ताश के 52 पत्तों की तरह है पीटर मुखर्जी के परिवार की कहानी

By: | Last Updated: Friday, 28 August 2015 4:30 PM
does peter mukerjea lying

नई दिल्ली: ताश के 52 पत्तों की तरह पीटर मुखर्जी के परिवार की एक ऐसी कहानी जिसमें कौन सा किरदार क्या चाल चल रहा है ये पता करना मुश्किल होता जा रहा है. इंद्राणी के पति पीटर दावा करते हैं कि शीना से जुड़ा कोई राज उन्हें नहीं मालूम था. लेकिन 24 घंटे के भीतर उनका बयान बदल भी गया. सवाल ये है कि क्या पीटर झूठ बोल रहे हैं.

 

बस समझ लीजिए कुछ ऐसी ही है पीटर मुखर्जी के परिवार की कहानी. जहां ताश के 52 पत्तों की तरह सब रहते तो साथ हैं लेकिन राजा को ही नहीं पता होता कि रानी कौन सी चाल चलने वाली है.

 

रिश्तों के रहस्य से भरे इस परिवार में पीटर मुखर्जी राजा हैं लेकिन इस राजा की दो रानियां हैं. पहली रानी का नाम शबनम है जिससे पीटर का तलाक हो चुका है. पीटर की दूसरी और सबसे चहेती रानी हैं इंद्राणी मुखर्जी. जिन पर अपनी ही बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है.

 

 

24 अप्रैल 2012 को शीना बोरा की हत्या हुई थी लेकिन तीन साल तक दो रहस्यों पर पर्दा पड़ा रहा. पहला रहस्य ये था कि शीना पढ़ने के लिए अमेरिका नहीं गई बल्कि उसकी हत्या हो चुकी है और दूसरा ये कि शीना इंद्राणी की बहन नहीं बल्कि अपनी औलाद है.

 

पीटर मुखर्जी का दावा है कि 25 अगस्त को उनकी पत्नी इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी से पहले उन्हें इन दोनों बातों के बारे में बिल्कुल भी नहीं पता ही नहीं था. एबीपी न्यूज से बात करते हुए पीटर ने ये जरूर कुबूल किया था कि उनके बेटे राहुल ने उन्हें इस बारे में बताया था लेकिन उन्होंने राहुल की बात नहीं मानी थी.

 

ताज्जुब की बात है कि पति को ये पता ही नहीं था कि पत्नी जिसे इतने सालों से बहन और भाई बताती रही वो उसके अपने बच्चे हैं. क्या पीटर इतने मासूम थे कि वो इंद्राणी की चालों को समझ नहीं पाए. हालांकि पीटर ये बात खुद मान चुके हैं लेकिन पीटर का ये झूठ पकड़ा गया.

 

इम्स नाउ चैनल से बात करते हुए पीटर ने कुबूल किया है कि उन्हें शीना ने ये बात बताई थी कि इंद्राणी उसकी मां है बहन नहीं.  पीटर ने कहा, ”शीना ने मुझे बताया था लेकिन मैंने इंद्राणी पर भरोसा किया.”

 

पीटर के झूठ की पोल खोलने वाली एक और कहानी सामने आई है. टेलीग्राफ के मुताबिक इंद्राणी की शादी के कुछ महीनों बाद साल 2003 में इंद्राणी के पिता उपेंद्र कुमार बोरा और मां दुर्गा रानी बोरा ने पीटर के नाम एक चिट्ठी लिखी थी. बोरा परिवार के एक रिश्तेदार के मुताबिक चिट्ठी में लिखा था कि

 

वो इंद्राणी की शादी से खुश हैं लेकिन उन्हें और ज्यादा खुशी होती अगर इंद्राणी के दो बच्चों शीना और मिखाइल को पालने के लिए पैसों की कुछ मदद हो जाती. परिवार चलाने में मुश्किल हो रही है

 

चिट्ठी मिलते ही इंद्राणी ने अपनी मां का फोन किया और बहुत नाराज हुई. इंद्राणी पैसे मांगने पर नाराज नहीं थी बल्कि वो इस बात से नाराज की बच्चों का सच बताने वाली चिट्ठी पीटर के दफ्तर वाले पते पर भेजी गई थी. टेलीग्राफ के मुताबिक इंद्राणी ने अपनी मां से कहा कि पीटर अब उसके बच्चों का सच जान चुका है. और वो बहुत मुश्किल से पीटर को समझा पाई है. बोरा परिवार के रिश्तेदार के मुताबिक साल 2004 में इंद्राणी पीटर के साथ गुवाहाटी गई थी

 

शीना ने दसवीं की परीक्षा पास की थी. पीटर और इंद्राणी दोनों एक होटल में ठहरे थे. दोनों बच्चे उनसे मिलकर हैरान रह गए उनकी आलीशान लाइफस्टाइल देखकर वो बच्चे अब उनकी दुनिया का हिस्सा बनना चाहते थे. सवाल ये है कि अगर ये कहानी का सच है तो पीटर सच क्यों छिपा रहे थे.

