farmer die

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By: | Updated: 22 Apr 2015 12:19 PM

नई दिल्ली: देश की संसद से महज एक किलोमीटर दूर जंतर मंतर पर किसान ने की खुदकुशी. जहां पर एक किसान ने खुद फांसी लगाई वहां करीब पांच हजार लोग मौजूद थे और पांच सौ पुलिसवाले ड्यूटी पर थे.

 

जिस पेड़ के ऊपर एक किसान की जान गई उस पेड़ के पास बारह से पंद्रह पुलिस वाले थे. वो पंद्रह पुलिसवाले करीब 800 अस्थाई टीचरों को घेरकर खड़े थे क्योंकि आशंका थी कि स्थाई करने की मांग को लेकर ये टीचर हंगामा कर सकते हैं. ये अस्थाई टीचर काले झंडे लेकर रैली में आए थे. और इनसे रैली बर्बाद न हो इसके लिए पुलिस को लगाया गया था.

 

जिस पेड़ पर एक जिंदगी खत्म हो गई उस पेड़ के सामने मंच पर आम आदमी पार्टी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे. दिल्ली सरकार की कैबिनेट. पार्टी के सांसद और सैकड़ों कार्यकर्ताओं के बीच राजस्थान से आए किसान गजेंद्र ने गले में पड़े गमछे से लटककर जान दे दी. 

 

पेड़ और मंच की दूरी मुश्किल से पचास कदम की थी और पेड़ पर करीब 35 से 40 फीट ऊंचाई पर गजेंद्र लटकने की कोशिश कर रहा था. पुलिस ने फायर ब्रिगेड को मैसेज किया था कि पेड़ पर एक शख्स चढ़ा है और उसे उतारें लेकिन फायर ब्रिगेड आई ही नहीं.

 

करीब पंद्रह मिनट तक पेड़ पर गजेंद्र चढ़ा रहा और फिर उसने खुद को फांसी लगा ली. एक मिनट के भीतर ही गजेंद्र की सांसें उखड़ गई और उसने दम तोड़ दिया.

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