चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों से आमदनी का स्रोत पूछने की मांग का चुनाव आयोग ने समर्थन

चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों से आमदनी का स्रोत पूछने की मांग का चुनाव आयोग ने समर्थन

आज सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों ने 30 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए। कोर्ट ने इस आंकड़े पर हैरानी जताई।

By: | Updated: 07 Sep 2017 07:31 PM
चुनावी हलफनामे में उम्मीदवारों से आमदनी का स्रोत पूछने की मांग का चुनाव आयोग ने समर्थन किया है। हालांकि, आयोग ने कहा कि उसे अपनी तरफ से ऐसा करने का हक नहीं। इसके लिए या तो सुप्रीम कोर्ट आदेश दे या सरकार कानून बनाए। आज सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि गैर आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 2014 के लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों ने 30 हज़ार करोड़ रुपए खर्च किए। कोर्ट ने इस आंकड़े पर हैरानी जताई। एनजीओ 'लोक प्रहरी' की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि उम्मीदवार हलफनामे में जो संपत्ति बताते हैं वो चुनाव जीतने के कुछ समय बाद अक्सर काफी बढ़ जाती है। इसलिए चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार को ये भी बताना चाहिए कि उसकी संपत्ति और आमदनी का स्रोत क्या है। कल इस मामले को सुनते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर हैरानी जताई थी कि नेताओं की बढ़ी आमदनी पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा सीबीडीटी ने कोर्ट को नहीं दिया है। कोर्ट में पेश रिपोर्ट से पता चला था कि कुछ नेता ऐसे हैं जिनकी आमदनी 2 चुनावों के बीच 500 फीसदी बढ़ गई है। सुनवाई मंगलवार को जारी रहेगी। उस दिन सीबीडीटी को नेताओं के ऊपर की जा रही कार्रवाई का ब्यौरा देना है।

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