 

क्या मुखर्जी परिवार में पीटर उस राजा की तरह थे जिसे अंधेरे में रखा जाता था या फिर पीटर मुखर्जी सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे हुए थे. ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि शीना के मर्डर की कहानी के तमाम किरदारों के रिश्तों के तार पीटर मुखर्जी से जुड़े हुए हैं.

 

इस कहानी का सबसे अहम किरदार राहुल है. दरअसल राहुल पीटर मुखर्जी की पहली पत्नी शबनम का बेटा है. शीना और राहुल एक दूसरे से प्यार करते थे और शादी करना चाहते थे लेकिन पीटर और इंद्राणी को इस रिश्ते से सख्त एतराज था.

 

इंद्राणी के लिए उसके दोनों बच्चे शीना और मिखाइल ताश के इस खेल में गुलाम की तरह थे. इंद्राणी उनकी जरूरतों को पूरा करती थी और बदले में वो दोनों इस रिश्ते के सच पर चुप रहते थे. लेकिन कहानी में जब छोटे राजा यानि पीटर के बेटे राहुल की एंट्री हुई तो इंद्राणी की सारी चालें उल्टी पड़ गईं. शीना और राहुल का रिश्ता इतना आगे बढ़ चुका था कि वो मुंबई में करीब डेढ़ साल से लिव इन रिलेशन में रहने रहे थे.

 

इतना ही नहीं राहुल शीना को अपनी मां शबनम से मिलाने देहरादून भी ले गया था. जहां शीना ने सबका दिल जीत लिया था. ये ही वो देहरादून का गुले शबनम घर जहां राहुल और शीना साथ आए थे

 

राहुल को अपनी मां की तरफ से तो रिश्ते पर मंजूरी मिल गई थी लेकिन पीटर और इंद्राणी से नहीं. लेकिन राहुल और शीना की ये कहानी 24 अप्रैल को शीना के मर्डर के साथ खत्म हो गई. मर्डर के दिन भी राहुल शीना के साथ था.

 

राहुल ने पुलिस को बताया है कि घटना के दिन इंद्राणी ने शीना को डिनर पर बुलाया था. शीना ने राहुल से चलने को कहा था लेकिन राहुल ने ये कहते हुए मना कर दिया था कि मेरे इंद्राणी से अच्छे संबंध नहीं हैं, फिर राहुल ने शीना को नेशनल कॉलेज के पास ड्राप किया था. और उस दिन के बाद शीना कभी नहीं लौटी

 

पीटर के मुताबिक जब शीना की हत्या हुई वो और विधि विदेश में थे. विधि इंद्राणी के दूसरे पति संजीव खन्ना की बेटी है. इंद्राणी ने पीटर को ये बताया था कि वो मुंबई इसलिए आई है ताकि शीना को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने का इंतजाम कर सके लेकिन शीना तो किसी और दुनिया में ही चली गई.

 

इंद्राणी के ड्राइवर के अलावा शीना की हत्या में तीसरा आरोपी संजीव खन्ना है. संजीव खन्ना इंद्राणी के लिए हुकुम के इक्के से कम नहीं था जिसने इंद्राणी के परेशानी बन चुकी शीना को खत्म करने में उसका साथ दिया.

 

हालांकि अब तक ये साफ नहीं हुआ है कि संजीव खन्ना ने इंद्राणी की मदद क्यों की लेकिन मर्डर के पीछे एक थ्योरी ये भी है कि इंद्राणी के दूसरे पति संजीव ने शीना की हत्या में साथ इसलिए दिया ताकि उसकी बेटी विधि को गुवाहाटी में इंद्राणी से लेकर पीटर मुखर्जी खानदान की दौलत मिले. संजीव को डर था कि अगर राहुल और शीना की शादी हो जाएगी तो विधि का हक मारा जाएगा.

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: does peter mukerjea lying
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017