनामा हासिल करने में न सिर्फ गरीब नागरिकों का पैसा खर्च होता है, बल्कि इससे नागरिकों एवं सरकारी अधिकारियों का समय भी बर्बाद होता है.’’ विभाग ने हलफनामों एवं राजपत्रित अधिकारियों से हस्ताक्षर कराने की मौजूदा जरूरतों की समीक्षा करने और इसे स्व प्रमाणन की व्यवस्था से बदले जाने का आह्वान किया है.

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