स्पेशल रिपोर्ट: एड्स से खतरनाक इबोला के क्या है लक्षण और क्या है समाधान!

By: | Last Updated: Tuesday, 12 August 2014 5:19 AM
Ebola’s dos and don’t

नई दिल्ली: एड्स से भी खतरनाक साबित हो रहे इबोला वायरस के बारे में आपको कुछ बातें जरूर जाननी चाहिए. जैसे कि इस बिमारी का नाम बिमारी की जड़ वायरस इबोल के नाम पर पड़ा है और इबोला से जुड़े मामलों में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

 

ऐसे फैलता है इबोला वायरस:

इस बिमारी ने पिछले पांच महिनों में 1000 से अधिक लोगों की जान ले ली है इसलिए आपको यह जानना बहुत जरूरी है कि यह बिमारी फैलती कैसे है.

 

बिमारी मूल रूप से चमगादड़ों से फैलती है. चमगादड़ इसे बंदरों तक पहुंचाते है और बंदर इंसानों तक. यह वायरस सबसे पहले गुएना नाम के एक देश में पाया गया था. यह बिमारी इंसानी शरीर में आंख, नाक और मुंह के जरिए अपना रास्ता बनाते हैं.

 

अफ्रिकी देश लाइबेरिया, सिएरा और लियोन आदी में भी वायरस का भरपूर कहर बरपा रहा है. नाइजीरिया भी इस वायरस के चपेट में आ चुका है. इसके प्रभाव से कई अफ्रिकी देशों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है.

 

वायरस शरीर में दाखिल होने के 21 दिन बाद असर दिखाना शुरू करता है. इबोला पीड़ित 90% फीसदी मरीजों की मौत हो जाती है. एक तरफ जहां एड्स तीन हफ्ते से 20 साल में असर दिखाता वहीं इवोला 15 दिनों में भी जानलेवा साबित होता है.

 

इस बिमारी से कैसे बचा जाए:

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस बिमारी के लिए कोई दवा मौजूद नहीं है. अब सबसे जरूरी बात यह है कि यदी दवा उपलब्ध नहीं है तो इस बिमारी से कैसे बचा जाए. तो आप यह जानकर अपना बचाव कर सकते हैं कि यह बिमारी फैलती कैसे है?

 

इबोला हवा से नहीं फैलती पर यह मरीज के संपर्क में आने जैसे उसके पसीने, खून या उसे छूने से हो सकती है. इससे बचाव का सबसे अच्छा उपाय है कि मरीज से जितनी हो सके दूरी बरती जाए. यहां तक की डॉक्टरों को भी अपना पूरा शरीर ढ़क कर ही इलाज करना चाहिए.

 

बिमारी के लक्ष्णों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द जैसे लक्ष्ण शामिल हैं. बिमारी की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) ने भी इसे विश्व आपदा घोषित कर दिया है. ऐसे में जितना हो सके आप भी सावधानी बरतें.