एबीपी न्यूज स्पेशल: हां.. मैंने देखी इमरजेंसी!

By: | Last Updated: Wednesday, 24 June 2015 3:24 PM
emergency in india

नई दिल्ली: कल यानि 25 जून को देश में लगी इमरजेंसी के 40 साल पूरे हो जाएंगे. 40 साल गुजर गए लेकिन उस दौर की यादें आज भी इमरजेंसी के चश्मदीदों के जहन में जिंदा हैं. आज बात बिहार के तीन बड़े राजनीतिक चेहरों की. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और मोदी सरकार में मंत्री रामविलास पासवान. हर किसी के पास किस्से हैं लेकिन सबसे पहले बात करते हैं नीतीश कुमार की.

 

हां.. मैंने देखी इमरजेंसी

मैंने इमरजेंसी देखी: वसीम बरेलवी मुशायरा तो करते थे लेकिन हर तरफ बस था खौफ का माहौल! 

64 साल के नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं नीतीश को बिहार का सुशासन बाबू भी कहा जाता है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले नीतीश ने छात्र जीवन से ही राजनीति शुरू की थी और जेपी आंदोलन में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था. पुलिस से भागे और जेल भी गए. ये इमरजेंसी के उस दौर की बात है जब नीतीश सिर्फ 24 साल के थे और इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके थे. आंदोलन से जुड़े तमाम लोग एक गया में एक खुफिया मीटिंग कर रहे थे. मीटिंग में लालू यादव भी मौजूद थे लेकिन मीटिंग की खबर पुलिस को लग चुकी थी.

 

एक बार तो किसी तरफ दीवार फांद कर भाग निकले लेकिन दूसरी बार ऐसा नहीं हुआ. पुलिस ने चारों तरफ से घेरकर बंदूक की नोंक पर नीतीश और उनके साथियों को गिरफ्तार किया था.

 

नीतीश कुमार की ये यादें तो 40 साल पहले लगी इमरजेंसी से जुड़ी हुई हैं लेकिन हाल ही में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी इमरजेंसी की आशंका जताकर तूफान खड़ा कर दिया था. नीतीश ने आडवाणी की आशंका का समर्थन किया है.

 

मैंने देखी इमरजेंसी

69 साल के राम विलास पासवान मोदी सरकार में खाद्य और आपूर्ति मंत्री हैं. बिहार की राजनीति जाना-माना चेहरा हैं. लेकिन बात आज इमरजेंसी के उस दौर की जब राम विलास पासवान 29 साल के युवा थे और लोक दल के जनरल सेकेट्री हुआ करते थे. रामविलास पासवान इमरजेंसी के चश्मदीद हैं.

 

25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगा दी थी. इमरजेंसी की खबर लगते ही पासवान को अपने घर से भागना पड़ा था. और यहां से शुरू हुई थी राम विलास पासवान की इमरजेंसी के दौरान एक शहर से दूसरे शहर तक भागते रहने की कहानी.

 

मैंने इमरजेंसी देखी? (गोपालदास नीरज)

इमरजेंसी लगने के दिन से शुरू हुई पासवान की दौड़ खत्म नहीं हुई. बिहार से लेकर नेपाल तक रामविलास पासवान बिहार के पूर्व सीएम कर्पूरी ठाकुर और तमाम साथी नेताओं के साथ या तो भागते रहे या पुलिस से बचकर बैठक में योजना बनाने में लगे रहे. पासवान पुलिस से बचते हुए जब कोलकाता पहुंचे तो वहां छिपने के लिए उन्होंने 19 बार शोले फिल्म देख डाली थी.

 

मैंने इमरजेंसी देखी

 

बेबाक बोली और अपने अलग अंदाज के लिए मशहूर आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 15 साल तक बिहार में शासन किया. 67 साल के लालू यादव को जेपी आंदोलन की उपज माना जाता है लालू की छवि आंदोलन से निकले एक एंग्री यंग मैन की थी जिसने बिहार की राजनीति बदल दी. इमरजेंसी के वक्त 27 साल के युवा लालू यादव पटना यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष हुआ करते थे. लालू की बेटी के नामकरण की कहानी भी इमरजेंसी से जुड़ी हुई है.

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